
आज शुक्रवार, 13 मार्च 2026 का दिन बहुत ही पवित्र और खास है। आज के दिन सुख-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी जी की पूजा का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज पवित्र चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 06:32 बजे तक रहेगी और उसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। आज रात यानी अगले दिन सुबह 03:03 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा और उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा। इसके साथ ही, आज सुबह 10:30 बजे तक व्यतीपात योग रहेगा, जिसके बाद वरीयान योग शुरू हो जाएगा। व्यतीपात योग का यह समय हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में अपने आप को शांत और सुरक्षित कैसे रखना है। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज के इस खास पंचांग की पूरी जानकारी, शुभ-अशुभ समय और जीवन की हर परेशानी को दूर करने के बेहद आसान और घरेलू उपाय विस्तार से जानते हैं।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| नवमी (सुबह 06:32 बजे तक) | पूर्वाषाढ़ा | शुक्रवार | व्यतीपात | वणिज |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 21 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 18 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | रात 03 बजकर 03 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | दोपहर 12 बजकर 56 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 41 मिनट से 05 बजकर 29 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 16 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 35 मिनट से 06 बजकर 59 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 10 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 02 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 07 बजकर 52 मिनट से 09 बजकर 24 मिनट तक |
शुक्रवार को राहु काल सुबह के समय होता है। इस दौरान किसी भी तरह की नई खरीदारी, जरूरी यात्रा की शुरुआत, या बड़े पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचना चाहिए।
चैत्र कृष्ण नवमी और दशमी का संयोग, साथ ही शुक्रवार का दिन आर्थिक स्थिति मजबूत करने और परिवार में सुख-शांति के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। शुक्रवार का दिन मुख्य रूप से मां लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की सच्चे मन से आराधना करने से जीवन में धन, वैभव और सुख की प्राप्ति होती है। शुक्रवार के दिन सफेद, गुलाबी या हल्के रंग के वस्त्र पहनना और सफेद वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। दशमी तिथि पर शुरू किए गए आर्थिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है। परिवार के साथ मिलकर पूजा-अर्चना करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
शुक्रवार के दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और व्यतीपात योग का संयोग ज्योतिषीय दृष्टि से एक मिश्रित प्रभाव देने वाला माना जाता है। व्यतीपात योग को नए कार्यों या शुभ शुरुआत के लिए थोड़ा सावधानी भरा माना जाता है; इस दौरान किसी भी जरूरी फैसले को सोच-समझ कर लेना चाहिए और वाद-विवाद से बचना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र जल तत्व और शुद्धि से जुड़ा है। यह नक्षत्र हमें सिखाता है कि बदलते मौसम में खुद को शांत कैसे रखा जाए। इस संयोग में पुराने अटके हुए काम पूरे करने, आत्म-मंथन करने और अपनी गलतियों से सीख कर आगे बढ़ने के लिए समय बहुत अनुकूल होता है।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इस शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image credit-Freepik
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।