
आज रविवार, 01 फरवरी 2026 का दिन ज्योतिष और धर्म की दृष्टि से वर्ष के सबसे प्रभावशाली दिनों में से एक है। आज माघ पूर्णिमा का महापर्व है। प्रयागराज कल्पवास का आज समापन हो रहा है। आज का दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि आज रवि पुष्य योग बन रहा है। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र का होना सोने पे सुहागा माना जाता है। यह दिन खरीदारी, इन्वेस्टमेंट और नई शुरुआत के लिए अबूझ और सर्वश्रेष्ठ है। इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र लगने से गंडमूल शुरू हो जाएगा। । यह दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों की कृपा पाने का दुर्लभ अवसर है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और इस महासंयोग का लाभ कैसे उठाएं।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| पूर्णिमा (रात 03:41 बजे तक) | पुष्य | रविवार | प्रीति | विष्टि |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 50 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 54 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | दोपहर 01 बजकर 05 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | सुबह 03 बजकर 21 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 06 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 31 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहुकाल | शाम 04 बजकर 41 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 01 बजकर 54 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03 बजकर 18 मिनट से 04 बजकर 41 मिनट तक |
रविवार को राहुकाल शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे के बीच होता है। इसलिए शाम 4 बजे के बाद कोई शुभ कार्य न करें।
शास्त्रों के अनुसार माघ पूर्णिमा पर देवता भी रूप बदलकर गंगा स्नान करने पृथ्वी पर आते हैं। आज के दिन ॐ नमो नारायणाय का जाप करते हुए स्नान करने से जाने-अनजाने हुए पाप नष्ट हो जाते हैं। आज चंद्रमा अपनी ही राशि में होकर पूर्ण बलवान हैं, जिससे मानसिक शांति मिलेगी। रविवार को पुष्य नक्षत्र का होना आयुर्वेद और धन के लिए वरदान है। आज सोना , चांदी, वाहन, जमीन या बही-खाता खरीदना अक्षय फल देता है। इस योग में खरीदी गई वस्तु कभी नुकसान नहीं देती। यदि कोई व्यक्ति बीमार है, तो आज रवि पुष्य योग में जड़ी-बूटी या दवा खरीदकर खिलाने से बीमारी जल्दी ठीक होती है।

ज्योतिष शास्त्र में रविवार सूर्य और पुष्य नक्षत्र शनि और देवगुरु का मिलन राजयोग कारक माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। यह संयोग सत्ता, सरकार और उच्च पद प्राप्ति के लिए शुभ है। आज के दिन माणिक्य रत्न धारण करना या पिता को उपहार देना सूर्य को बहुत मजबूत करता है। यह दिन असंभव को संभव करने वाली ऊर्जा रखता है। आज के दिन विवाह के लिए पुष्य नक्षत्र वर्जित माना जाता है क्यों की इसे ब्रह्मा जी के श्राप है बाकी सभी कार्यों के लिए यह अमृत समान है।
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