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Aaj Ka Choghadiya 19 February 2026: गुरुवार के दिन बन रहा है पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और शुभ योग का अबूझ मुहूर्त, जानें आज का चौघड़िया

19 फरवरी 2026 को फुलेरा दूज है, जो एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और शुभ योग का संयोग बन रहा है, जिससे सभी शुभ कार्य बिना पंचांग देखे किए जा सकते हैं। 
Editorial
Updated:- 2026-02-19, 07:23 IST

19 फरवरी 2026 आज गुरुवार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज का दिन फुलेरा दूज के पावन पर्व के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में फुलेरा दूज को एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी आज विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती, पूरा दिन ही अत्यंत शुभ है। आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसके स्वामी गुरु हैं और देवता अज एकपाद हैं। गुरुवार के दिन गुरु के ही नक्षत्र का होना ज्ञान, विवाह और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सर्वोत्तम है। साथ ही आज शुभ योग बन रहा है, जो सभी मंगल कार्यों को बिना किसी विघ्न के पूरा करने की शक्ति देता है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

फुलेरा दूज के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने फूलों से होली खेली थी। आज के दिन राधा-कृष्ण की पूजा करने और उन्हें गुलाल तथा फूल अर्पित करने से प्रेम और दांपत्य जीवन के सभी क्लेश और दोष समाप्त हो जाते हैं। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और गुरुवार के गुरु-गुरु संयोग में आज चने की दाल, केले और पीले वस्त्रों का दान करना गुरु ग्रह को अत्यंत बलवान बनाता है। जिनकी शादी में रुकावटें आ रही हैं, उनके लिए आज के दिन किया गया व्रत और पूजन चमत्कारी फल देता है।

दिन का चौघड़िया – 19 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज गुरुवार है, इसलिए दिन की शुरुआत शुभ चौघड़िया से हो रही है।
  • सूर्योदय के समय शुभ चौघड़िया का होना दिन भर सकारात्मकता रखेगा। फुलेरा दूज पर राधा-कृष्ण की पूजा, विवाह की बात पक्की करने या नए व्यापार का उद्घाटन करने के लिए यह समय बहुत उत्तम है।
  • रोग चौघड़िया में पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र की ऊर्जा इस समय बहुत तीव्र हो सकती है। शारीरिक रूप से थकान या आलस्य महसूस हो सकता है। कोई भारी काम करने से बचें।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन में थोड़ी चिंता या व्यर्थ का भटकाव हो सकता है। सरकारी कार्यों या प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में कुछ अड़चनें महसूस हो सकती हैं, इसलिए धैर्य बनाए रखें।
  • चल चौघड़िया में यह समय स्थिति को सामान्य करेगा। गुरु के नक्षत्र में चल चौघड़िया यात्रा, धार्मिक आयोजन और किसी से मिलने-जुलने के लिए यह समय बहुत ठीक है।
  • लाभ चौघड़िया में व्यापारिक कार्यों और धन लाभ के लिए यह समय अच्छा है, लेकिन गुरुवार को दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक राहुकाल रहता है। 01:52 बजे से यह चौघड़िया शुरू होगा और पूरा राहुकाल की चपेट में रहेगा। फुलेरा दूज अबूझ मुहूर्त है, फिर भी राहुकाल के दौरान बड़े इन्वेस्ट या शुभ कार्य से बचना चाहिए।
  • अमृत चौघड़िया यह आज का अति शुभ समय है। 03:00 बजे राहुकाल समाप्त होते ही अमृत चौघड़िया का पूर्ण फल मिलना शुरू हो जाएगा। शिक्षा, विवाह चर्चा और किसी भी रुके हुए काम को शुरू करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ समय है।
  • काल चौघड़िया में शाम से पहले का यह समय थोड़ा सतर्कता बरतने का है। अग्नि और बिजली के उपकरणों से जुड़े काम ध्यानपूर्वक करें।
  • शुभ चौघड़िया में इस समय दिन का समापन शुभ चौघड़िया से होगा। शाम की आरती और फुलेरा दूज की कथा पढ़ने या परिवार के साथ समय बिताने के लिए यह समय पवित्र है।

 

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
शुभ                                                06:42 बजे से 08:08 बजे तक
रोग 08:08 बजे से 09:34 बजे तक
उद्वेग 09:34 बजे से 11:00 बजे तक
चल 11:00 बजे से 12:26 बजे तक                                                
लाभ 12:26 बजे से 01:52 बजे तक
अमृत 01:52 बजे से 03:18 बजे तक
काल  03:18 बजे से 04:44 बजे तक
शुभ 04:41 बजे से 06:08 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • फुलेरा दूज और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र की रात शांति और गुरु उपासना के लिए विशेष होती है।
  • अमृत चौघड़िया सूर्यास्त के ठीक बाद अमृत योग का होना फुलेरा दूज के उत्सव और संध्या आरती के लिए वरदान है। यह समय घर में सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में मिठास लाता है।
  • चल चौघड़िया यह समय सामान्य है। भोजन करने, परिवार के साथ भविष्य की योजनाएं बनाने और आराम करने के लिए अच्छा है।
  • रोग चौघड़िया इस समय स्वास्थ्य का ध्यान रखें। गुरु के नक्षत्र में गरिष्ठ भोजन करने से पेट की समस्या हो सकती है।
  • काल चौघड़िया मध्य रात्रि का यह समय नकारात्मक ऊर्जा का हो सकता है। वाद-विवाद से दूर रहें और अपने विचारों को सात्विक रखें।
  • लाभ चौघड़िया इस समय जो विद्यार्थी, शोधकर्ता या साधक हैं, उनके लिए यह समय बहुत अच्छा है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में इस समय किया गया अध्ययन एकाग्रता बढ़ाता है।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन में चिंता या नींद में खलल पड़ सकता है। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का स्मरण करें।
  • शुभ चौघड़िया देर रात का यह समय शांतिपूर्ण है। शुभ सपनों और गहरी नींद के लिए यह समय उत्तम है।
  • अमृत चौघड़िया यह समय ब्रह्म मुहूर्त का है यह समय अत्यंत शुभ है। अगले दिन की सकारात्मक शुरुआत और ध्यान साधना के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
उद्वेग                                                06:08 बजे से 07:42 बजे तक                                              
शुभ 07:42 बजे से 09:16 बजे तक
अमृत 09:16 बजे से 10:50 बजे तक
चल 10:50 बजे से 12:24 बजे तक
रोग 12:24 बजे से 01:58 बजे तक
काल 1:58 बजे से 03:34 बजे तक
लाभ 03:32 बजे से 05:06 बजे तक
उद्वेग 05:06 बजे से 06:43 बजे तक

 

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Images: Shutterstock.com   

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