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aaj ka choghadiya 17 january 2026

Aaj Ka Choghadiya 17 January 2026: आज मासिक शिवरात्रि पर मूल नक्षत्र और व्याघात योग का बन रहा है संयोग, जानें चौघड़िया के शुभ मुहूर्त

17 जनवरी 2026 को मासिक शिवरात्रि शनिवार के दिन पड़ रही है, जो एक दुर्लभ संयोग है। इस दिन शिव पूजा से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैया के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है। मूल नक्षत्र और व्याघात योग के बावजूद, शिवरात्रि का प्रभाव शुभ रहेगा। निशिता काल में शिवलिंग पर काले तिल और जल चढ़ाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं, साथ ही पितृ और कालसर्प दोष की शांति भी होती है।
Editorial
Updated:- 2026-01-17, 07:30 IST

17 जनवरी 2026 आज शनिवार, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जिसे मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। शनिवार और शिवरात्रि का यह संयोग अद्भुत है क्योंकि शनिदेव भगवान शिव के परम भक्त और शिष्य हैं। इसलिए आज के दिन शिव पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैया के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है। आज मूल नक्षत्र का समापन और पूर्वाषाढ़ा का आरम्भ रहेगा। मूल नक्षत्र को गंडमूल माना जाता है, जो जीवन में परिवर्तन लाता है। साथ ही आज व्याघात योग बन रहा है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह योग आघात या बाधा का सूचक है,  शिवरात्रि  और शनिवार के प्रभाव  से आज इसका ज्यादा असर नहीं होगा।

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आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

मासिक शिवरात्रि पर निशिता काल या मध्य रात्रि में शिव जी के पूजन का विशेष महत्व है। आज शिवलिंग पर काले तिल और जल चढ़ाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। मूल नक्षत्र का प्रभाव होने के कारण आज की पूजा से पितृ दोष और कालसर्प दोष की शांति भी संभव है। आज महामृत्युंजय मंत्र  और ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करना अति शुभ माना जाता है।  

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
चल 06:53 बजे से 08:14 बजे तक
लाभ 08:14 बजे से 09:35 बजे तक
अमृत 09:35 बजे से 10:56 बजे तक
काल 10:56 बजे से 12:17 बजे तक
शुभ 12:17 बजे से 01:38 बजे तक
रोग 01:38 बजे से 02:59 बजे तक
उद्वेग 02:59 बजे से 04:20 बजे तक
चल 04:20 बजे से 05:41 बजे तक

दिन का चौघड़िया- 17 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

 

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  • आज शनिवार है, इसलिए दिन का शुभारम्भ काल चौघड़िया से हो रहा है।
  • काल चौघड़िया शनिवार की सुबह काल चौघड़िया से शुरू होती है। यह समय नए कार्यों के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। इस समय यात्रा टालें और केवल नित्य कर्म करें।
  • इसके बाद शुभ चौघड़िया आएगा शुभ चौघड़िया सुबह का यह समय पूजा-पाठ और शिवरात्रि की तैयारियों के लिए उत्तम है। मंदिर जाने और व्रत का संकल्प लेने के लिए यह समय अतिउत्तम है। इसके बाद सुबह के मध्य में रोग और उद्वेग चौघड़िया रहेंगे।
  • रोग चौघड़िया शारीरिक थकान या आलस्य महसूस हो सकता है। इस समय सावधान रहें।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन में बेचैनी हो सकती है। व्याघात योग के कारण इस समय किसी से उलझें नहीं, यह समय धैर्य रखने का है। दोपहर में चल चौघड़िया आएगा।
  • चल चौघड़िया यह समय सामान्य है। रुके हुए कार्यों को करने के लिए यह समय ठीक है। इसके बाद दोपहर में बाद लाभ और अमृत चौघड़िया का समय आएगा। यह शनिवार का सबसे श्रेष्ठ समय है।
  • लाभ चौघड़िया व्यापारिक कार्यों और आर्थिक फैसलों के लिए यह समय शुभ है।
  • अमृत चौघड़िया मासिक शिवरात्रि की विशेष पूजा रुद्राभिषेक या किसी बड़े काम की शुरुआत के लिए यह समय सर्वोत्तम है। दिन का अंत काल चौघड़िया से होगा।
  • काल चौघड़िया शाम के समय का अंतिम अशुभ समय है इस समय वाहन सावधानी से चलाएं।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम  समय
लाभ 05:41 बजे से 07:20 बजे तक
उद्वेग 07:20 बजे से 08:59 बजे तक
शुभ 08:59 बजे से 10:38 बजे तक
अमृत 10:38 बजे से 12:17 बजे तक
चल 12:17 बजे से 01:56 बजे तक
रोग  01:56 बजे से 03:35 बजे तक
काल  03:35 बजे से 05:14 बजे तक
लाभ  05:14 बजे से 06:53 बजे तक



 
 
 
 



रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

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  • आज मासिक शिवरात्रि है, इसलिए रात के चौघड़िये अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि शिवरात्रि की मुख्य पूजा रात में ही होती है। शाम की शुरुआत लाभ चौघड़िया से होगी।
  • प्रदोष काल में लाभ चौघड़िया का होना कई गुना फलदायक है। शिव मंदिर में दीपक जलाने और संध्या आरती के लिए यह समय अति उत्तम है। इसके बाद उद्वेग चौघड़िया आएगा।
  • उद्वेग चौघड़िया इस समय मन को एकाग्र करने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है, इस समय ध्यान किया जा सकता है। रात्रि के मध्य में शुभ और अमृत चौघड़िया का संयोग बनेगा। यह निशिता काल पूजा का समय है।
  • शुभ चौघड़िया यह समय शिवजी के मंत्रों के जाप और ध्यान के लिए बहुत पवित्र है।
  • अमृत चौघड़िया में मासिक शिवरात्रि की मुख्य पूजा, महानिशीथ काल की साधना और तंत्र सिद्धि के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है। इस समय की गई प्रार्थना सीधे भगवान स्वीकार करते हैं। देर रात चल चौघड़िया रहेगा।
  • चल चौघड़िया रात्रि जागरण करने वालों के लिए यह समय सामान्य है। इस समय अध्यन करना भी शुभ माना जाता है। इसके बाद रोग और काल चौघड़िया आएंगे।
  • रोग चौघड़िया में शरीर को विश्राम देना चाहिए क्यूंकि ये अच्छा समय नहीं माना जाता है।
  • काल चौघड़िया ये ब्रह्म मुहूर्त से ठीक पहले का यह समय तंत्र क्रियाओं के लिए माना जाता है, सामान्य जन को इस समय सो जाना चाहिए। इसके बाद सुबह लाभ चौघड़िया के साथ दिन का अंत और नए दिन की शुरुवात होगी।
  • लाभ चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त में यह समय शुभता लेकर आएगा पूजन ये समय सूर्य आराधना के लिए शुभ समय है।

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Image Credit-Freepik/ Herzindagi

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