Wed Apr 1, 2026 | Updated 01:38 PM IST HZ Awards 2026
 aaj ka choghadiya

Aaj Ka Choghadiya 17 February 2026: मंगलवार के दिन बन रहा है भौमवती अमावस्या और धनिष्ठा नक्षत्र का महासंयोग, जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

17 फरवरी 2026 को भौमवती अमावस्या, धनिष्ठा नक्षत्र और मंगलवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह दिन कर्ज मुक्ति, पितृ दोष शांति और मंगल ग्रह के दोषों को दूर करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Editorial
Updated:- 2026-02-17, 07:19 IST

17 फरवरी 2026 आज मंगलवार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या कहा जाता है। कर्ज मुक्ति, पितृ दोष शांति और मंगल ग्रह के दोषों को दूर करने के लिए यह वर्ष का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। आज धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। धनिष्ठा का अर्थ है सबसे धनवान या संगीत का वाद्ययंत्र । इसके स्वामी स्वयं मंगल हैं और देवता अष्ट वसु हैं। आज के दिन मंगलवार मंगल का दिन , धनिष्ठा मंगल का नक्षत्र और भौमवती अमावस्या का यह त्रिवेणी संयोग बन रहा है। यह संयोग आर्थिक बाधाओं को तोड़ने, संपत्ति से जुड़े विवादों को सुलझाने और जीवन में नई ऊर्जा भरने के लिए अत्यंत शक्तिशाली है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

भौमवती अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान, दान और पितरों का तर्पण करने से जन्म-जन्मांतर के पितृ दोष और कालसर्प दोष समाप्त होते हैं। धनिष्ठा नक्षत्र मंगल का है, इसलिए आज हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाना, ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करना और मीठी रोटियां गाय या कुत्तों को खिलाना कर्ज से तुरंत राहत दिलाता है। आज के दिन क्रोध और विवाद से पूरी तरह बचना चाहिए।

दिन का चौघड़िया – 17 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज मंगलवार है, इसलिए दिन की शुरुआत रोग चौघड़िया से हो रही है।
  • मंगलवार की सुबह रोग चौघड़िया से शुरू होना स्वास्थ्य के प्रति सचेत करता है। भौमवती अमावस्या के दिन सुबह उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें, लेकिन इस समय कोई नया व्यावसायिक कार्य शुरू न करें।
  • उद्वेग चौघड़िया में इस समय मन में बेचैनी या तनाव हो सकता है। धनिष्ठा नक्षत्र और उद्वेग का संयोग स्वभाव में क्रोध ला सकता है। यह समय मौन रहकर पितरों के निमित्त तर्पण और ध्यान करने के लिए उत्तम है।
  • चल चौघड़िया में स्थिति सामान्य होगी। धनिष्ठा नक्षत्र 'गति' का कारक है, इसलिए यह समय यात्रा, मार्केटिंग और किसी रुके हुए सरकारी कार्य को आगे बढ़ाने के लिए ठीक है।
  • लाभ चौघड़िया में कर्ज मुक्ति का समय भौमवती अमावस्या पर यह समय धन से जुड़े मामलों के लिए बहुत शुभ है। यदि आप किसी का कर्ज चुकाना चाहते हैं तो इस समय चुकाएं, कर्ज जल्दी उतरेगा।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है। हनुमान जी की विशेष पूजा, पितृ शांति अनुष्ठान या किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए यह समय "स्वर्ण काल" है। धनिष्ठा नक्षत्र इस समय आपके कार्यों में सफलता भरेगा।
  • काल चौघड़िया में इस समय सतर्क रहें। मशीनरी, अग्नि और वाहन से जुड़े कार्यों में सावधानी बरतें। इस समय कोई भी शुभ कार्य न करें।
  • शुभ चौघड़िया में वैसे तो यह शुभ चौघड़िया है, लेकिन मंगलवार को दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे तक राहुकाल रहता है। इसलिए इस चौघड़िया का पूरा समय राहुकाल के प्रभाव में दूषित रहेगा। शुभ कार्यों से पूरी तरह बचें।
  • रोग चौघड़िया में दिन का समापन थकान और सुस्ती के साथ हो सकता है। अमावस्या के प्रभाव से शारीरिक ऊर्जा कम महसूस हो सकती है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
रोग                                                06:44 बजे से 08:09 बजे तक
उद्वेग 08:10 बजे से 09:34 बजे तक
चल 09:35 बजे से 11:00 बजे तक
लाभ  11:00 बजे से 12:25 बजे तक                                                 
अमृत  12:25 बजे से 01:50 बजे तक
काल 01:50 बजे से 03:15 बजे तक
शुभ  03:15 बजे से 04:41 बजे तक
रोग  04:41 बजे से 06:06 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • भौमवती अमावस्या की रात तंत्र साधना, हनुमान भक्ति और पितृ दोष शांति के दीपदान के लिए जानी जाती है।
  • काल चौघड़िया सूर्यास्त के बाद का समय काल चौघड़िया के अधीन है। इस समय घर के बाहर सुनसान जगहों पर जाने से बचें। घर के दक्षिण दिशा में पितरों के नाम का सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाएं।
  • लाभ चौघड़िया में यह समय बहुत शुभ है। परिवार के साथ समय बिताने और धनिष्ठा नक्षत्र में भविष्य की कार्य योजना बनाने के लिए यह उत्तम है।
  • उद्वेग चौघड़िया मन में चिंता या पुरानी नकारात्मक बातें याद आ सकती हैं। अमावस्या की रात मन को विचलित कर सकती है, इसलिए शांत रहने का प्रयास करें।
  • शुभ चौघड़िया यह मध्य रात्रि का समय सुखद और शांतिपूर्ण है। अच्छी नींद और शुभ सपनों के लिए यह समय अच्छा है।
  • अमृत चौघड़िया यह समय गुप्त साधना, ध्यान और मंत्र सिद्धि विशेषकर बजरंग बाण या हनुमान चालीसा के लिए अद्भुत है।
  • चल चौघड़िया यह समय सामान्य है।
  • रोग चौघड़िया इस समय स्वास्थ्य का ध्यान रखें और विश्राम करें।
  • काल चौघड़िया सुबह होने से पहले का समय यात्रा के लिए वर्जित है। अगले दिन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की शुरुआत होगी।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
काल                                                 06:05 बजे से 07:41 बजे तक                                              
लाभ 07:41 बजे से 09:16 बजे तक
उद्वेग 09:16 बजे से 10:51 बजे तक
शुभ 10:51 बजे से 12:26 बजे तक
अमृत 12:26 बजे से 02:01 बजे तक
चल 02:01 बजे से 03:36 बजे तक
रोग 03:36 बजे से 05:11 बजे तक
काल 05:12 बजे से 06:44 बजे तक

 

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसे ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: Shutterstock.com   

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;