Mon Mar 2, 2026 | Updated 04:14 AM IST
aaj ka choghadiya

Aaj Ka Choghadiya 1 March 2026: पुष्य नक्षत्र और रविवार के मिलन से सिद्ध होंगे रुके हुए कार्य, जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

1 मार्च 2026 को रवि प्रदोष व्रत और रवि पुष्य योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह दिन आरोग्य, धन-संपत्ति और रुके हुए कार्यों की सिद्धि के लिए अत्यंत शुभ है। 
Editorial
Updated:- 2026-03-01, 07:24 IST

01 मार्च 2026 आज रविवार है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। रविवार के दिन त्रयोदशी और प्रदोष काल होने के कारण आज रवि प्रदोष व्रत का पावन पर्व है। आज नक्षत्रों के राजा पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। रविवार और पुष्य नक्षत्र के मिलने से आज ज्योतिष का अत्यंत दुर्लभ और महाफलदायी रवि पुष्य योग' बन रहा है। रवि प्रदोष और रवि पुष्य योग का यह त्रिवेणी संयोग आरोग्य, धन-संपत्ति, खरीदारी और रुके हुए कार्यों की सिद्धि के लिए वर्ष का सबसे शक्तिशाली दिन बन गया है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

रवि प्रदोष व्रत विशेष रूप से आयु, हेल्थ और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए किया जाता है। आज के दिन भगवान शिव और सूर्य देव की संयुक्त उपासना का विधान है। रवि पुष्य योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ और खरीदारी विशेषकर सोना, चांदी या प्रॉपर्टी अक्षय फल देती है। आज सूर्यास्त के समय शिवलिंग पर लाल चंदन मिश्रित जल और बेलपत्र चढ़ाने से असाध्य रोग नष्ट होते हैं और सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। आज आदित्य हृदय स्तोत्र और शिव चालीसा का पाठ जीवन के सभी अंधकार को मिटाकर सफलता और तेज प्रदान करता है।

दिन का चौघड़िया – 01 मार्च 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज रविवार है, इसलिए दिन की शुरुआत उद्वेग चौघड़िया से हो रही है।
  • रविवार की सुबह उद्वेग चौघड़िया से शुरू होती है। यह समय सूर्य देव की आराधना और दिन की रूपरेखा बनाने के लिए उत्तम है। हालांकि, मन में थोड़ी जल्दबाजी रह सकती है, इसलिए खरीदारी या नए काम की तुरंत शुरुआत इस समय न करें।
  • चल चौघड़िया में यह समय यात्रा, मार्केटिंग और किसी रुके हुए कार्य को आगे बढ़ाने के लिए उत्तम है। रवि पुष्य योग के प्रभाव से आज की गई व्यापारिक यात्रा सफल होगी।
  • लाभ चौघड़िया में महाखरीदारी और धन लाभ का समय: रवि पुष्य योग का असली फल इस चौघड़िया में मिलेगा। सोना , प्रॉपर्टी, वाहन या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने और नए बिजनेस डील्स करने के लिए यह समय बहुत शुभ है।
  • अमृत चौघड़िया में सर्वश्रेष्ठ समय है यह दिन का सबसे शुभ समय है। दवाइयों की खरीदारी, मेडिकल टेस्ट, किसी भी नए और महत्वपूर्ण काम को शुरू करने या देवगुरु बृहस्पति के उपाय करने के लिए यह समय अच्छा है।
  • काल चौघड़िया में दोपहर का यह समय काल चौघड़िया के अधीन है। रवि पुष्य योग होने के बावजूद इस समय कोई भी नया काम या बड़ा निवेश करने से बचें। वाहन सावधानी से चलाएं।
  • शुभ चौघड़िया में यह समय मांगलिक कार्यों, पारिवारिक चर्चा और सामाजिक मिलन के लिए उत्तम है। शोभन योग की सौम्यता इस समय आपके मान-सम्मान में वृद्धि करेगी।
  • रोग चौघड़िया में रविवार को शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तक राहुकाल रहता है। 03:20 बजे से यह चौघड़िया शुरू होगा। 03:20 से 04:30 बजे तक आप सामान्य कार्य कर सकते हैं, लेकिन 04:30 के बाद राहुकाल लगने पर शुभ कार्य पूरी तरह रोक दें।
  • उद्वेग चौघड़िया में वर्जित समय में दिन का समापन उद्वेग चौघड़िया से होगा और यह समय पूरी तरह राहुकाल के प्रभाव में है। मानसिक तनाव और वाद-विवाद से बचें।

 

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
उद्वेग                                               06:32 बजे से 08:00 बजे तक
चल 08:00 बजे से 09:28 बजे तक
लाभ 09:28 बजे से 10:56 बजे तक
अमृत 10:56 बजे से 12:24 बजे तक                                                
काल 12:24 बजे से 01:52 बजे तक
शुभ 01:52 बजे से 03:20 बजे तक
रोग 03:20 बजे से 04:48 बजे तक
उद्वेग 04:48 बजे से 06:16 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • रवि प्रदोष और रवि पुष्य योग की रात शिव कृपा और भविष्य की योजनाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।
  • प्रदोष पूजा का मुख्य समय सूर्यास्त के ठीक बाद शुभ चौघड़िया और प्रदोष काल का संयोग अद्भुत है। शिवलिंग पर जल चढ़ाने, शिव-पार्वती की आरती करने और दीपदान का यह सबसे श्रेष्ठ समय है।
  • अमृत चौघड़िया यह समय अत्यंत शुभ है। रात्रि भोजन, विश्राम और सेल्फ -स्टडी के लिए यह समय उत्तम है। शोभन योग इस समय मन को शांत और सकारात्मक रखेगा।
  • चल चौघड़िया में यह सामान्य समय है। अगले दिन के कार्यों की सूची बनाएं और सोने की तैयारी करें।
  • रोग चौघड़िया में स्वास्थ्य का ध्यान रखें। गरिष्ठ भोजन से बचें।
  • काल चौघड़िया में मध्य रात्रि का यह समय नकारात्मक ऊर्जा का हो सकता है। व्यर्थ की चिंताओं को मन पर हावी न होने दें।
  • लाभ चौघड़िया में जो विद्यार्थी, व्यापारी या शोधकर्ता जाग रहे हैं, उनके लिए पुष्य नक्षत्र का यह समय बहुत मददगार है। नई योजनाएं बनाने के लिए दिमाग तेज चलेगा।
  • उद्वेग चौघड़िया में सुबह होने से पहले मन में थोड़ी अशांति हो सकती है। गहरी सांसें लें और शांत रहें।
  • शुभ चौघड़ियामें अगले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना और योग-प्राणायाम करना आरोग्य और तेज देगा।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
शुभ                                               06:16 बजे से 07:48 बजे तक
अमृत 07:48 बजे से 09:20 बजे तक
चल 09:20 बजे से 10:52 बजे तक
रोग 10:52 बजे से 12:24 बजे तक                                                
काल 12:24 बजे से 01:56 बजे तक
लाभ 01:56 बजे से 03:28 बजे तक
उद्वेग  03:28 बजे से 05:00 बजे तक
शुभ 05:00 बजे से 06:31 बजे तक

 

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Images: Shutterstock.com   

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