
आज रविवार, 01 मार्च 2026 का दिन भगवान शिव और नवग्रहों के राजा सूर्य देव की आराधना के लिए अत्यंत विशेष है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 07:11 बजे तक रहेगी। रविवार के दिन त्रयोदशी तिथि पड़ने के कारण आज 'रवि प्रदोष व्रत' किया जाएगा। रवि प्रदोष व्रत को आयु, उत्तम स्वास्थ्य, और यश प्राप्ति के लिए बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। आज आकाश मंडल में सुबह 08:35 बजे तक पुष्य नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद अश्लेषा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही आज पूरे दिन शोभन योग का प्रभाव रहेगा, जो नाम के अनुरूप ही मांगलिक कार्यों, यात्रा और जीवन में शुभता बढ़ाने के लिए अत्यंत उत्तम होता है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त और उपाय।
आज फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि है। रविवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को रवि प्रदोष कहा जाता है। मान्यता है कि यह व्रत रखने और शाम के समय प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल अर्पित करने से दीर्घायु प्राप्त होती है और सूर्य देव की कृपा से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। जो लोग लंबे समय से किसी बीमारी से परेशान हैं, उनके लिए आज की शिव पूजा अमृत के समान है। आज सुबह 08:35 बजे तक पुष्य नक्षत्र का शुभ प्रभाव रहेगा। साथ ही पूरे दिन शोभन योग रहेगा, जो सुंदरता, आकर्षण और शुभता को बढ़ाता है। इस योग में किए गए नए कार्य, यात्राएं और आभूषणों की खरीदारी हमेशा लाभकारी सिद्ध होती है।
| तिथि नक्षत्र दिन | वार योग करण |
| त्रयोदशी (शाम 07:11 बजे तक) | पुष्य रविवार शोभन कौलव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 32 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 13 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | दोपहर 04 बजकर 15 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | सुबह 05 बजकर 40 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त (सूर्य पूजन का शुभ समय) | सुबह 04 बजकर 53 मिनट से 05 बजकर 41 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त (सूर्य पूजन का शुभ समय) | सुबह 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 53 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 53 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | शाम 04 बजकर 58 मिनट से 06 बजकर 28 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से 04 बजकर 58 मिनट तक |
रविवार को राहु काल शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे के आसपास होता है। आज प्रदोष काल की पूजा राहु काल समाप्त होने के ठीक बाद शुरू होगी, इसलिए आप निश्चिंत होकर शिव आराधना कर सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में रविवार सूर्य देव का दिन है और प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। सूर्य और शिव का यह मिलन व्यक्ति के आत्मविश्वास में गजब की वृद्धि करता है। शोभन योग इस दिन की शुभता और सकारात्मकता को कई गुना बढ़ा देता है।
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