aaj ka choghadiya 01 february 2026

Aaj Ka Choghadiya 01 February 2026: रवि पुष्य नक्षत्र, माघ पूर्णिमा और प्रीति योग का बन रहा है महासंयोग, नए काम की शुरुआत के लिए देखें आज का चौघड़िया मुहूर्त

आज 01 फरवरी का दिन ज्योतिष और आस्था, दोनों दृष्टियों से है बेहद खास है। माघ पूर्णिमा, रवि पुष्य नक्षत्र और प्रीति योग के दुर्लभ महासंयोग की वजह से यह दिन और खास हो गया है। नए काम की शुरुआत, खरीदारी, पूजा-पाठ और निवेश के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पूरा चौघड़िया मुहूर्त और शुभ-अशुभ समय।
Editorial
Updated:- 2026-02-01, 07:31 IST

01 फरवरी 2026 आज रविवार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। यह साल की सबसे पवित्र पूर्णिमाओं में से एक माघ पूर्णिमा है। आज का दिन संत रविदास जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली है क्योंकि आज रवि पुष्य योग बन रहा है। रविवार को पुष्य नक्षत्र का होना अति शुभ माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और आज यह रविवार  के साथ युति कर रहा है। यह संयोग खरीदारी विशेषकर सोना, जमीन, वाहन , नए व्यापार की शुरुआत और तंत्र-मंत्र की सिद्धि के लिए  अबूझ मुहूर्त जैसा फल देता है। साथ ही आज प्रीति योग है, जो प्रेम और सौहार्द बढ़ाता है। माघ पूर्णिमा का स्नान और रवि पुष्य की खरीदारी आज के दिन को वर्ष के सबसे शुभ दिनों में से एक बनाती है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व- माघ पूर्णिमा पर प्रयागराज  संगम  या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। आज  माघ स्नान  का अंतिम दिन है। रवि पुष्य योग में की गई खरीदारी  अक्षय होती है और घर में स्थाई लक्ष्मी का वास कराती है। आज सत्यनारायण भगवान की कथा और लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से आर्थिक संकट हमेशा के लिए दूर हो सकते हैं।

दिन का चौघड़िया- 01 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज रविवार है, इसलिए दिन की शुरुआत उद्वेग चौघड़िया से हो रही है।
  • रविवार की शुरुआत उद्वेग से होती है, लेकिन आज रवि पुष्य योग का प्रभाव इतना प्रबल है कि उद्वेग का नकारात्मक असर नगण्य हो जाएगा। फिर भी, यदि संभव हो तो महत्वपूर्ण खरीदारी 08:14 के बाद करें। यह समय माघ पूर्णिमा के स्नान और सूर्य अर्घ्य के लिए उत्तम है।
  • चल चौघड़िया पुष्य नक्षत्र में चल चौघड़िया  बहुत शुभ होता है। मंदिर जाने, दान करने या गाड़ी  खरीदने के लिए आप घर से निकल सकते हैं।
  • लाभ चौघड़िया यह समय रवि पुष्य योग का पूर्ण फल देगा। नया व्यापार शुरू करने, बही-खाता खोलने या प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए यह समय श्रेष्ठ है।
  • अमृत चौघड़िया यह आज का  सर्वश्रेष्ठ समय  है। माघ पूर्णिमा का हवन, सत्यनारायण कथा, और सोने-चांदी की खरीदारी के लिए यह समय अति शुभ  है। इस समय किया गया कोई भी शुभ कार्य असफल नहीं होता।
  • काल चौघड़िया सावधानी रखने का होता है  रवि पुष्य योग होने के बावजूद,  काल चौघड़िया  में सतर्क रहना चाहिए। इस समय कोई भी नया रिस्क न लें।
  • शुभ चौघड़िया यह समय मांगलिक कार्यों के लिए बहुत सुंदर है। विवाह की खरीदारी या सगाई की बात पक्की करने के लिए यह समय उत्तम है। प्रीति योग का प्रभाव यहाँ रिश्तों में मिठास घोलेगा।
  • रोग चौघड़िया दोपहर बाद आलस्य आ सकता है।इस समय शरीर में थोड़ी कमजोरी महसूस हो सकती है।अपना ध्यान रखें
  • उद्वेग चौघड़िया व राहुकाल रविवार को शाम  के समय राहुकाल होता है। यहाँ उद्वेग चौघड़िया भी है। इस समय रवि पुष्य योग का लाभ लेने का प्रयास न करें। कोई भी शुभ कार्य या खरीदारी इस समय वर्जित है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                     समय
उद्वेग  06:53 बजे से 08:14 बजे तक
चल  08:14 बजे से 09:35 बजे तक
लाभ  09:35 बजे से 10:56 बजे तक
अमृत  10:56 बजे से 12:17 बजे तक
काल  12:17 बजे से 01:38 बजे तक
शुभ  01:38 बजे से 02:59 बजे तक
रोग  02:59 बजे से 04:20 बजे तक
उद्वेग  04:20 बजे से 05:41 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • माघ पूर्णिमा की रात शरद पूर्णिमा की तरह ही चमकीली और ऊर्जावान होती है। यह रात माँ लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष है।
  • सूर्यास्त के बाद शुभ चौघड़िया का आना बहुत मंगलकारी है। पूर्णिमा का चंद्रोदय इसी समय होगा। चंद्रमा को अर्घ्य देने और खीर का भोग लगाने के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है।
  • अमृत चौघड़िया यह समय लक्ष्मी पूजा और श्री सूक्त के पाठ के लिए अद्भुत है। रवि पुष्य योग का प्रभाव रात तक रहेगा, इसलिए यह समय धन-धान्य की वृद्धि के उपायों के लिए चुनें।
  • चल चौघड़िया ये सामान्य समय है इस समय  परिवार के साथ समय व्यतीत करे।
  • रोग चौघड़िया इस समय पर अपने खाने का धुआं रखें स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी भी तरह का हैवीखाना न खाये।
  • काल चौघड़िया मध्य रात्रि का यह समय नेगेटिव हो सकता है। पूर्णिमा की रात को तंत्र क्रियाएं एक्टिव  होती हैं, इसलिए घर पर ही रहें।
  • लाभ चौघड़िया यह समय सड़ना का होता है जो साधक हैं, उनके लिए यह समय ध्यान और चंद्र त्राटक के लिए उत्तम है।
  • उद्वेग चौघड़िया  ये समय मानिसक भ्रम का है इस समय पर मन में थोड़ी अशांति हो सकती है।
  • शुभ चौघड़िया ये सभी तरह के कार्यो के लिए शुभ समय है। 

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम          समय
शुभ  05:41 बजे से 07:20 बजे तक
अमृत  07:20 बजे से 08:59 बजे तक
चल  08:59 बजे से 10:38 बजे तक
रोग  10:38 बजे से 12:17 बजे तक
काल  12:17 बजे से 01:56 बजे तक
लाभ  01:56 बजे से 03:35 बजे तक
उद्वेग  03:35 बजे से 05:14 बजे तक
शुभ  05:14 बजे से 06:53 बजे तक

 

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Image Credit-Freepik

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