
हिंदू धर्म में किसी भी एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है और इस दिन व्रत करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। हर महीने में दो एकादशी तिथियां पड़ती हैं, जिनमें से एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में पड़ती है। ऐसा माना जाता है कि यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दिन विष्णु जी का पूजन करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ के साथ स्नान-दान भी किया जाता है। हर महीने पड़ने वाली दोनों एकादशी तिथियां बहुत ख़ास मानी जाती हैं और उनका अलग महत्व होता है। जिस तरह से जनवरी के महीने में दो प्रमुख एकादशी तिथियां थीं, वैसे ही फरवरी में भी दो एकादशी तिथियां विजया और आमलकी एकादशी तिथि पड़ रही है, जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानते हैं इन दोनों एकादशी तिथियों की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है।
विजया एकादशी इस साल 13 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि यह व्रत शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए किया जाता है और जीवन की बाधाओं से मुक्त होने में भी मदद मिलती है।
ऐसा कहा जाता है कि विजया एकादशी ऐसे समय में आती है जब कई लोग हिंदू चंद्र वर्ष का समापन होने वाला होता है। आध्यात्मिक रूप से, यह एकादशी आंतरिक रूप से विजय, इच्छाओं, अहंकार और भय पर नियंत्रण का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन व्रत और उपवास करने वाले व्यक्ति को हर स्थान पर विजय मिलती है और शत्रुओं से भी विजय पाने में मदद मिलती है। इस दिन विष्णु जी की पूजा से व्यक्ति को सफलता जरूर मिलती है। यदि आप इस दिन पूजा के साथ विष्णु सहस्रनाम का जाप करेंगी तो और ज्यादा शुभ हो सकता है।

फरवरी के महीने में आमलकी एकादशी भी मनाई जाएगी। इस एकादशी पर आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। इस दिन मुख्य रूप से विष्णु जी के साथ आंवले के पेड़ की पूजा भी की जाती है। इस दिन किया गया पूजन सभी पापों से मुक्ति दिलाने वाला होता है।
आमलकी एकादशी का व्रत अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास की कामना में रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भक्तों को अपने पुराने पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है। इस दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को मोक्ष से मुक्ति मिलती है और किसी भी तरह की मोह माया से दूर होने में भी मदद मिलती है। इस दिन यदि कोई आंवले के वृक्ष की पूजा करता है तो उससे सभी तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होने लगती हैं और घर में सकारात्मकता का वास होता है।
यदि आप भी एकादशी का व्रत करती हैं, तो फरवरी महीने के उपवास की यह जानकारी आपके लिए लाभदायक हो सकती है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसे ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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