Fri Mar 6, 2026 | Updated 03:53 AM IST
herzindagi
women day 2026 shringar benefits for feminine hormonal balance

Women's Day 2026: सुनो सहेली! तुम्हारे श्रृंगार में छिपा है हार्मोनल बैलेंस का राज, खूबसूरती ही नहीं सेहत में भी लगाता है चार चांद

कुमकुम बिंदी हो या काजल, अगर आपको लगता है कि इनसे सिर्फ आपकी खूबसूरती बढ़ती है, तो आप गलत है। असल में महिलाओं के श्रृंगार में उनके हार्मोनल बैलेंस का राज छिपा है। कैसे ये चीजें आपकी सेहत को सुधार सकती हैं, चलिए आपको बताते हैं।  
Editorial
Updated:- 2026-03-05, 15:12 IST

साज-श्रृंगार करना भला किस महिला को पसंद नहीं होता है। खासतौर पर किसी त्यौहार या अन्य किसी खास मौके पर महिलाएं बनने-संवरने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। बिंदी से लेकर काजल और चूड़ियों तक, ये सभी चीजें लड़कियों की खूबसूरती में चार-चांद लगाती हैं, लेकिन अगर हम आपसे कहें कि इनमें आपकी सेहत का राज भी छिपा है, तो क्या आप हमारी बात पर यकीन करेंगी? अब देखिए यकीन तो आपको करना पड़ेगा, क्योंकि ऐसा हम नहीं बल्कि आयुर्वेदिक डॉक्टर कह रही हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि आपके श्रृंगार में असल में आपके हार्मोनल बैलेंस का राज छिपा है। चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कि श्रृंगार से कैसे हार्मोन्स बैलेंस हो सकते हैं? यह जानकारी डॉक्टर दीक्षा भावसार दे रही हैं। डॉक्टर दीक्षा, आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स ब्रांड द कदंब ट्री की फाउंडर और BAMS (Bachelor of Ayurveda Medicine) हैं।

महिलाओं के श्रृंगार में छिपा है हार्मोनल बैलेंस का राज

 

 

 

View this post on Instagram

A post shared by Dr Dixa Bhavsar Savaliya | Thyroid, Fertility, Hormones (@drdixa_healingsouls)

  • एक्सपर्ट का कहना है कि आयुर्वेद में ऐसा माना जाता है कि महिलाओं की हार्मोनल हेल्थ का सीधा संबंध उनके नर्वस सिस्टम, बॉडी हीट और अपन वायु यानी उस एनर्जी के बैलेंस से होता है, तो पीरियड्स और रिप्रोडक्टिव बैलेंस के लिए जरूरी है।
  • ऐसे में आपका श्रृंगार इन सभी चीजों को बैलेंस करके हार्मोन्स हेल्थ को सुधार सकता है। कुमकुम बिंदी माथे के अजन क्षेत्र में वगाई जाती है और इसकी वजह से स्ट्रेस कम होता है और इमोशंस में उतार-चढ़ाव नहीं होता है। ये तनाव को कम करके मेंस्ट्रुअल हेल्थ को सुधारने में मदद करती है।
  • पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए काजल की तासीर ठंडी होती है। हमारी आंखे पित्त दोष से जुड़ी होती हैं। ऐसे में काजल लगाने से सिरदर्द और चिड़चिड़ापन कम हो सकता है। इतना ही नहीं, पीरियड्स से पहले शरीर में बढ़ रही हीट को कम करने में भी ये मदद करता है।
  • पर्ल ज्वैलरी भी ठंडी और दिमाग को शांत करने वाली मानी जाती है। जिन महिलाओं को अक्सर चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स या बॉडी हीट परेशान करती है, उन्हें इसे जरूर पहना चाहिए। ये पीएमएस के लक्षणों को भी बैलेंस कर सकती है।

यह भी पढ़ें- हर महिला की डाइट में शाम‍िल होने चाहिए ये 10 फूड्स, डॉक्‍टर ने बताया Gut Health के ल‍िए हैं जरूरी

bangles health beneftis

  • चूड़ियों से कलाई पर हल्का प्रेशर पड़ता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।
  • नाभि के नीचे अगर आप चांदी के गहने पहनती हैं, तो इससे हैवी ब्लीडिंग कम हो सकती है। साथ ही, शरीर की अतिरिक्त हीट भी दूर होती है और पीएमएस के लक्षण कम होते हैं।
  • वहीं नाभि से ऊपर सोने से गहने पहनना फायदेमंद होता है। इससे शरीर को ताकत और पोषण मिलता है।
  • एक्सपर्ट का कहना है कि पारंपरिक तौर से ऐसा माना जाता है कि नथ रिप्रोडक्टिव हेल्थ को बैलेंस करती है।
  • सिंदूर और मांग टीका भी हार्मोनल और इमोशनल बैलेंस में मदद करता है।

यह भी पढ़ें- डॉक्टर सोनू से जानें वजाइनल हेल्थ का ख्याल रखने का सही तरीका, हर महिला को पता होना चाहिए इंटिमेट हाइजीन से जुड़े 5 जरूरी सवालों के जवाब

 

एक्सपर्ट का कहना है कि महिलाओं के श्रंगार में असल में उनकी सेहत का राज छिपा है। हर जिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit:Freepik

 

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।