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अनियमित पीरियड्स की समस्या से छुटकारा: आयुर्वेद के इन उपायों से रेगुलर होगी साइकिल

अगर आपके पीरियड्स अक्सर अनियमित हो जाते हैं, तो इसके पीछे शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस हो सकता है। इसके अलावा, स्ट्रेस और अनियमित जीवनशैली समेत कई वजहों से पीरियड्स डिले हो जाते हैं। एक्सपर्ट के बताए इन उपायों से साइकिल रेगुलर होगी।
Editorial
Updated:- 2026-03-11, 00:32 IST

पीरियड्स के अनियमित होने की दिक्कत से कई लड़कियां परेशान रहती हैं। कई बार पीरियड्स एक हफ्ते तो कभी-कभी दस दिन डिले हो जाते हैं। पीरियड्स का कभी-कभार डिले होना बेशक नॉर्मल है, लेकिन अगर आपके पीरियड्स लगभग हर महीने डिले हो जाते हैं या आपकी साइकिल अनियमित ही है, तो आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये साफतौर पर इस बात की तरफ इशारा करता है कि आपकी डाइट, लाइफस्टाइल और हार्मोन्स में कुछ गड़बड़ी है। असल में पीरियड्स आपकी हार्मोनल हेल्थ का रिपोर्ट कार्ड होते हैं। पीरियड्स को नियमित करने में एक्सपर्ट के बताए ये टिप्स मदद कर सकते हैं। चलिए इनके बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानते हैं। यह जानकारी डॉक्टर दीक्षा भावसार दे रही हैं। डॉक्टर दीक्षा, आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स ब्रांड द कदंब ट्री की फाउंडर और BAMS (Bachelor of Ayurveda Medicine) हैं।

सूर्य नमस्कार

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सुबह की शुरुआत सूर्य नमस्कार के साथ करें। शुरुआत में 3-4 राउंड करें और फिर धीरे-धीरे 12 राउंड तक करें। इससे पेल्विक ऑर्गन्स में सर्कुलेशन बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। हार्मोनल रिदम को बैलेंस करने में भी सूर्य नमस्कार फायदेमंद है।

12 घंटे की फास्टिंग करें

 

 

 

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डिनर और ब्रेकफास्ट के बीच कम से कम 12 घंटे का गैप रखें। उदाहरण के तौर पर आपने ब्रेकफास्ट रात को 8 बजे किया है, तो नाश्ता सुबह 8 बजे करें। इससे इंसुलिन बैलेंस होती है और सर्कैडियन रिदम यानी शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक बैलेंस होती है। ये दोनों ही चीजें पीरियड साइकिल को बैलेंस करने के लिए जरूरी हैं।

रात को 11 बजे से पहले सो जाएं

हार्मोनल रिपेयर और डिटॉक्सिफिकेशन के लिए गहरी नींद बहुत जरूरी है। देर रात तक जागने से पीरियड साइकिल इंबैलेंस होती है। ऐसे में 10-11 बजे के बीच सोने की कोशिश करें।

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न्यूट्रिशन से भरपूर खाना खाएं

आयुर्वेद के लिहाज से डाइजेशन का मजबूत होना हार्मोन्स को बैलेंस करता है, इसलिए घर का बना ताजा खाना खाएं और प्रोसेस्ड फूड्स को अवॉइड करें। ठंडे और पैकेज्ड फूड को भी बिल्कुल न खाएं। इनसे पाचन खराब होता है।

सीड साइकिलिंग

मेंस्ट्रु्ल साइकिल के अलग-अलग फेज के हिसाब से सीड साइकिलिंग बहुत जरूरी है। इससे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स बैलेंस होते हैं। शरीर को न्यूट्रिशन देने और हार्मोनल बैलेंस के लिए यह एक आसान तरीका है।

 

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एक्सपर्ट का कहना है कि पीरियड्स को नियमित बनाने में ये टिप्स मदद कर सकते हैं। हर जिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
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Image Credit:Freepik

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