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भारत के इस स्टेशन पर रविवार को नहीं बजता ट्रेन का हॉर्न, नाम और वजह जान पड़ जाएंगे सोच में

देश-दुनिया की आधे से ज्यादा आबादी ट्रेन से सफर करना पसंद करती हैं, लेकिन आज भी बहुत से लोग ऐसे हैं, जो ट्रेन से जुड़े हैरान करने वाली चीजों से अनजान है। आज के इस लेख में हम ऐसे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां रविवार को हॉर्न नहीं बजता है।
Editorial
Updated:- 2026-01-06, 16:42 IST

देश-दुनिया की आधे से ज्यादा आबादी ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं। यह पब्लिक ट्रांसपोर्ट न केवल सस्ता बल्कि कम समय में पहुंचा देता है। स्टेशन पर पहुंचते ही ट्रेनों का शोर और हॉर्न की आवाजें सामान्य बात हैं, लेकिन अगर आपसे कोई यह कहें कि एक स्टेशन ऐसा है, जहां रविवार के दिन ट्रेन का हॉर्न नहीं बजता है। यकीनन ये बात आपको थोड़ी अजीब लगे, लेकिन यह सच है। एक और बात बता दें कि यह स्टेशन कहीं और नहीं बल्कि भारत में भी है। आज के इस लेख में हम आपको इस स्टेशन का नाम और इस घटना के होने के पीछे की वजह के बारे में बताने जा रहे हैं।

किस स्टेशन पर रविवार को नहीं बजता है हॉर्न?

Unique railway stations India

भारत का यह इकलौता स्टेशन, जहां पर रविवार को ट्रेन का हॉर्न नहीं बजता है वह स्टेशन पश्चिम बंगाल में स्थित है। हालांकि इस स्टेशन का कोई भी आधिकारिक नाम नहीं है। सीधे शब्दों में कहें, तो यह बिना नाम का स्टेशन है। यह वर्धमान शहर से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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इस स्टेशन का कोई ऑफिशियल नाम क्यों नहीं?

अगर लिखे लेख को पढ़ने के बाद यकीनन आपके मन में सवाल आया होगा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि इस स्टेशन का आधिकारिक नाम हो। बता दें कि इस स्टेशन का नाम न होने के पीछे की वजह बांकुड़ा-मासा ग्राम रेलवे लाइन पर रैना और रैना नगर गांवों के बीच स्थित स्टेशन एरिया है, जो दोनों गांवों के बीच विवाद है।

दो सीमाओं पर बंटा रेलवे स्टेशन कौन-सा है?

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ऊपर के लेख में एक ऐसे स्टेशन के बारे में बताया जहां रविवार को हॉर्न नहीं बजता है। वहीं अब हम आपको एक ऐसे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दो अलग-अलग राज्यों की सीमाओं में आता है। इस स्टेशन का नाम नवापुर रेलवे स्टेशन है।

यह अनोखा रेलवे स्टेशन गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। यहां जब भी किसी ट्रेन की घोषणा की जाती है, तो वह मराठी और गुजराती भाषा में की जाती है। बता दें कि इस स्टेशन का टिकट काउंटर महाराष्ट्र में पड़ता है, जबकि स्टेशन मास्टर का ऑफिस गुजरात में है।

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Image Credit- Freepik


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