
अब ऐसे में जब भी पेन के सामान्य कीमत की बात आती है, तो 5, 10 बहुत ज्यादा 20-25 रुपये दिमाग में आता है। वहीं अगर फैंसी पेन की बात करें, तो हम बहुत ज्यादा 50 रुपये की पेन खरीदते हैं। इन सभी पेन की केवल पेपर पर लिख सकते हैं। अगर इससे किसी पत्थर, टाइल्स या फिर कांच पर लिखने के लिए कहा जाए, तो हम साफ इंकार कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं दुनिया में एक ऐसी पेन है, जिसकी मदद से आप न केवल कागज कांच, ईट-पत्थर, टाइल्स पर ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष में भी बिना जीरो ग्रेविटी के भी फर्राटे से लिख सकता है? यह बात जानने के बाद यकीनन आप गूगल, जेमिनी या फिर चैट जीपीटी पर सर्च करने लगे होंगे। नीचे लेख में जानें इस पेन की कीमत और क्या है इसका नाम?

बिना ग्रेविटी के लिख पाना मुश्किल है, लेकिन दुनिया में एक ऐसी पेन है, जिसकी मदद से आप जीरो ग्रेविटी के भी आसानी से लिख सकती हैं। अब दिमाग में यह सवाल आ रहा होगा कि यह कौन सी पेन है?
इस पेन का नाम AG7 Astroaut Fisher Space Pen है। इसे 1960 के दशक में पॉल सी. फिशर ने बनाया था। उस समय एक अफवाह उड़ी थी कि नासा ने अंतरिक्ष में लिखने के लिए लाखों डॉलर खर्च कर यह पेन बनाया, जबकि रूसियों ने पेंसिल का इस्तेमाल किया।
असलियत यह है कि पॉल फिशर ने अपने निजी खर्च से लगभग 10 लाख डॉलर से इसे बनाया और बाद में नासा ने इसे टेस्ट करने के बाद $6 प्रति पेन की दर से खरीदा था।
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साधारण पेन गुरुत्वाकर्षण की मदद से स्याही नीचे गिराते हैं, लेकिन फिशर स्पेस पेन में नाइट्रोजन गैस से भरा एक प्रेशराइज्ड कार्ट्रिज होता है।
यह पेन -35°C की जमा देने वाली ठंड से लेकर 120°C की झुलसा देने वाली गर्मी में भी काम करता है। यह पेन ग्रीस, तेल, गीले कागज और यहां तक कि चिकने पत्थरों पर भी चल सकता है।
इस पेन के मॉडल को लेकर ऐसा दावा किया जाता है कि Infinium मॉडल एक औसत व्यक्ति के लिए उम्र भर चलेगा, इसकी स्याही कभी खत्म नहीं होगी।

अगर आप इस पेन की खासियत जानने के बाद इसे खरीदने का प्लान कर रही हैं, तो इसके साधारण मॉडल (Bullet Pen) की कीमत भारत में लगभग 3,000 से 5,000 रुपये के बीच शुरू होती है। वहीं, इसके प्रीमियम और कस्टमाइज्ड मॉडल जैसे Infinium या Limited Edition की कीमत 20,000 से 80,000 हजार रुपये तक जा सकती है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि एस्ट्रोनॉट स्पेस में पेंसिल का यूज नहीं करते हैं। पेंसिल की नोक ग्रेफाइट की बनी होती है। ग्रेफाइट बिजली का बहुत अच्छा कंडक्टर होता है और अत्यधिक ज्वलनशील भी।
अंतरिक्ष यान के छोटे और ऑक्सीजन वाला माहौल में, ग्रेफाइट का एक छोटा सा कण भी शॉर्ट सर्किट या आग लगने का कारण बन सकता है।
पेंसिल से लिखते समय अक्सर उसकी नोक टूट जाती है या बारीक डस्ट निकलता है। अर्थ पर यह गिरने पर नीचे बैठ जाता है, लेकिन जीरो ग्रेविटी में ये छोटे कण हवा में तैरने लगते हैं।
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