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Turkman Gate Delhi: कौन थे शाह तुर्कमान जिनके नाम पर मुगल बादशाह ने इस गेट का रखा था नाम? जानें दिल्ली के इस ऐतिहासिक दरवाजे की पूरी कहानी

Turkman Gate: तुर्कमान गेट अचानक से इसलिए चर्चा में आ गया है, क्योंकि बीती रात गेट के पास बसे अवैध निर्माण के हिस्से को हटाने के लिए एमसीडी की टीम बुलडोजर और ट्रक लेकर पहुंच गई थी।
Editorial
Updated:- 2026-01-08, 17:50 IST

Faiz ilahi Masjid: तुर्कमान गेट को लेकर दिल्ली में तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। तुर्कमान गेट के पास मस्जिद से सटे अतिक्रमण को हटाने के विरोध में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं। ऐसे में आस-पास के शहरों के लोग इस गेट के बारे में सर्च कर रहे हैं। आखिर यह गेट कहां बना है और किसने बनवाया था, लोग यह भी जानना चाह रहे हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस गेट के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

तुर्कमान गेट का निर्माण कैसे हुआ था? (Turkman Gate History)

इस गेट का इतिहास मुगल काल से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि मुगल शासक शाहजहां द्वारा इस गेट का निर्माण किया गया था। कहा जाता है कि उस समय शाहजहां ने कई जगहों पर अलग-अलग गेट बनवाए थे। लगभग 14 गेट का निर्माण उस समय किया गया था, जिसमें से एक तुर्कमान गेट भी था। दिल्ली के चारों तरफ सुरक्षा की दृष्टि से गई गेट बनवाए गए थे । इसमें दिल्ली गेट, लाहौरी गेट, मोरी गेट और अजमेरी गेट जैसे गेट शामिल हैं।

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तुर्कमान गेट का नाम कैसे पड़ा? (Who is Hazrat Shah Turkman Bayabani)

दरअसल, तुर्कमान गेट के बनने से पहले वहां सूफी संत हजरत शाह तुर्कमान बयाबानी की दरगाह थी। गेट के पास ही यह दरगाह बनी हुई थी। इसी चलते इस गेट का नाम उनके नाम पर रख दिया गया। माना जाता है कि इतिहासकारों के हिसाब से उनकी कब्र करीब 1250 ईस्वी में यहां पर ही बनी थी। तुर्कमान गेट का नाम उनके नाम पर ही रखा गया है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण, यहां लगने वाला मेला है। हजरत शाह तुर्कमान बयाबानी की बरसी पर मेला लगता है। मेले के दौरान यहां हजारों लोग इकट्ठा होते हैं।

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क्यों चलाया जा रहा है बुलडोजर?

आपको यह बात जानकर हैरानी होगी की बुल्डोजर चलने कि घटना यहां पहली बार नहीं हुई है। इसके पहले साल 1976 में संजय गांधी ने गेट के पास बसी बस्तियों को हटाने का आदेश दिया था। वह चाहते थे कि तुर्कमान गेट से जामा मस्जिद साफ दिखे। उस समय कई लोगों की मौत हुई थी। तुर्कमान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एक बार फिर बुलडोजर चलाने और अवैध निर्माण हटाने के आदेश दिए गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद लोगों को यहां से हटाने का फैसला किया गया है।

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आदेश के अनुसार, मस्जिद के पास करीब 39 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण है, जिसे हटाने को कहा गया है। मस्जिद समिति इस जमीन पर अपना हक जता रही है। उनका कहना है कि पहले यहां कब्रिस्तान था।

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Image Credit- jagran, freepik

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