
इस साल 18 फरवरी 2026 से रमजान का महीना शुरू होने जा रहा है। इस्लाम धर्म के अनुयायियों में यह समय सब्र, शुक्र और मोहब्बत का महीना माना जाता है। जैसे ही चांद दिखाई देता है, तब से रमजान की शुरुआत मानी जाती है। इस पूरी महीने में मस्जिदों में इबादत की रौनक बढ़ जाती है। यह महीना लोगों को अपने रब के करीब लाने के साथ-साथ अपनों को करीब लाने का पर्व माना जाता है। इफ्तार के वक्त जब पूरा परिवार एक साथ दरी या डाइनिंग टेबल पर बैठता है, तो यह पल रिश्तों को और भी मजबूत बनाता है। हालांकि, कई लोग हैं, जो इस महीने में अपनों से दूर होते हैं। दूर शहरों में काम के चलते परिवार से दूर लोगों के लिए यह महीना अकेले मनाना मुश्किल लगता है। इसलिए, वह विशेज और कोट्स के जरिए अपनों से कनेक्ट होते हैं। कुछ लोग रमजान के कोट्स और शायरी को अपने स्टेटस में भी लगाते हैं, ताकि अपनों से जुड़े रहें। आज के इस आर्टिकल में हम कुछ खास रमजान शायरी और विशेज लेकर आए हैं, जिसे आप अपनों को शेयर कर सकते हैं।
1- दुआ है रब से बस इतनी आज,
आपकी हर सुबह ईद जैसी खास हो।
चांद की रौशनी से सजी ये रात है,
खुशियों की सौगात हर एक के साथ है,
Ramadan Mubarak.

2- रहे सलामत आपका हर अरमान,
मीठी सी सेवइयों की मिठास रहे।
हर चेहरे पर खुशियों की आस रहे,
ईद का दिन आपके पास रहे।
रमजान मुबारक!
3- रमजान की इबादत रंग लाई है,
आज खुशियों की बहार आई है,
खुदा करे हर ख्वाहिश हो पूरी,
आपके दर पे ईद मुस्कुराई है।
Ramadan Mubarak!
4- ना रहे कोई गम किसी के पास,
हर घर में बस ईद का नाम हो।
दिल से दिलों का ये पैगाम हो,
खुशियों का हर तरफ इंतजाम हो,
रमदान मुबारक!
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5- दुआ है रब से आपके लिए,
हर पल में बरकत समाई है।
चांद ने अपनी चांदनी बिखेरी है,
ईद खुशियों की सौगात लायी है,
रमजान मुबारक!

6- सेवइयों की खुशबू महके हर घर,
रहे मोहब्बत का साया हर दर,
आपको मिले खुशियां बेहिसाब,
ना आए कभी कोई गम उधर।
रमजान मुबारक!
7- खुदा करे हर दिन हो रौशन,
आपका मुकद्दर रहे चमकता मिला।
इबादतों का मिला है सिला,
दिलों में फिर से नूर खिला,
रमदान मुबारक!
8- नूर-ए-चांद से रौशन हो जहां,
हर दिल में बस जाए अरमान,
आपके जीवन में खुशियां बरसें,
हर दिन बने ईद का त्योहार।
Ramadan Mubarak.
9- रोजों की बरकत से झुका है हर सर,
रब ने फिर से करम फरमाया है।
रमजान का महीना रहमतें लाया है,
हर दिल में सुकून का उजाला छाया है।

10- रमजान का ये पाक महीना,
हर गुनाह से हमें बचाता है।
इबादत में जो सुकून मिलता है,
वो कहीं और कहां मिलता है,
11- कबूल हो जाए हर एक दुआ,
ऐसा हो रमजान का हर दिन-ओ-शाम।
सेहरी की रौनक, इफ्तार की बहार,
हर तरफ दिखता है नूर अपार,
12- रमजान में जो झुके खुदा के आगे,
उस पर होती है रहमतों की बरसात।
तौबा का दर खुला है आज,
बरकतों का है ये आगाज,
13- रमजान का महीना कहता है,
दिल को पाक और साफ रखो।
रोजा रखो तो सब्र भी साथ रखो,
दुआ में अपने हाथ रखो।
14- रोजा रखकर जो सब्र निभाते हैं,
वो खुदा के और करीब आते हैं,
भूख-प्यास में भी जो शुक्र करें,
वो जन्नत का मुकाम पाते हैं।
15- रोजे की हालत में दिल साफ हो जाता है,
हर गुनाह से इंसान खौफ खाता है,
रब की इबादत में जो दिल लग जाए,
वो बंदा खास बन जाता है।

17- सब्र और शुकर का ये है पैगाम,
रोजा हमें इंसानियत सिखाए।
भूख और प्यास सहकर जो मुस्कुराए,
वो ही रोजे का असली हक निभाए,
17- रोजा सिर्फ भूखा रहना नहीं,
ये दिल को भी पाक बनाता है,
जो सच्चे दिल से रखे इसे,
उस पर रब रहमत बरसाता है।
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