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Ram Navami 2024: रामनवमी के लिए तैयार है अयोध्या नगरी, जानिए कैसे किया जाएगा रामलला का सूर्याभिषेक?

राम नवमी के अवसर पर अयोध्या राम मंदिर की तैयारियां जोरों पर है। इस दिन रामलला का खास सूर्य अभिषेक किया जाने वाला है। तो चलिए जानते हैं इसकी पूरी विधि।
Editorial
Updated:- 2024-04-15, 13:22 IST

राम नवमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। यह हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 17 अप्रैल, दिन बुधवार को है। इसी के साथ अयोध्या के राम मंदिर में भी जमकर तैयारियां चल रही हैं। इस साल रामलला के जन्मोत्सव पर उन्हें सूर्य तिलक लगाकर सूर्य अभिषेक किया जाएगा। रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेगी, जिससे उनका सूर्य तिलक भी होगा। लेकिन यह कैसे संभव है और इसके लिए क्या-क्या तैयारियां हो चुकी हैं आदि सभी चीजों के बारे में जानेंगे। इसके अलावा, इस आर्टिकल के माध्यम से आपको सूर्य अभिषेक की पूरी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी।

क्या है सूर्य अभिषेक?

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सनातन धर्म में सूर्य को अत्यंत ऊर्जावान और समस्त ग्रहों का राजा माना जाता है। ऐसे में जब देवता अपनी रहली किरण से भगवान का अभिषेक करते हैं, तो उसकी आराधना में देवत्व का भाव जाग जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को ही सूर्य अभिषेक कहते हैं। दरअसल, मर्यादा पुरुषोत्तम राम जन्म से सूर्यवंशी ते और उनके कुल के देव भी भगवान सूर्य ही थे। ऐसी मान्यता है कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को दोपहर 12 बजे ही भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। उस वक्त सूर्य भी अपने पूर्ण प्रभाव में थे।

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रामलला का कैसे होगा सूर्य अभिषेक?

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रामनवमी पर 4 मिनट तक सूर्य तिलक का आयोजन होना है। इसके लिए राम मंदिर में कई सारे उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें, इस दिन करीब 12 बजे ऑप्टो मैकेनिकल सिस्टम की मदद से सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर डाली जाएगी। इसके लिए तैयारियां हो चुकी है। मंदिर के भूतल में दो दर्पण और एक लेंस लगाया गया है। सूर्य की रोशनी दूसरे तल पर लगे तीन लेंस और 2 दर्पणों से होते हुए भूतल पर लगाए गए आखिरी दर्पण पर पड़ेगी। इसी दौरान परावर्तित होने वाली किरणों से मस्तक पर तिलक का आकार बनेगा। बता दें, प्रभु रामलला के ललाट को 75 मिलीमीटर की सूर्य किरण से प्रकाशित किया जाएगा। यह देखने में एक अद्भुत नजारा हो सकता है। 

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