
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के राशि परवर्तन का समय होता है, इसलिए इस दिन विशेष रूप से सूर्य देव की पूजा की जाती है। यही नहीं इस दिन सूर्य को अर्घ्य देना और कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन विशेष विधि और नियम से सूर्य मंत्र का जाप करते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य देने से जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष के द्वार खुलते हैं। यही नहीं मंत्रों का जाप करने से चारों तरफ का वातावरण भी शुद्ध होता है। मकर संक्रांति पर सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए सबसे पहले स्नान आदि से मुक्त होकर पीले वस्त्र धारण करें और तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें कुमकुम, अक्षत और तिल मिलाएं। इसके साथ ही आप अर्घ्य में लाल फूल डालें और फिर सूर्य देव को जल अर्पित करें। इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी और इस दिन सही विधि से सूर्य को अर्घ्य देने से पूजा के पूर्ण फल मिलते हैं। वहीं कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से आपको इसका पूर्ण लाभ भी मिलता है। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें कि मकर संक्रांति के दिन आपको सूर्य को अर्घ्य देते समय कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए।
मकर संक्रांति पर सूर्य को अर्घ्य देने के साथ आपको एक विशेष मंत्र का जाप करना चाहिए। आइए उसके बारे में जानें-
ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते |
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं नमोस्तुते ||
ॐ अर्घ्यं गृहाण देवेश गन्धपुष्पाक्षतैः सह |
करुणां कुरु में देव गृहाणार्घ्यं नमोस्तुते ||
ॐ अकाल मृत्यु हरण सर्वव्याधि विनाशनं |
सूर्य पादोदकं तीर्थं जठरे धारयाम्यहं ||
|| सूर्य अर्घ्य मंत्र समाप्तः ||
यह भी पढ़ें- मकर संक्रांति के दिन शाही स्नान के बाद करें इन चीजों का दान, जानें महत्व
यदि आप यहां बताए 12 मंत्रों में से किसी एक मंत्र का जाप सूर्य को अर्घ्य देते समय करती हैं, तो यह आपके लिए बहुत शुभ हो सकता है।
अर्थ- इस मंत्र का अर्थ है जो चिंतन से परे हैं, जिनका पूर्ण स्वरूप मन से नहीं जाना जा सकता।

अर्थ- यह मंत्र सूर्य की महिमा को बताता है जिसका अर्थ है-अरुण वर्ण वाले, जिनके सारथी अरुण देव हैं वो उषाकाल के स्वामी हैं।
अर्थ- आप पंचमहाभूतों के मूल कारण, सृष्टि के आदि तत्व हैं।
अर्थ- सूर्य देव धन, ऐश्वर्य और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं, मैं उन्हें नियमित नमन करता है।
अर्थ- तेजस्वी, प्रकाश फैलाने वाले, प्रकाश के अधिपति आपको नमस्कार है।
अर्थ- सूर्य देव शांति और संतुलन देने वाले, सभी कष्टों को शांत करने वाले।
अर्थ- सूर्यदेव देवताओं के राजा समान शक्तिशाली और श्रेष्ठ हैं, उन्हें नमस्कार है।
अर्थ- अदिति के पुत्र, सभी देवताओं में प्रधान सूर्य देव हैं, उन्हें नमस्कार है।
अर्थ-जो सभी रोगों, पापों और बाधाओं का नाश करते हैं, वो सूर्य देव हैं, उन्हें नमस्कार है।
अर्थ-हजारों किरणों से युक्त, संपूर्ण ब्रह्मांड को प्रकाशित करने वाले सूर्य देव को नमस्कार है।
अर्थ- ब्रह्म स्वरूप, जगत को प्रकाशित करने वाले दिव्य प्रकाश वाले सूर्य देव को नमस्कार है।
अर्थ- सदा विजयी, अंधकार और अज्ञान पर विजय पाने वाले सूर्य को नमस्कार है।

ऐसा माना जाता है कि यदि आप मकर संक्रांति के दिन सूर्य को अर्घ्य देते समय मंत्रों का जाप करती हैं तो आपको मानसिक शांति मिलने के साथ सूर्य की पूर्ण ऊर्जा का फल मिलता है और सूर्य की पूजा का पूर्ण फल मिलता है। मकर संक्रांति के दिन से सूर्य देव अपनी पूर्ण ऊर्जा समेटे हुए होते हैं, इसलिए इस दिन मंत्रों के जाप का फल कई गुना बढ़ जाता है।
यह भी पढ़ें- Makar Sankranti Daan 2026: मकर संक्रांति पर राशि अनुसार करें इन चीजों का दान, पूरे साल नहीं होगी अन्न-धन की कमी
यदि आप भी मकर संक्रांति के दिन यहां बताए सूर्यमंत्रों का जाप करेंगी तो आपको इसके बहुत अच्छे फल मिल सकते हैं और सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है।
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसे ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: Shutterstock.com
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।