
Makar Sankranti 2026 Kite Flying Safety Tips: मकर संक्रांति का त्योहार और आसमान में लहराती रंग-बिरंगी पतंगें एक-दूसरे के पूरक हैं। जैसे ही सूर्य उत्तरायण होते हैं, छतों पर वो काटा, ले काटा का शोर सुनाई देने लगता है। पतंगबाजी केवल एक खेल नहीं, बल्कि आनंद और स्फूर्ति का प्रतीक है। हालांकि, इस उत्साह के बीच सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही न केवल हमारे लिए बल्कि दूसरों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है।
ऐसे में मकर संक्रांति 2026 पर पतंग उड़ाते समय कुछ सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं। इस लेख में आज हम आपको कुछ बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे ध्यान रखकर आप खुद को और अपने परिवार के सदस्य को पंतगबाजी के दौरान होने वाली दुर्घटना से बचा सकते हैं।

पतंग उड़ाने के लिए कभी भी चाइनीज मांझे या प्लास्टिक मांझे का उपयोग न करें। यह न केवल इंसानों के लिए खतरनाक होता है, बल्कि बेजुबान पक्षियों के लिए भी खतरा बन जाता है। पतंग उठाने के लिए हमेशा सूती सद्दी का प्रयोग करें। इससे किसी को चोट लगने या घायल होने का खतरा भी बहुत कम रहता है।
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पतंग उड़ाते समय अक्सर हमारा ध्यान आसमान की ओर होता है, जिससे हम छत की मुंडेर या किनारों को भूल जाते हैं। छोटे बच्चों को कभी भी अकेले छत पर पतंग न उड़ाने दें। हमेशा ध्यान रखें कि छत पर बाउंड्री हो। पतंग पकड़ने के लिए सड़कों पर दौड़ना या बिजली के खंभों के पास जाना बेहद खतरनाक हो सकता है; इससे सड़क दुर्घटना या बिजली का झटका लगने का डर रहता है।
पतंग उड़ाते समय हमेशा बिजली के खंभों और हाई-वोल्टेज तारों से दूर रहें। यदि आपकी पतंग बिजली के तारों में फंस जाए, तो उसे निकालने के लिए लोहे की रॉड, डंडा या गीली लकड़ी का उपयोग बिल्कुल न करें। इससे आपको जोरदार बिजली का झटका लग सकता है। फंसी हुई पतंग को वहीं छोड़ देना ही समझदारी है।

कटी हुई पतंग को लूटने के लिए सड़कों पर दौड़ना सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाओं को जन्म देता है। पतंग के पीछे भागते समय अक्सर ध्यान वाहनों पर नहीं होता, जिससे तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आने का डर रहता है। बच्चों को विशेष रूप से समझाएं कि कटी पतंग के पीछे भागना जानलेवा हो सकता है।
सुबह जल्दी और शाम को सूर्यास्त के समय पतंगबाजी करने से बचना चाहिए। यह वह समय होता है जब पक्षी अपने घोंसलों से निकलते हैं या वापस लौटते हैं। मांझे की चपेट में आकर हर साल हजारों पक्षी घायल हो जाते हैं या अपनी जान गंवा देते हैं। यदि आपको कहीं कोई घायल पक्षी दिखे, तो तुरंत एनिमल हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
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