
महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती का सबसे खास दिन माना जाता है। इस पर्व में उनके भक्त व्रत रखते हैं, देशभर के ऐतिहासिक मंदिरों में जाने का प्लान करते हैं और जागरण-कीर्तन जैसी चीजें भी करवाते हैं। माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा, साधना और अभिषेक का फल कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल अर्पित करने से भी भगवान खुश होते हैं। हालांकि, इस दिन की गई गलतियां भगवान को निराश भी कर सकती हैं। अगर आप महाशिवरात्रि का व्रत रख रही हैं और पूजन कर रही हैं, तो आपको पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री के बारे में जानकारी होना चाहिए। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
शिवलिंग प्रतिमा: घर में रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो शिवलिंग की स्थापना हेतु शिवलिंग बाजार से खरीदें और घर ले आएं। अगर मंदिर में रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो फिर शिवलिंग घर लाने की आवश्यकता नहीं है।

दीपक और बत्तियां: पूजा स्थल पर जलाने के लिए एक मिटटी, तांबे या पीतल का दीपक और घी। इसके अलावा, कलावे या रूई की बत्ती। दीपक नहीं है तो कपूर भी ले सकते हैं। कपूर भी नहीं है गौ कंड भी ले सकते हैं।
पवित्र एवं शुद्ध जल: शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए शुद्ध जल ले आयें। अगर गंगाजल हो तो और भी उत्तम है। पूजा स्थल पर छिड़काव के लिए गंगाजल नहीं साधारण जल का ही प्रयोग करें। गंगाजल पैरों में न आये।
पूजा के लिए पंचामृत: गौ तत्व से बनी 5 चीजें शिवलिंग रुद्राभिषेक पूजा में शामिल करें जो हैं शुद्ध दूध, दही, घी, शहद और चीनी। कोशिश करें कि चीनी के बजाय देसी खांड या फिर बूरे का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।
चंदन और भस्म: शिवलिंग रुद्राभिषेक पूजा के दौरान शंकर शिव शंभू पर लेप लगाने के लिए चंदन लाएं और तिलक करने के लिए भस्म लाएं। चंदन से तिलक और भस्म का लेप भी आप शिवलिंग को लगा सकते हैं।
पुष्प और बेल पत्र: विशेष रूप से भगवान शिव को बेलपत्र प्रिय है और रुद्राभिषेक पूजा के दौरान इसे शिवलिंग पर अर्पित किया जाता है। विभिन्न प्रकार के फूल जैसे कि कनेर, चम्पा, गेंदा आदि पुष्पों को सामग्री में लाएं।

अन्य पुजन सामग्री: भगवान शिव की पूजा में विशेष रूप से प्रयुक्त 2 लौंग का जोड़ा, इलायची, सुपारी, ताम्बूल यानी कि पान, वस्त्र, जनेऊ आदि भी पूजा की सामग्री में शामिल करें। यह विशेष रूप से चढ़ाई जाने वाली वस्तुएं हैं।
नैवेद्य और भोग: शिवलिंग रुद्राभिषेक के समापन पर शिव जी को भोग लगाया जाता है जिसके लिए पेठा, लड्डू, फल, खीर आदि आप ला सकते हैं या फिर नारियल भी चढ़ा सकते हैं लेकिन नारियल हमेशा आधा काटकर चढ़ाएं।
मंत्र जाप की सामग्री: रुद्राभिषेक मंत्रों और अन्य पूजा मंत्रों का जाप करने के लिए रुद्राक्ष की माला लाएं। ध्यान रहे कि मंत्र जाप के लिए अक्सर लोग तुलसी माला लाते हैं जबकि शैव मंत्रों का जाप ह,हमेशा रुद्राक्ष से किया जाता है।
धूपदान की सामग्री: शिवलिंग के समक्ष दीया जलाने के बाद धूपदान किया जाता है यानी कि धूप भी जलाई जाती है, ऐसे में इसके लिए एक धूप का पैकेट और लकड़ी का स्टैंड जिस पर धूप लगा सकें और वह आसानी से जले।
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भगवान शिव के प्रतीक: रुद्राभिषेक पूर्ण हो जाने के बाद शिवलिंग के ऊपर चढ़ाने के लिए डमरू, चांदी का चंद्रमा, चांदी का नाग छत्र, त्रिशूल आदि इन में से कोई भी एक वस्तु लाएं और अर्पित करने के बाद उसे अपने घर में रखें।

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