herzindagi
image

"पीरियड्स में दर्द होना क्‍या कोई बीमारी है?" Period Party बनी बच्‍चों के लिए ज्ञान की पाठशाला; डॉक्‍टर के जवाब से मिट गए कई भ्रम

इस सवाल का जवाब बच्चों को एक अनोखे अंदाज़ में मिला, जब पीरियड पार्टी ज्ञान और जागरूकता की एक खास पाठशाला बन गई। डॉक्टर्स की सही जानकारी ने बच्चों के मन से पीरियड्स को लेकर फैले कई डर और भ्रम दूर कर दिए।
Editorial
Updated:- 2026-01-30, 19:40 IST

शुक्रवार को नोएडा स्थित The Millennium School में 'पीरियड पार्टी' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जागरण न्यू मीडिया के प्लेटफॉर्म हरजिंदगी और ओनली माई हेल्थ की संयुक्त पहल के तहत हुआ, जिसमें 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक मिथकों को तोड़ना और यह संदेश देना था कि पीरियड्स कोई शर्म की बात नहीं, बल्कि शरीर की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। बच्चों को यह समझाया गया कि सही जानकारी और खुली बातचीत के ज़रिए मेंस्ट्रुअल हेल्थ से जुड़ी गलत धारणाओं को आसानी से दूर किया जा सकता है।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद जागरण न्यू मीडिया की मैनेजिंग एडिटर (हेल्थ एंड लाइफ) और वाइस प्रेसिडेंट मेघा ममगेन ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सोच में बदलाव समय की मांग है और इसकी नींव स्कूल स्तर से ही रखी जानी चाहिए। आज जब लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, तब पीरियड्स जैसे विषयों पर खुलकर बात करना और भी जरूरी हो जाता है।

period party school event

स्कूल की प्रिंसिपल ने भी इस पहल की सराहना करते हुए छात्रों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मेंस्ट्रुअल हेल्थ की जानकारी सिर्फ लड़कियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि लड़कों को भी इस विषय की समझ होनी चाहिए, ताकि वे संवेदनशील बनें और सहयोगी भूमिका निभा सकें।

यह भी पढ़ें- " पीरियड्स में गहरे लाल या ब्राउन कलर का ब्‍लड आना, क्‍या गंभीर बात है?..." स्‍कूल में की गई Period Party, बच्‍चों ने किए कई सवाल; टूटे कई भ्रम और पता चलीं नई बातें

periods not a disease, breaking menstrual taboos

कार्यक्रम में गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. लिपि शर्मा ने बच्चों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पीरियड्स के दौरान अधिक ब्लीडिंग, ब्लड के रंग और शरीर के संकेतों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं। इसके साथ ही 'मिथ्स एंड फैक्ट्स' जैसे इंटरैक्टिव गेम्स के ज़रिए बच्चों के मन में मौजूद कई भ्रांतियों को दूर किया गया।

menstrual health education

'पीरियड रिले' जैसे मजेदार गेम ने कार्यक्रम को और भी दिलचस्प बना दिया। इस अवसर पर Mrs India 2025 और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर दीपाली माथुर दयाल ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बच्चों को यह संदेश दिया कि पीरियड्स किसी की सफलता में बाधा नहीं होते, बल्कि यह शरीर की एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है, कोई बीमारी नहीं।

यह भी पढ़ें- Herzindagi X OnlyMyHealth Period Party 2.O: पीरियड्स हिचक नहीं - समझदारी और गर्व से करें बात, 'Period Party 2.0' दिखाता है स्वच्छता, सम्मान और समझ की नई राह

menstrual myths and facts

कार्यक्रम के समापन पर जानकारी दी गई कि 'पीरियड पार्टी स्कूल एडिशन' का अगला आयोजन फरवरी महीने में किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा बच्चों और समाज तक सही जानकारी पहुंचाने और मेंस्ट्रुअल हेल्थ से जुड़े टैबू को खत्म करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।