Tue Apr 21, 2026 | Updated 04:08 AM IST
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CIBIL Score Alert: क्रेडिट रिपोर्ट में 'Written Off' का क्या है मतलब? जानें सिबिल पर इसका बुरा असर

क्रेडिट रिपोर्ट में 'Written Off' का मतलब है कि बैंक ने आपका बकाया ऋण वसूलना असंभव मान लिया है। यह स्थिति आपके सिबिल स्कोर को बुरी तरह प्रभावित करती है, जिससे भविष्य में ऋण मिलना मुश्किल हो जाता है। 
Editorial
Updated:- 2026-04-07, 17:14 IST

बैंकिंग और फाइनेंस की दुनिया में सिबिल स्कोर आपकी आय का आईना होता है। अक्सर लोग अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते समय कुछ तकनीकी शब्दों को देखकर उलझन में पड़ जाते हैं। उन्हीं में से एक शब्द है 'Written Off'। अगर आपकी रिपोर्ट में यह स्टेटस दिख रहा है, तो समझ लीजिए कि आपकी आर्थिक स्थिति खतरे में है। ऐसे में इससे छुटकारा पाने का तरीका पता होना चाहिए। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि क्या होता है 'Written Off' का असली मतलब और इससे कैसे छुटकारा पाएं? पढ़ते हैं आगे...

क्या होता है 'Written Off'?

जब कोई व्यक्ति अपने लोन की ईएमआई या क्रेडिट कार्ड का बिल लगातार 180 दिनों तक जमा नहीं करता, तो बैंक उसे 'डिफॉल्टर' घोषित कर देता है। बैंक को जब यह यकीन हो जाता है कि अब आपसे पैसा वसूलना लगभग नामुमकिन है, तो वह उस बकाया रकम को अपनी बैलेंस शीट से हटा देता है।

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आसान भाषा में इसे बट्टे खाते में डालना कहते हैं। बहुत से लोग इसे लोन माफी समझ लेते हैं, लेकिन यह आपकी गलतफहमी है। बैंक सिर्फ अपने टैक्स और अकाउंटिंग के फायदे के लिए इसे रजिस्टर से हटाता है, लेकिन कानूनी रूप से आप अभी भी उस कर्ज के देनदार होते हैं।

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 सिबिल स्कोर और आपकी साख पर इसका बुरा असर

  • कोई भी नया बैंक आपको लोन या क्रेडिट कार्ड देने से साफ मना कर देगा।
  • यह स्टेटस आपके सिबिल स्कोर को 300 से 400 पॉइंट्स तक नीचे गिरा सकता है।
  • बैंक की नजर में आप एक 'हाई-रिस्क' ग्राहक बन जाते हैं। आजकल कई कंपनियां नौकरी देने से पहले और कुछ देश वीजा देने से पहले भी आपकी फाइनेंशियल हिस्ट्री चेक करते हैं, जहां यह दाग आपकी इमेज खराब कर सकता है।

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अपनी रिपोर्ट से 'Written Off' कैसे हटाएं?

  • जिस बैंक का पैसा बकाया है, वहां जाएं और अपने कुल बकाया की जानकारी लें।
  • बैंक आपको कम पैसे देकर मामला रफा-दफा करने का लालच देगा, लेकिन याद रखें, सेटलमेंट करने पर रिपोर्ट में 'Settled' लिख जाएगा, जो कि फिर से एक नकारात्मक संकेत है। कोशिश करें कि आप 'Full Payment' करें।
  • पूरा पैसा चुकाने के बाद बैंक से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लेना न भूलें। यह इस बात का सबूत है कि आपने अपना कर्ज चुका दिया है।
  • पैसा जमा होने के बाद बैंक इसकी सूचना सिबिल को देता है। इसमें 30 से 45 दिन का समय लगता है। अगर स्टेटस अपडेट न हो, तो सिबिल की वेबसाइट पर जाकर 'डिस्प्यूट' (Dispute) दर्ज करें।
  • जब आपकी रिपोर्ट में स्टेटस 'Written Off' से बदलकर 'Closed' हो जाए, तभी समझें कि आपकी प्रोफाइल अब सुरक्षित है।

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Images: Freepik/shutterstock

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