
पंजाब सरकार ने सड़क विकास को केवल निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक रणनीति के रूप में अपनाया है। 64,878 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों वाले इस राज्य में अब योजनाबद्ध और तकनीक आधारित सुधार हो रहा है। एआई आधारित सर्वेक्षण ने सड़क निर्माण में डेटा-संचालित निर्णयों की शुरुआत की है। इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई और सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग संभव हुआ।

4,150 करोड़ रुपये की यह योजना दिखाती है कि सरकार दीर्घकालिक सोच के साथ काम कर रही है। मरम्मत के साथ-साथ रखरखाव पर भी बजट तय कर सड़कों की उम्र बढ़ाई जा रही है।
सड़क सुरक्षा परियोजना इस योजना को मानवीय दृष्टि देती है। जेबरा क्रॉसिंग, संकेतक और सूचना बोर्ड दुर्घटनाओं को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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बेहतर ग्रामीण कनेक्टिविटी से निवेश, कृषि विपणन और छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इससे गांवों से शहरों की ओर मजबूरी में होने वाला पलायन भी कम होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विजन स्पष्ट है हर सड़क विकास की राह बने। पंजाब की यह सड़क क्रांति आने वाले वर्षों में राज्य को समग्र और संतुलित विकास का मॉडल बना सकती है।
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