
भगवंत मान सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ नीति ने 2025 में सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी बड़ा संदेश दिया। सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की कि कार्रवाई सिर्फ विपक्ष या निचले स्तर तक सीमित नहीं रहेगी।

वर्ष 2025 में विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाइयों में यह स्पष्ट दिखा कि पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के साथ-साथ राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले मामलों में भी जांच हुई। इससे सरकार के उस दावे को बल मिला कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में “अपनों और परायों” का फर्क नहीं किया जाएगा।
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सरकार का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सिस्टम सुधार पर भी रहा। ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाएं और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत कर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कदम उठाए गए।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, 2025 की ये कार्रवाइयाँ मान सरकार के लिए 2026 और आगे के वर्षों का रोडमैप तय करती हैं। सरकार यह संदेश देना चाहती है कि विकास और पारदर्शिता साथ-साथ चलेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के “ज़ीरो टॉलरेंस” बयान को 2025 की कार्रवाइयों ने विश्वसनीयता दी है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह सख़्ती कितनी निरंतर और संस्थागत रूप लेती है, लेकिन 2025 ने निश्चित तौर पर पंजाब की राजनीति और प्रशासन में एक नया मानक स्थापित किया है।
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