
हल्दी को किचन में इस्तेमाल होने वाले एक बहुत ही जरूरी मसाले के रूप में देखा जाता है। लगभग हर एक खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ इसे पूजा-पाठ में भी शामिल किया जाता है। हल्दी का प्रयोग ज्योतिष में भी बहुत शुभ माना जाता है।
हल्दी की गांठ की बात करें या हल्दी पाउडर की, इसके प्रयोग से कई बाधाओं को दूर करने में मदद मिलती है। हल्दी का तिलक यदि माथे पर लगाया जाता है तो इससे आपके शरीर के सातों चक्रों को मजबूत करने में मदद मिलती है।
वहीं हल्दी को शरीर के अन्य हिस्सों में जैसे नाभि वाले हिस्से में भी लगाने की सलाह दी जाती है और इसका तिलक नाभि में लगाने के अनगिनत लाभ भी हैं। आइए ज्योतिर्विद पं रमेश भोजराज द्विवेदी जी से जानें नाभि पर हल्दी का तिलक लगाने से क्या होता है?

यदि हम हल्दी के महत्व की बात करें तो यह सिर्फ किचन रक् ही सीमित नहीं है बल्कि ज्योतिष से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में हल्दी का प्रयोग किया जाता है। हल्दी को शुभता से जोड़ा जाता है, इसी वजह से शादी के दौरान भी दूल्हे और दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है, जिससे उनके भावी जीवन में शुभता बनी रहे।
यही नहीं घर के मुख्य द्वार पर हल्दी का स्वास्तिक बनाना भी बहुत शुभ माना जाता है और इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। हल्दी को गुरु का कारक माना जाता है, इसलिए इसके सही इस्तेमाल से बृहस्पति को मजबूत किया जा सकता है। ज्योतिष से जुड़े किसी भी अनुष्ठान या पूजा-पाठ में हल्दी के इस्तेमाल से पूजा का पूर्ण फल मिलता है।
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शरीर के नाभि वाले हिस्से पर हल्दी लगाना ज्योतिष में एक शुभ क्रिया मानी जाती है और इससे न सिर्फ शरीर बल्कि मन-मस्तिष्क को भी कई लाभ होते हैं। अगर हम ज्योतिष की बात करें तो नाभि आपके शरीर का सबसे शक्तिशाली ऊर्जा बिंदु माना जाता है।
यदि आप इस हिस्से पर हल्दी का तिलक लगाते हैं तो पूरे शरीर में संतुलित रूप से ऊर्जा प्रवाहित होती है। इससे शरीर और मन के बीच ऊर्जा का संतुलन बनाए रखा जा सकता है। नाभि वाले हिस्से से लेकर पूरे शरीर तक को संतुलित करने के लिए स्नान के बाद नाभि में हल्दी का एक छोटा सा तिलक लगाने की सलाह दी जाती है।

ऐसा माना जाता है कि गुरु का रंग पीला है और यदि आपकी कुंडली में गुरु कमजोर है तो आपको बृहस्पतिवार के दिन हल्दी का तिलक नाभि पर जरूर लगाना चाहिए। नाभि पर हल्दी लगाने से गुरु का आशीर्वाद बना रहता है और आपको आर्थिक स्थिति अच्छी होती है।
यदि आपके घर में बिना वजह आर्थिक समस्याएं आ रही हैं और इसका कारण पता कर पाना मुश्किल है तो आपको कम से कम गुरुवार के दिन नाभि पर एक चुटकी हल्दी लगाने की सलाह दी जाती है।
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अगर हम नाभि पर हल्दी लगाने के आध्यात्मिक लाभों की बात करें तो यह शरीर और मन की आध्यात्मिक ऊर्जा को मजबूत करने में मदद करती है। यदि आप नाभि पर हल्दी लगाते हैं तो ये आत्मा और परमात्मा के बीच आध्यात्मिक संबंध बनाने में मदद करता है।
इस स्थान पर तिलक लगाने से आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा मिलता है और आपको ईश्वर के प्रति ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। वहीं अगर हम नाभि पर हल्दी लगाने के मानसिक लाभों की बात करते हैं तो इससे मन को शांत करने में मदद मिलती है और मानसिक चिंता के साथ तनाव को भी कम किया जा सकता है। यह जीवन की विभिन्न समस्याओं को दूर करने में हमारी मदद करती है।
यदि हम ज्योतिष के साथ हल्दी के औषधीय लाभों की बात करते हैं तो यह कई तरह से आपके शरीर के लिए फायदेमंद हो सकती है। एक प्रमुख औषधीय लाभ के रूप में हल्दी में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण कई तरह के कीटाणुओं से शरीर की सुरक्षा करते हैं जिससे कई शारीरिक समस्याओं से बचा जा सकता है। यदि आप नाभि में हल्दी लगाती हैं तो इसका असर पूरे शरीर को कई बाहरी तत्वों से बचाने के लिए होता है।
इन्हीं कारणों की वजह से नाभि में हल्दी का तिलक लगाना लाभदायक माना जाता है और इसके न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक लाभ भी हैं।
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