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क्या आपका 10 साल का बच्चा बिस्तर में पेशाब करता है? बस 1 चुटकी हल्दी खिलाएं और जादू देखें

बच्चों में बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या पेरेंट्स के लिए चिंता का विषय है। नेचुरोपैथी फिजिशियन डॉ. नवनीत कौर भाटिया के अनुसार, हल्दी वाला दूध इस समस्या का असरदार समाधान है। यह ब्लैडर की मसल्‍स को मजबूत करता है, शरीर को गर्माहट देता है, नर्वस सिस्टम को शांत करता है और डाइजेशन को सुधारता है। आइए इसे बनाने और पीने के तरीके के बारे में विस्‍तार से जानें। 
Editorial
Updated:- 2026-02-20, 19:19 IST

पेरेंट्स के लिए बच्चों की बिस्तर पर पेशाब करना की समस्‍या बहुत बड़ी चिंता और शर्मिंदगी का कारण बन जाती है। कई बार दवाइयां भी काम नहीं करतीं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि इस समस्‍या को रसोई में मौजूद एक मामूली सी चीज जड़ से दूर कर सकती है? जी हां! हम हल्दी वाले दूध की बात कर रहे हैं। यह सदियों पुराना नुस्खा न केवल इम्यूनिटी बढ़ाता है, बल्कि बच्चों में यूरिन कंट्रोल को बेहतर बनाने में भी चमत्कारी असर दिखाता है। इसके बारे में हमें नेचुरोपैथी फिजिशियन डॉक्‍टर नवनीत कौर भाटिया (डॉ. क्युर्स होलिस्टिक हेल्थकेयर, फरीदाबाद) बता रही हैं। अगर आपका बच्‍चा भी सोते समय बिस्‍तर में पेशाब करता है, तो यह नुस्‍खा एक बार जरूर आजमाकर देखें, क्‍योंकि यह पूरी तरह से नेचुरल हैं और इसके कोई साइड इफेक्‍ट्स नहीं हैं। आइए इसे बनाने के तरीके और फायदे के बारे में जानें।

बिस्‍तर में पेशाब की समस्‍या के लिए हल्दी वाला दूध

उबलते हुए दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर देने से शरीर में ऐसे बदलाव आते हैं, जो बच्‍चों में रात को सोते समय पेशाब निकलने की समस्या को रोक सकते हैं। जानिए यह कैसे काम करता है?

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ब्लैडर की मसल्‍स में मजबूती

हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण होते हैं, जो ब्लैडर (मूत्राशय) की मसल्‍स को अंदरूनी मजबूती देते हैं, जिससे बच्चा पेशाब को ज्यादा देर तक रोक पाता है।

शरीर में गर्माहट

आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में ठंडक बढ़ने से भी पेशाब की फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है। हल्दी शरीर को अंदर से गर्माहट देती है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या कम होती है।

नर्वस सिस्टम को सुकून

हल्दी ब्रेन और नर्व को शांत करती है। जब बच्चा गहरी और तनावमुक्त नींद सोता है, तब उसका दिमाग शरीर के संकेतों को अच्‍छी तरह से समझ पाता है।

पाचन होता है बेहतर

खराब पाचन से भी कई बार रात को परेशानी होती है। हल्दी पेट को साफ रखती है, जिससे रात में शरीर रिलैक्स रहता है।

हल्‍दी वाला दूध बनाने और देने का सही तरीका

याद रखें, इसका असर तभी होगा जब आप इसे सही समय पर बच्‍चों को देंगी।

हल्‍दी वाले दूध की सामग्री

  • 1 कप गुनगुना दूध
  • 1/4 चम्मच शुद्ध हल्दी

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हल्‍दी वाला दूध बनाने का तरीका

  • एक पैन में दूध डालकर उबालें।
  • फिर खौलते हुए दूध में थोड़ी सी हल्‍दी मिलाएं।

हल्‍दी वाला दूध पीने का सही समय

इसे सोने से ठीक पहले बिल्कुल न दें। बच्चे को सोने से कम से कम 3 घंटे पहले यह दूध पिलाएं। ऐसा इसलिए क्‍योंकि सोने से ठीक पहले लिक्विड देने से ब्लैडर भर सकता है, इसलिए 3 घंटे का गैप देना जरूरी है।

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कुछ जरूरी बातें

  • रात को सोने से पहले बच्चे को टॉयलेट जाने की आदत डालें।
  • शाम के बाद बच्चे को कैफीन या बहुत ज्यादा मीठी चीजें न दें।
  • इस समस्‍या को दूर करने में हल्की एक्सरसाइज और योग भी मदद कर सकते हैं।

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सावधानी

यह एक घरेलू नुस्खा है और इसके रिजल्‍ट हर बच्चे पर अलग हो सकते हैं। अगर समस्या बहुत पुरानी है या बच्चे को कोई इंफेक्‍शन महसूस हो रहा है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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