
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि पुलिस वालों की बातों से साफ पता लग गया था कि वह मीना को खोजने में कोई कोशिश नहीं करने वाले हैं। बस फाइल भरती जा रही है। सोनू ने मन ही मन सोचा। आखिर हर बार मैंने ही क्यों देखा है। मैंने ही क्यों लड़कियों को हर बार कहीं न कहीं जाते हुए देखा है। इसके पहले भी 3 लड़कियों के गायब होने से पहले सोनू ने उन लड़कियों को आधी रात में देखा था। जितनी भी लड़कियां उसे आधी रात में दिखी, वह सब गायब हो गई। सोनू को समझ नहीं आ रहा था, लगभग 1 हफ्ते बीत गए थे और सोनू हर रोज उस जगह पर जाना और मीना से जुड़े सुराग ढूंढने की कोशिश करता। वह कुएं वाली जगह, जहां पर रात में वह नशे में सो गया था। सुबह नींद खुली तो वो वहीं था। उसे अच्छे से याद था कि आखिरी बार उसने मीना को कुएं के पास ही देखा था, लेकिन उसके आगे क्या हुआ उसे कुछ याद नहीं था।
सोनू मन ही मन सोचने लगा- मैंने पहले भी यहीं लड़कियों को देखा था, मेरे दिमाग में यह बात क्यों नहीं आई कि यहां से ही लड़कियां गायब हुई है। सोनू ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर प्लान बनाया। उसने अपने दोस्तों से कहा- मैं रोज नशे का नाटक करुंगा और यहां कुएं तक आऊंगा। तुम लोग मेरा इंतजार करना। रात में 11 से 2 के बीच में यहां आऊंगा। अगर मैं वापस नहीं आया, तो मुझे खोजने के लिए आ जाना। समझना कि कुछ गड़बड़ है, इसलिए मैं नहीं लौटा।1 महीने तक लगातार सोनू इसी तरह कुएं के पास नशे का नाटक करता और थोड़ी देर बैठने के बाद वापस चला जाता। उसे उम्मीद थी कि कुछ न कुछ सुराग उसे जरूर मिलेगा। तभी एक दिन रात में फिर से वह 12 बजे नाटक करने के लिए निकला। उसे लग रहा था कि लगता है आज भी उसके हाथ कुछ नहीं लगने वाला है।

वह बस नशे में होने का नाटक करते हुए चलते जा रहा था और गाना गुनगुना रहा था। तभी उसने एक लड़की को देखा। लड़की को उसने आज से पहले नहीं देखा था। शायद लड़की किसी और मोहल्ले से थी, इसलिए उसने आज से पहले उसे नहीं देखा था। लेकिन उसके हाथ में भी बैग था। सोनू समझ गया, लगता है, फिर किसी लड़की को निशाना बनाया गया है। हर बार की तरह इस बार भी सोनू ने आवाज लगाई..ओ छमकछल्लो…कहां जा रही हो अकेले। लड़की ने मुड़कर देखा और घबरा गई। नशेड़ी को देखकर वह बहुत ज्यादा डर गई थी। वह भागने लगी। सोनू भी उसका पीछा करते हुए भागने लगा.. लेकिन सोनू ने उससे थोड़ी दूरी बनाई रखी। जैसे ही कुएं वाली जगह आई, सोनू और धीरे हो गए और नशे में गिरने का नाटक करने लगा।
अरे तुम इतना तेज कैसे भाग रही हो.. मैं तो थक गया हूं। लड़की घबरा कर कुएं के पीछे छिप गई। सोनू ने उसे कुएं के पीछे छिपते हुए देख लिया था। लेकिन हर बार की तरह इस बार वह लड़की के पास नहीं गया। वह कुएं के सामने लगे पेड़ का सहारा लिया और गाना गुनगुनाने लगा। मीना भी चली गई, अब तुम भी चली गई। सब मुझे छोड़कर चले जाते हैं। सोनू नशे में होने का नाटक कर रहा था, तभी उसने 2 आदमी को आते देखा। दोनों ने चेहरे पर कपड़ा बांधा हुआ था। सोनू अकेला था, वह रिस्क नहीं ले सकता था। वह जमीन पर ही सोने का नाटक करने लगा। तभी उसने थोड़ी-थोड़ी आखें खोलकर देखी, एक ने लड़की को कुछ इंजेक्शन लगाया और दूसरे ने उसके हाथ पैर बांध दिए। यह देखकर वह हैरान रह गया। उसे समझ आ गया कि यही दोनों है, जो यहां इलाके में लड़कियों को गायब करते हैं। 2 बज गए थे, वह अपने दोस्तों का इंतजार कर रहा था। मन ही मन सोनू ने सोचा- अरे मेरे दोस्त कहां चले गए..मैंने उन्हें कहा था 2 बजे तक न आऊं, तो मुझे ढूंढते हुए आ जाना.. सब के सब कमजोर है।

सोनू अभी भी नशे में होने का नाटक कर रहा था और नींद आ रही है, ऐसा दिखाने लगा। उसने देखा कि दोनों में से एक आदमी उसकी तरफ आ रहा है, उसने अपनी दोनों आंखें बंद कर ली और धीरे-धीरे बड़बड़ाता रहा। उसे अहसास हुआ कि आदमी उसके पास ही खड़ा है। कुछ देर तक बोलने के बाद , वह चुप हो गया। जैसे ही वह चुप हुआ। आदमी वापस मुड़ गया। उसने हलकी से आंखें खोलकर देखा। कुएं में उन्होंने एक सीढ़ी डाली और लड़की को लेकर दोनों कुएं में उतर गए। 1 घंटे बाद दोनों कुएं से बाहर आए और अपने साथ सीढ़ी लेकर चले गए। सोनू सुबह तक वहीं रहा और सोने का नाटक करता रहा। सुबह उठते ही सबसे पहले वह अपने घर गया। उसे लगा कि कोई उसपर नजर रख रहा है। इसलिए, वह सुबह उठते सबसे पहले मीना के घर नहीं गया। 1 दिन बीत जाने के बाद वह मीना के घर गया और उसने मीना की मां को सब बताया। मीना की मां ये बात सुनकर हैरानी रह गई। उन्हें भरोसा हो गया कि मीना भी वहीं होगी।

मीना की मां फौरन पुलिस स्टेशन गई। पुलिस को सभी जानकारी दी और पुलिस की फौज सीढ़ियां लेकर सीधा कुएं के पास पहुंच गई। कुएं के पास घेरा बना दिया गया और लोगों को पास आने से मना किया गया। पुलिस कुएं के अंदर गई, तो हैरान रह गई। वहां एक 2 नहीं, बल्कि कई लड़कियों को बेड पर बांधकर लिटाया गया था। कुछ लड़कियों की आंखें, तो कुछ लड़कियों की किडनी निकाल ली गई थी। मीना भी वहीं थी, सभी लड़कियों को बेहोश किया गया था। धीरे-धीरे लड़कियों को बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया। मीना को देखकर उसकी मां के आंसू नहीं रुक रहे थे।

अस्पताल ले जाने के बाद मीना को होश आया और उसने सारी बात बताई। मीना से पूछा गया कि क्या उसने किया का चेहरा देखा। मीना ने कहा कि वह होश में नहीं थी। 2 आदमी थे और वह चेहरा ढक कर आते थे। 1 महीने तक मीना वहां थी, लेकिन उसके साथ वहां कुछ नहीं हुआ। मीना ने कहा कि उसने दोनों को बात करते हुए सुना था कि वह उसे बेचने का प्लान कर रहे थे। इसलिए, उन्होंने उसके शरीर का कोई हिस्सा नहीं निकाला। पुलिस ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। हालांकि, अभी तक किसी को आरोपियों के खिलाफ कोई सुराग नहीं मिला था।
यह कहानी पूरी तरह से कल्पना पर आधारित है और इसका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है। यह केवल कहानी के उद्देश्य से लिखी गई है। हमारा उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। ऐसी ही कहानी को पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ।
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