
पहले पार्ट में आपने पढ़ा कि एक बड़े शोरूम मीना किसी आदमी के साथ थी। मां बाहर ही खड़े होकर उसका इंतजार कर रही थी। मां नहीं जानती थी कि उसकी बेटी किसके साथ है। मां ने देखा कि मीना अंदर किसी लड़के से बात कर रही थी। लड़के का चेहरा पीछे से दिखाई नहीं दे रहा था। उन्होंने पूरी कोशिश की लेकिन समझ नहीं आया। इसके बाद ऐसा लगा कि वह दुकान से बाहर आ रही है।मीना की मां फौरन वहां से भागकर वापस अपने घर की तरफ आ गई। रात के लगभग 8 बजे मीना घर वापस आई। उसके हाथों में ढेर सारे बैग थे। मां ने देखते ही मीना के हाथों से बैग छीन लिया और बोली.. कहां से लेकर आई इसे, किसने दिया तुझे पैसे कहां से मिले। मीना ने गुस्से में कहा- ये कैसी हरकत कर रही हो, तरीके से भी चीजे देख सकती हैं। मेरे एक दोस्त ने मुझे यह चीज दिलाई है। क्या हो गया है आपको। मां शांत हो गई और उनके दिमाग में आया। अगर वह इस तरह हरकत करेंगी, तो मीना को समझ आ जाएगी। उन्होंने शांत होकर कहा- तूने ही मेरा दिमाग खराब कर दिया है, तो ऐसी ही हरकत करूंगी।

कौन से दोस्त ने दिया है। ये तो काफी महंगे कपड़े दिख रहे हैं। मीना ने कहा- हां ये कपड़े महंगे। मुझे वो दोस्त नौकरी देने वाला है। मुझे फैशन शो में लेकर जाएगा। वहां मुझे ये कपड़े पहनकर जाने हैं। मीना ने झूट बोलते हुए कहा- ये कपड़े मुझे वापस करने हैं। पहनकर वापस देना होगा। मीना की मां को उसकी बातों पर भरोसा हो गया, उन्होंने कहा, कितने पैसे मिलेंगे, क्या काम करना होगा?
मीना बोली- अभी तो मुझे सीखना है, इसलिए मैं अभी उसके साथ केवल देखने जाऊंगी शो। इससे मेरी पहचान भी बढ़ेगी और मैं ये सब कर भी पाऊंगी। मीना की मां ने मन ही मन सोचा- ठीक है, जब इसे यही करना है, तो कर ले। कर लेने देते हैं इसे अपने सपने पूरे। मीना की मां को उसपर भरोसा हो गया था। मीना की मां ने कहा- क्या नाम है उस लड़के का जो तुझे काम दे रहा है। मीना ने कहा- मोहन नाम है, मैं पास के मरियम स्टोर से ये कपड़े लेकर आई हूं। वहीं से उसने मुझे कपड़े दिलाए हैं। मीना ने ये बात सच कही थी और मां ने भी उसका पीछा किया था, इसलिए उन्हें भी यह बात पता थी, इसलिए उन्होंने उसकी बात पर भरोसा कर लिया।

मीना ने कहा- कल मुझे सुबह 7 बजे ही निकलना है, इसलिए मेरे लिए खाने को कुछ मत बनाना। मां ने हां बोला और अपने घर के काम में लग गई। मीना बहुत खुश थी और मीना को खुश देखकर उसकी मां भी बहुत खुश थी। अगले दिन सुबह, मीना को उठाने की जरूरत भी नहीं पड़ी और वह खुद ही उठकर तैयार होकर सबको बाय बोलते हुए निकल गई। घर से बाहर निकलते ही पड़ोस के सोनू ने पीछे से आवाज लगाई। अरे मीना, आज सुबह-सुबह कहां निकल पड़ी, इतना सज-धजकर। आज तो लग रहा है, महंगे कपड़े पहने है तूने।
मीना ने सोनु को इग्नोर मारते हुए कहा- टोक दिया ना, कभी भी अच्छा काम करने के लिए निकलती हूं, तू जरूर टोकता है। तू हमारे घर के बाहर ही पहरा देता रहता है क्या।

सोनू ने चिढ़ाते हुए कहा- हां तो क्या..इतनी सुंदर लड़की हमारे मोहल्ले में रहती है, पहरा तो देना ही होगा न..मीना ने फटकारते हुए कहा- चल-चल अपना काम कर जा.. फालतू की बात मत कर। ये बोलते हुए मीना आगे निकल गई। उस दिन मीना को आने में बहुत देर हो गई थी। रात के लगभग 11 बजे मीना घर वापस आई। मां बहुत देर से मीना को फोन लगा रही थी, लेकिन उसका फोन भी बंद आ रहा था, जैसे ही दरवाजा खटखटाया, मीना की मां ने जल्दबाजी में दरवाजा खोला और गुस्से में बोली। कब से फोन कर रही हूं.. फोन कहां है तेरा और इतनी देर कैसे हो गई। मीना ने कहा- अरे मां, घर में तो आने दो, बाहर ही सब पूछ लोगी क्या।

मीना ने खुशी-खुशी बताया- मां मैंने आर रैम्प वॉक किया है। पहले ही दिन मुझे रैम्प वॉक करने का मौका मिल गया है। आप समझ रही हो आपकी बेटी का सपना पूरा हो रहा है। मां खुश भी थी, लेकिन उसके देर से आने की वजह से घबरा भी रही थी। मां ने कहा- वो तो ठीक है, लेकिन इतना लेट। मीना ने कहा- अरे मेरे सर मोहन, मुझे छोड़ने आए थे। घर के बाहर तक छोड़कर गए हैं। क्योंकि, बहुत देर हो गई थी। आप उसकी चिंता मत करो, उन्होंने कहा है कि इन सब पैशन में देर हो जाती है। अगर कभी देर होगी, तो वह मुझे गाड़ी की सुविधा देंगे।
मीना की मां ये बात सुनकर खुश थी, कि चलो उन्हें बेटी के आने-जाने की चिंता तो नहीं रहेगी। उस दिन मीना अपने साथ बैग भी लेकर आई थी। मां ने मीना के हाथ में इतना बड़ा बैग देखा, तो पूछा..इसमें क्या है। मीना ने कहा- कपड़े हैं। कल मुझे लेकर जाने हैं, रैंप वॉक में मुझे ये पहनना है। तो इसे घर क्यों ले आई मां पूछते हुए बोली। मीना ने कहा-अरे मेरे बॉस कल नहीं आएंगे, इसलिए उन्होंने आज ही कपड़े दे दिए।
मां ने कहा- चलो ठीक है अब खाना खाकर सो जाओ। उस रात जब सब सो गए, तो मीना शांति से देर रात बैग उठाकर घर से बाहर निकल गई। आखिर आधी रात में मीना बैग लेकर कहां जा रही थी, आखिर कौन था जिससे मिलने जा रही थी… आगे की कहानी जानने के लिए इंतजार के अगले पार्ट का…
इसे भी पढ़ें- क्या बिल्डिंग में ही छिपी थी पूजा? हर कमरे में तलाश की जा रही थी, तभी बेसमेंट में दीवार के अंदर से...
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।