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पीरियड्स में होती है बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, डॉक्टर से समझिए इसके पीछे के कारण

पीरियड्स में कई लड़कियों को इतनी हैवी ब्लीडिंग होती है कि हर 1-2 घंटे में पैड बदलना पड़ता है और कई बार तो लीकेज से बचना भी मुश्किल हो जाता है। हैवी ब्लीडिंग के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिन पर ध्यान देना चाहिए। चलिए इस बारे में गायनेकोलॉजिस्ट से जानते हैं।
Editorial
Updated:- 2026-02-21, 09:02 IST

पीरियड में महिलाओं को अमूमन 3-5 दिनों तक ब्लीडिंग होती है, जो एक हेल्दी और नॉर्मल साइकिल का संकेत है। लेकिन, अगर पीरियड्स में आपको हैवी ब्लीडिंग हो रही है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए। पीरियड में बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग होना, दोनों ही सही नहीं हैं और दोनों के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिन्हें समझना और जिन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर आपको पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग हो रही है, तो इसे मेनोरेजिया कहा जाता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं। यह जानकारी डॉक्टर सोनू खोखर, एमबीबीएस, हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट (Dr. Sonu Khokhar, MBBS, Health and Wellness Expert) दे रही हैं।

पीरियड्स में कितनी ब्लीडिंग को माना जाएगा हैवी?

period cycle in late 30s or early 40s reveals about women health
डॉक्टर का कहना है कि अगर आपको पीरियड्स में 7 दिन से भी ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है, ब्लीडिंग में बड़े-बड़े ब्लड क्लॉट्स आ रहे हैं या हर 1-2 घंटे में पैड बदलने की जरूरत पड़ रही है, तो इसे हैवी ब्लीडिंग माना जाएगा। इसके साथ ही अगर आपको इतनी ब्लीडिंग हो रही है कि बहुत अधिक कमजोरी, चक्कर आना या बेहोशी जैसी दिक्कत महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें।

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पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग होने के कारण

  • पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होने का सबसे अहम कारण हार्मोनल इंबैलेंस है। हमारी पीरियड साइकिल एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन पर निर्भर करती है। जब इनका बैलेंस बिगड़ जाता है, तो कई महिलाओं में गर्भाशय की परत मोटी हो जाती है और इसके कारण अधिक ब्लीडिंग हो सकती है।
  • फाइब्रॉइड गर्भाशय में बनने वाली गांठें होती हैं। ये पीरियड्स को लंबा और भारी बना सकती हैं। 30 की उम्र के बाद कई महिलाओं में ये दिक्कत देखने को मिलती है।
  • इसके अलावा, पीसीओएस या पीसीओडी में ओव्युलेशन रेगुलर नहीं होता है और इसकी वजह से पीरियड्स अनियमित और हैवी हो सकते हैं।
  • थायराइड भी पीरियड साइकिल को प्रभावित करता है। हाइपोथायरॉइडिज्म में कई महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग हो सकती है।
  • इसके अलावा, पेल्विक इंफेक्शन, कॉपर टी या अन्य किसी हार्मोनल दवाई की वजह से भी ऐसा हो सकता है।

हैवी ब्लीडिंग होने पर क्या करें?

डॉक्टर का कहना है कि अगर आपको हैवी ब्लीडिंग हो रही है या पीरियड साइकिल में अचानक से बदलाव हुआ है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। लंबे समय तक हैवी ब्लीडिंग होने की वजह से शरीर में खून की कमी हो सकती है। वहीं अगर आपने इसके पीछे की वजह पर ध्यान नहीं दिया, तो दिक्कत बढ़ सकती है।

यह है एक्सपर्ट की राय

period heavy bleeding

 

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एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपको पीरियड्स में हैवी या बहुत हल्की ब्लीडिंग हो रही है, तो दोनों ही बातों को नजरअंदाज न करें। हर जिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
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Image Credit:Freepik

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