
कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। कैंसर बीमारी के कारणों में आनुवंशिक कारण तो होते ही हैं, लेकिन कई मामलों में जीवनशैली से जुड़े कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हेल्दी आदतें न सिर्फ कैंसर से बचाव में मदद करती हैं, बल्कि आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती हैं। इस आर्टिकल में इंदौर स्थित कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल के डॉक्टर एस पी श्रीवास्तव, कंसल्टेन्ट, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, हैमेटो एवं रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट कैंसर के खतरों कम करने के लिए कई आवश्यक बातें बता रहे हैं।

तंबाकू का सेवन कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। स्मोकिंग फेफड़ों के कैंसर के साथ-साथ मुंह, गले, भोजन नली, अग्न्याशय, मूत्राशय और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से भी जुड़ा है। बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला या किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन हानिकारक है। यहां तक कि पैसिव स्मोकिंग (दूसरों के धुएं के संपर्क में रहना) भी खतरा बढ़ाता है। तंबाकू छोड़ना किसी भी उम्र में फायदेमंद होता है।
ज्यादा अल्कोहल लेने से मुंह, गले, लिवर, ब्रेस्ट और आंतों के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। यदि संभव हो तो अल्कोहल से पूरी तरह परहेज करें या बहुत सीमित मात्रा में ही लें।

सही खान-पान कैंसर से बचाव की मजबूत नींव है। अपने भोजन में ज्यादा मात्रा में ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल करें। साबुत अनाज, दालें और फाइबर युक्त फूड्स पाचन तंत्र को हेल्दी रखते हैं और कोलन कैंसर के खतरे को कम करते हैं। रेड और प्रोसेस्ड मीट का सेवन सीमित करें। ज्यादा चीनी, नमक और जंक फूड से बचें। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है।
ज्यादा वजन या मोटापा कई प्रकार के कैंसर, जैसे ब्रेस्ट, आंत, लिवर और गर्भाशय कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। शरीर में अतिरिक्त चर्बी हार्मोनल असंतुलन और सूजन को बढ़ा सकती है, जो कैंसर की ग्रोथ में योगदान देती है। बैलेंस डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज से हेल्दी वजन बनाए रखना बेहद जरूरी है।

रेगुलर एक्सरसाइज करने से न सिर्फ वजन कंट्रोल में रहता है, बल्कि इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मीडियम लेवल की एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग, साइकिलिंग, योग या स्विमिंग फायदेमेंद है। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत से बचें और रोजमर्रा की एक्टिविटी में एक्टिव रहें।
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कुछ वायरस, जैसे एचपीवी (HPV) और हेपेटाइटिस बी, कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। इनसे बचाव के लिए वैक्सीनेशन कराना जरूरी है। सुरक्षित व्यवहार और हाइजीन से भी इंफेक्शन का खतरा कम होता है।

कैंसर की शुरुआती पहचान जीवन बचा सकती है। समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श और जरूरी स्क्रीनिंग जांच, जैसे मैमोग्राफी, पैप स्मीयर या कोलोनोस्कोपी, करवाना जरूरी है। शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर इलाज ज्यादा असरदार होता है।
कैंसर को पूरी तरह से तो नहीं रोका जा सकता, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उपरोक्त सभी आवश्यक बातों का ध्यान रखेंगे तो ये सभी मिलकर एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करते हैं।
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