
India AI Summit 2026: भारत में एआई समिट का कार्यक्रम चल रहा है। यह 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। AI तकनीक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाते हुए, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया। यह समिट ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) में आयोजित होने वाला पहला बड़ा वैश्विक AI सम्मेलन है, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 ग्लोबल एआई लीडर, पॉलिसी मेकर, टेक्नोलॉजी कंपनी, इनोवेटर्स, एकेडमिक पर्सन और इंडस्ट्री लीडर शामिल होंगे। चलिए जानते हैं क्या है AI समिट का एजेंडा?
AI Summit 2026 का उद्देश्य नीति निर्माताओं, टेक कंपनियों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के दिग्गजों को एक साथ लाना है। इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 का मुख्य लक्ष्य वैश्विक सहयोग को मजबूत करना और अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। यह समिट भारत को दुनिया के 'AI इनोवेशन हब' के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
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इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक चलेगा। इसकी शुरुआत 16 फरवरी को 'AI इम्पैक्ट एक्सपो' के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी को आधिकारिक समिट का उद्घाटन करेंगे। वहीं 20 फरवरी को ग्लोबल पार्टनरशिप (GPAI) काउंसिल की बैठक के साथ होगा।
AI के रणनीतिक महत्व को समझते हुए, भारत सरकार ने एक मजबूत AI इकोसिस्टम बनाने को प्राथमिकता दी है। 'इंडिया-AI मिशन', स्वदेशी AI मॉडल का विकास और बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम देश में जिम्मेदार AI की नींव रख रहे हैं।
स्वास्थ्य- एआई के जरिए ग्रामीण इलाकों में टेलीमेडिसिन, घर बैठे बीमारियों की जांच और कैंसर जैसे रोगों का जल्दी पता लगाना आसान हो गया है।
कृषि- ड्रोन और एआई तकनीक से किसान मौसम, कीड़ों के हमले और फसल की पैदावार का सटीक अनुमान लगा पा रहे हैं। किसान ई-मित्र जैसे टूल्स क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी दे रहे हैं।
शिक्षा- 'दीक्षा' जैसे प्लेटफॉर्म एआई की मदद से छात्रों की जरूरत के हिसाब से पढ़ाई को आसान और व्यक्तिगत बना रहे हैं।
वित्त और गवर्नेंस- एआई से डिजिटल धोखाधड़ी रुक रही है और अदालती फैसलों का स्थानीय भाषाओं में अनुवाद हो रहा है, जिससे न्याय और सरकारी सेवाएं आम जनता तक तेजी से पहुंच रही हैं।

मानव पूंजी- एआई के दौर के लिए वर्कफोर्स को तैयार करना और स्किलिंग पर जोर देना।
सामाजिक अधिकारिता- सभी नागरिकों तक एआई आधारित सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना।
सुरक्षित और विश्वसनीय एआई- एआई के उपयोग के लिए सुरक्षित नियम और भरोसेमंद ढांचा बनाना।
इनोवेशन और एफिशियंसी- एआई को पर्यावरण के अनुकूल और संसाधनों के मामले में किफायती बनाना।
विज्ञान- स्वास्थ्य, खेती और जलवायु जैसे क्षेत्रों में रिसर्च को एआई के जरिए तेज करना।
संसाधनों का लोकतंत्रीकरण- स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए एआई तकनीक को सस्ता और सुलभ बनाना।
आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई- एआई का उपयोग अर्थव्यवस्था बढ़ाने और समाज की भलाई के लिए करना।
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Images: indiaai official website
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