
Mukhyamantri Pratigya Yojana 2026: हमारे आसपास न जानें कितनी ऐसी सरकारी योजनाएं हैं जो हमारे लिए उपयोगी हैं। उन्हीं में से एक है मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना। ये इंटर्नशिप योजना बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने हेतु बनाई गई है। ऐसे में इस योजना के तहत सरकारी दफ्तर में काम करने का मौका मिलेगा। साथ ही युवाओं को एक अच्छा स्टाइपेंड भी मिलेगा। अब सवाल यह है कि आखिर इस योजना के लिए क्या-क्या क्राइटेरिया निर्धारित किए गए हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि इस योजना के अंतर्गत किन लोगों को क्या-क्या सुविधा दी जा रही हैं। जानते हैं आगे...
बता दें कि यह योजना मुख्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के तहत संचालित की जा रही है। युवा रोजगार एवं कुशल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार कौशल विकास मिशन के माध्यम से इस योजना को लागू किया गया है। ऐसे में ये योजना सरकारी संस्थान में काम सीखने का एक सशक्त मंच बनाकर हम सबके सामने पेश हुई है।

इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि आप सरकारी विभाग के साथ-साथ देश की कई प्रतिष्ठित निजी कंपनियों से भी जुड़ सकती हैं। कुछ नए संस्थान ऐसे भी हैं जो इंटर्नशिप के साथ-साथ आपको स्टाइपेंड भी देंगे और भोजन, रहने की जगह आदि अन्य सुविधा भी देंगे। इससे बिहार के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है और करियर में उन्नति हासिल होगी।
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इन संस्थाओं में न केवल प्रयोगशाला सहायक बनने का मौका मिलेगा बल्कि सहायक डाटा एंट्री ऑपरेटर, सोशल मीडिया प्रबंधन, हिंदी टाइपिंग प्रशासनिक और तकनीकी क्षेत्र में काम करने का अवसर भी मिलेगा। युवाओं को 3 महीने से लेकर 1 वर्ष तक की इंटर्नशिप करने का मौका मिल रहा है। जिन लोगों ने 12वीं से लेकर मास्टर की डिग्री हासिल की है, उन्हें 4000 रुपए से 6000 रुपये तक का स्टापेंड मिल सकता है। इसके अलावा जो लोग बिहार के बाहर अन्य राज्य में इंटर्नशिप करना चाहते हैं तो उन्हें पूरी इंटर्नशिप का खर्चा डीबीटी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से उसके बैंक खाते में प्रदान किया जाएगा।
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इंटर्नशिप के बाद संबंधित विभाग द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। बता दें कि 5 वर्षों में सूचना के अंतर्गत कुल 1,05,000 युवाओं को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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