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How to identify fake apps

ऐप देखते ही कर लेती हैं डाउनलोड, यह गलती पड़ सकती है भारी; जानिए कैसे पहचानें Fake Apps?

बिना सोचे-समझें अगर आप भी ऐप डाउनलोड करती हैं, तो यह गलती आप पर भारी पड़ सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि प्ले स्टोर पर असली ऐप जैसे ही नकली ऐप भी मौजूद होते हैं, जो इंस्टॉल होते ही आपके फोन का पर्सनल डाटा चुरा लेते हैं।
Editorial
Updated:- 2026-04-15, 16:51 IST

How To Identify Fake Apps: आज की डिजिटल दुनिया में हम अपनी हर जरूरत के लिए ऐप्स पर निर्भर हैं। चाहे ऑनलाइन शॉपिंग हो, गेमिंग हो या बैंकिंग, हम प्ले स्टोर पर जाकर ऐप सर्च करते हैं और जो सबसे पहले दिखता है, उसे डाउनलोड कर लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना जांचे ऐप डाउनलोड करना आपको भारी पड़ सकता है? साइबर अपराधी असली ऐप्स से मिलते-जुलते फेक ऐप्स बनाकर आपकी निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड चुरा रहे हैं।

ये ऐप्स दिखने में बिल्कुल असली लगते हैं, लेकिन इनके पीछे छिपे मैलवेयर आपके फोन को हैक कर सकते हैं। इसलिए, किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उन्हें चेक करना बहुत जरूरी है। अब ऐसे में जो सवाल मन में आता है वह है कि असली और नकली ऐप की पहचान कैसे करें? आज के इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो ऐप को डाउनलोड करते समय देखना जरूरी हैं।

ऐप का नाम और डेवलपर की जानकारी को करें चेक

How to identify fake apps

फेक ऐप्स को पहचानने का सबसे पहला तरीका है ऐप का नाम और उसके डेवलपर की जांच करना। साइबर अपराधी अक्सर लोकप्रिय ऐप्स के नाम में थोड़ा सा बदलाव कर देते हैं, जैसे 'WhatsApp' की जगह 'WhatsApp+' या 'Update WhatsApp'। ऐसे में ऐप डाउनलोड करने से पहले हमेशा डेवलपर का नाम पढ़ें। अगर डेवलपर का नाम कोई अजीब सा शब्द है या स्पेलिंग में गलतियां हैं, तो समझ जाएं कि ऐप फर्जी हो सकता है।

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रिव्यू और डाउनलोड प्रोसेस की करें जांच

किसी भी ऐप की विश्वसनीयता जानने के लिए उसकी रेटिंग और रिव्यू जरूर पढ़ें। अगर किसी ऐप के डाउनलोड बहुत कम हैं लेकिन उसकी रेटिंग बहुत ज्यादा है, तो सावधान हो जाएं। अक्सर ये रेटिंग्स फर्जी होती हैं। असली यूजर्स के कमेंट्स पढ़ें। अगर लोग ऐप के क्रैश होने, बार-बार विज्ञापन आने या फोन स्लो होने की शिकायत कर रहे हैं, तो उसे डाउनलोड न करें।

ऐप परमिशन देते समय रखें ध्यान

Mobile Security Hindi

जब भी हम कोई ऐप इंस्टॉल करते हैं, तो वह आपसे कुछ परमिशन मांगता है। फेक ऐप्स अक्सर ऐसी एक्सेस मांगते हैं जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती। उदाहरण के लिए, यदि कोई 'कैलकुलेटर' या 'फ्लैशलाइट' ऐप आपके कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या लोकेशन की एक्सेस मांग रहा है, तो यह खतरे का संकेत है। हमेशा सेटिंग्स में जाकर देखें कि ऐप क्या-क्या एक्सेस कर रहा है।

ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर जाकर करें ऐप डाउनलोड

ऐप्स डाउनलोड करने के लिए हमेशा Google Play Store या Apple App Store का इस्तेमाल करें। कभी भी किसी अनजान लिंक, व्हाट्सएप मैसेज या थर्ड-पार्टी वेबसाइट से APK फाइल डाउनलोड न करें। ऐप डाउनलोड करने के बाद अगर आपके फोन की बैटरी तेजी से खत्म होने लगे या इंटरनेट डेटा की खपत अचानक बढ़ जाए, तो सतर्क हो जाएं क्योंकि ये नकली ऐप के संकेत हो सकते हैं।

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