hanuman ji ke sath bhairav ji kyu hote hain

मंदिर में भैरव बाबा के साथ क्यों होती है हनुमान जी की प्रतिमा?

Bhairav Baba With Hanuman Ji: ऐसा माना जाता है कि जहां-जहां भैरव बाबा स्थापित होंगे वहां-वहां हनुमान जी भी विराजमान रहेंगे। बैरव बाबा की पूजा हमेशा हनुमान जी के साथ की जाती है। आइये जानते हैं, क्या है इसके पीछे का कारण और पौराणिक मान्यताएं?
Editorial
Updated:- 2026-01-17, 10:00 IST

हिंदू धर्म में हनुमान जी और भैरव बाबा दोनों ही अत्यंत शक्तिशाली और भय हारक देवता माने जाते हैं। हनुमान जी को भगवान राम का परम भक्त, संकटमोचक और भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्रावतार के रूप में पूजा जाता है जो असीम बल, बुद्धि और भक्ति के प्रतीक हैं। वहीं, भैरव बाबा तंत्र-मंत्र के परम ज्ञाता एक ऋषि हैं जिन्हें मां वैष्णो देवी से संसार द्वारा पूजे जाने का आशीर्वाद प्राप्त है। इनकी पूजा से दुष्ट शक्तियों का विनाश होता है। ऐसा माना जाता है कि जहां-जहां भैरव बाबा स्थापित होंगे वहां-वहां हनुमान जी भी विराजमान रहेंगे। क्या है इसके पीछे का कारण आइये जानते हैं वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से?

भैरव बाबा के साथ हनुमान जी क्यों होते हैं?

हनुमान जी और भैरव बाबा का एक साथ होना उनके समान उद्देश्य को दर्शाता है जो यह है कि अपने भक्तों को हर तरह के संकट और भय से मुक्त करना और दुष्ट शक्तियों का नाश करना।

why is lord hanuman with bhairav ji

हनुमान जी जहां अपनी भक्ति और बल से भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें आत्मविश्वास देते हैं, वहीं भैरव बाबा अपने उग्र रूप से नकारात्मक ऊर्जाओं, भूत-प्रेत और तंत्र बाधाओं को दूर करते हैं।

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इस तरह भक्तों को एक ही स्थान पर दो महाशक्तिशाली रक्षकों का आशीर्वाद मिलता है, जो उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के संकटों से बचाते हैं।

इन दोनों देवताओं के साथ होने का एक और बड़ा कारण मां दुर्गा से इनका गहरा संबंध है। कई मान्यताओं के अनुसार, भैरव बाबा को मां दुर्गा का द्वारपाल या एक प्रमुख सेवक माना जाता है।

इसी तरह हनुमान जी को भी कई परंपराओं में मां दुर्गा की शक्ति के अधीन और उनका सहायक माना जाता है जो धर्म की स्थापना और दुष्टों के नाश में सहयोग करते हैं।

why is lord hanuman with bhairav baba

इसलिए, अक्सर मां दुर्गा के मंदिरों के आस-पास हनुमान जी और भैरव बाबा दोनों की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। साथ ही, हर भैरव मंदिर में हनुमान जी अवश्य स्थापित होते हैं।

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लोक मान्यताओं के अनुसार, वैष्णो देवी की यात्रा में इस संबंध को विशेष रूप से देखा जाता है। वैष्णो देवी के दर्शन तभी पूरे होते हैं जब श्रद्धालु पहले भैरव बाबा और हनुमान जी के दर्शन करते हैं।

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FAQ
भैरव बाबा की पूजा करने से क्या होता है?
भैरव बाबा की पूजा से भय और अवसाद दूर होता है एवं नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है।
भैरव बाबा के समक्ष कौन सा दीया जलाना चाहिए?
भैरव बाबा के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
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