what we should not donate on basant panchami

Basant Panchami के दिन भूल से भी न करें इन चीजों का दान, अच्छे की जगह मिलेंगे बुरे परिणाम

शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है, लेकिन दान के भी कुछ नियम और मर्यादाएं होती हैं। अनजाने में गलत चीजों का दान करना आपके पुण्य को कम कर सकता है और जीवन में नकारात्मकता ला सकता है।
Editorial
Updated:- 2026-01-21, 14:24 IST

विद्या की देवी मां सरस्वती की उपासना का पावन पर्व 'बसंत पंचमी' पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसे नई शुरुआत और ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है, लेकिन दान के भी कुछ नियम और मर्यादाएं होती हैं। अनजाने में गलत चीजों का दान करना आपके पुण्य को कम कर सकता है और जीवन में नकारात्मकता ला सकता है। इसलिए, बसंत पंचमी पर यह जानना बेहद जरूरी है कि किन चीजों के दान से बचना चाहिए ताकि मां सरस्वती की कृपा आप पर सदैव बनी रहे। आइये जानते हैं इस बारे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से।

फटे-पुराने कपड़ों का दान न करें

अक्सर लोग शुभ अवसरों पर पुराने कपड़े दान करते हैं, लेकिन बसंत पंचमी के दिन फटे हुए या अत्यधिक पुराने कपड़ों का दान करने से बचना चाहिए। मां सरस्वती स्वच्छता और सात्विकता की प्रतीक हैं। ऐसे में फटे कपड़ों का दान घर में दरिद्रता और दुर्भाग्य ला सकता है। यदि आप दान करना चाहते हैं तो साफ-सुथरे या नए वस्त्रों का ही चयन करें ताकि लेने वाले को भी खुशी मिले और आपको उसका शुभ फल प्राप्त हो।

basant panchami ke din kya daan nahi karna chahiye

काले रंग की वस्तुओं का दान

बसंत पंचमी का दिन पीले रंग को समर्पित है जो सकारात्मकता और ऊर्जा का प्रतीक है। इस दिन भूलकर भी काले रंग के कपड़े, कंबल या अन्य किसी काली वस्तु का दान नहीं करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में काले रंग को शनि और राहु से जोड़कर देखा जाता है जो इस सौम्य पर्व की ऊर्जा के विपरीत माना जाता है। इस दिन काले रंग के दान से मन में अशांति और कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें- Saraswati Puja Maha Upay 2026: बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के आगे जरूर जलाएं ज्ञान का दीया, करियर में मिलेगी सफलता

जूठे या बासी भोजन का परहेज

दान हमेशा शुद्ध और ताजा होना चाहिए। बसंत पंचमी पर किसी जरूरतमंद को जूठा या बासी भोजन देना भारी पड़ सकता है। ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा और मां सरस्वती दोनों रुष्ट हो सकती हैं। धार्मिक दृष्टि से बासी भोजन का दान करने से व्यक्ति के मान-सम्मान में कमी आती है और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। इस दिन पीले चावल या सात्विक ताजे भोजन का दान करना ही उत्तम माना गया है।

basant panchami ke din kya daan na kare

प्लास्टिक या लोहे की धारदार चीजें

बसंत पंचमी के दिन प्लास्टिक का सामान या लोहे की तीखी चीजें जैसे चाकू, कैंची आदि दान करने की गलती न करें। इन चीजों का दान रिश्तों में खटास पैदा कर सकता है और परिवार में विवाद की स्थिति बना सकता है। चूँकि यह दिन कला और संगीत का है, इसलिए धारदार या हिंसक वस्तुओं का लेनदेन शुभ नहीं माना जाता। इनकी जगह किताबों या कलम का दान करना कहीं अधिक फलदायी होता है।

यह भी पढ़ें- Saraswati Puja Murti Visarjan Muhurat 2026: बसंत पंचमी के दिन कब और कैसे करें मां सरस्वती का विसर्जन? जानें विधि एवं मुहूर्त

उपयोग की गई पुरानी किताबें या कॉपियां

विद्या का दान सबसे बड़ा दान है, लेकिन बसंत पंचमी पर फटी हुई या ऐसी किताबें जिनमें से पन्ने गायब हों, उनका दान नहीं करना चाहिए। किताबों को मां सरस्वती का रूप माना जाता है, इसलिए उनका अनादर करना आपकी बुद्धि और शिक्षा में रुकावट पैदा कर सकता है। अगर आप शिक्षा से जुड़ी सामग्री दान कर रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि वे अच्छी स्थिति में हों ताकि कोई उनसे सही ढंग से ज्ञान अर्जित कर सके।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

image credit: herzindagi

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;