should radish not be eaten in magh month

Magh Maah Ke Niyam: क्या माघ माह में नहीं खानी चाहिए मूली? जानें शास्त्रों की बात

शास्त्रों और पुरानी मान्यताओं के अनुसार, माघ मास में मूली का सेवन वर्जित बताया गया है। कई लोग अनजाने में इस महीने में मूली का सेवन करते हैं, लेकिन सनातन परंपरा में इसे सेहत और आध्यात्मिकता के लिए बाधा माना गया है। 
Editorial
Updated:- 2026-01-07, 17:58 IST

हिंदू धर्म और आयुर्वेद में खान-पान को लेकर बहुत गहरे नियम बताए गए हैं जो ऋतुओं और तिथियों पर आधारित होते हैं। विशेष रूप से 'माघ' का महीना जो दान, पुण्य और पवित्र स्नान का महीना माना जाता है। इसमें कुछ विशेष चीजों के त्याग का विधान है। शास्त्रों और पुरानी मान्यताओं के अनुसार, माघ मास में मूली का सेवन वर्जित बताया गया है। इसके पीछे वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण तो हैं ही, साथ ही इसके धार्मिक पहलू भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। कई लोग अनजाने में इस महीने में मूली का सेवन करते हैं, लेकिन सनातन परंपरा में इसे सेहत और आध्यात्मिकता के लिए बाधा माना गया है। ऐसे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि आखिर क्यों माघ महीने में ज्योतिष एवं धार्मिक दृष्टि से मूली खाना वर्जित माना गया है?

क्यों माघ महीने में मूली खाने की मनाही है?

धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार, माघ के महीने में मूली का सेवन करना 'मद्य' यानी शराब के सेवन के समान माना गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस पवित्र महीने में जो व्यक्ति मूली खाता है उसे अपने आध्यात्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

kya magh maah mein muli nahi khani chahiye

चूंकि माघ का महीना आत्म-शुद्धि और भगवान विष्णु की आराधना का समय है, इसलिए सात्विक भोजन पर जोर दिया जाता है। मूली को इस समय के लिए तामसिक श्रेणी में रखा गया है जो मन की एकाग्रता को भंग कर सकती है।

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ब्रह्मवैवर्त पुराण में खान-पान के जो नियम बताए गए हैं उनमें तिथि और मास का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके अनुसार, माघ मास में मूली का सेवन करना व्यक्ति के पुण्य कर्मों को कम कर पापों को बढ़ाता है।

kya magh maah mein muli nahi kha sakte hain

विशेष रूप से अगर आप माघ स्नान या कल्पवास कर रहे हैं तो मूली का त्याग अनिवार्य माना गया है। इसे खाने से व्यक्ति की बुद्धि भ्रमित हो सकती है और सात्विकता कम होती है। शास्त्रों में केवल माघ मास ही नहीं बल्कि कुछ विशेष तिथियों पर भी मूली खाना वर्जित है।

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एकादशी और प्रतिपदा तिथि के दिन भी मूली खाना निषेध माना गया है। माना जाता है कि इन तिथियों पर मूली का सेवन करने से धन की हानि होती है और परिवार में अशांति बढ़ती है।

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image credit: herzindagi 

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