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Phulera Dooj 2026: 18 या 19 फरवरी कब है फुलेरा दूज? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Phulera Dooj 2026 Kab Hai: फुलेरा दूज भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित होता है। इस साल फुलेरा दूज कब है इसके शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Editorial
Updated:- 2026-02-17, 16:10 IST

फाल्गुन का महीना शुरू होते ही हर तरफ होली का अहसास होने लगता है। इसका सबसे ज्यादा उत्साह ब्रज में देखने को मिलता है। वहां पर फुलेरा दूज से होली शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यही वो दिन होता है। जब भगवान कृष्ण ने राधा रानी के साथ फूलों की होली खेली थी। इसलिए इस दिन को फुलेरा दूज कहा जाता है। इसी दिन से ब्रज की होली शुरू हो जाती है, जिसे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार ये तिथि कब पड़ रही है और इसके शुभ मुहूर्त क्या हैं? इसके बारे में पंडित जन्मेश द्विवेदी से आर्टिकल में जानते हैं।

फुलेरा दूज कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि की शुरूआत 18 फरवरी से दोपहर 4 बजकर 57 मिनट से हो रही है और 19 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 58 मिनट पर समाप्त हो रही है। ऐसे में फुलेरा दूज 19 फरवरी को मनाई जाएगी। इसी दिन से ब्रज में फूलों की होली शुरू होगी।

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फुलेरा दूज के शुभ मुहूर्त

मुहूर्त समय
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 5 मिनट
चर मुहूर्त  दोपहर 11 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट
लाभ मुहूर्त  दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 2 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 12 मिनट से 6 बजकर 37 मिनट

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फुलेरा दूज का महत्व

  • इसे हिंदू कैलेंडर के सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है, जो अबूझ मुहूर्त कहलाता है। इस दिन बिना पंचांग देखे विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे कोई भी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
  • यह पर्व भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन वे दोनों फूलों के साथ होली खेलते हैं, इसलिए यह दिन प्रेम संबंधों में मधुरता लाने के लिए अच्छा है।
  • मथुरा और वृंदावन में होली का उत्सव इसी दिन से शुरू होता है। मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है और भक्त फूलों की होली खेलते हैं।

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  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही हो या वैवाहिक जीवन में तनाव हो, उनके लिए इस दिन की पूजा और दान विशेष फलदायी होता है।
  • यह पर्व सर्दी के अंत और वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करता है, जो प्रकृति में नए रंगों और उमंग का प्रतीक है।
  • इस दिन वातावरण में बहुत अधिक सकारात्मकता होती है, जिससे नए व्यवसाय या कार्य की शुरुआत करना बहुत सफल माना जाता है।

फुलेरा दूज की सही तिथि के बारे में आप भी विस्तार से जानें, ताकि आप भी पूजा को अच्छे से पूरी कर सके।

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Image credit-Freepik

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