
भगवान शिव की कृपा पाने के लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि मनाई जाती है जो साधकों के लिए आध्यात्मिक शक्ति और मानसिक शांति का समय होता है। साल 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि जनवरी के महीने में आ रही है जिसे लेकर भक्तों के बीच अक्सर तिथि को लेकर उलझन रहती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, शिवरात्रि की पूजा मुख्य रूप से मध्यरात्रि निशिता काल में की जाती है, इसलिए सही तिथि का चयन शास्त्र सम्मत होना अनिवार्य है। ऐसे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइए जानते हैं कि इस बार 16 जनवरी या 17 जनवरी में से किस दिन यह पावन पर्व मनाया जाएगा और महादेव को प्रसन्न करने के क्या विशेष मुहूर्त और उपाय हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 16 जनवरी, शुक्रवार के दिन रात 10 बजकर 21 मिनट पर होगा। वहीं, इसका समापन 17 जनवरी, शनिवार के दिन रात 12 बजकर 3 मिनट पर होगा।
यूं तो उदया तिथि के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का पर्व 17 जनवरी को मनाया जाना चाहिए, लेकिन चूंकि मासिक शिवरात्रि के दिन शिव जी की पूजा नीतिशा काल में की जाती है। ऐसे में जनवरी की मासिक शिवरात्रि का व्रत 16 जनवरी को रखा जाएगा।
हालांकि, मासिक शिवरात्रि के दिन यानी कि 16 जनवरी को भद्रा का साया भी पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार, भद्र का समय रात 10 बजकर 21 मिनट से 17 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट है। हालाकि, पाताल में होने के कारण भद्रा मान्य नहीं है।

मासिक शिवरात्रि पर सबसे महत्वपूर्ण समय 'निशिता काल' यानी मध्यरात्रि की पूजा का होता है। 16 जनवरी को पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 4 मिनट से आरंभ होगा और रात 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।
लगभग 53 मिनट की ये अवधि महादेव की विशेष आराधना के लिए सर्वोत्तम है। इसके अलावा, जो लोग मासिक शिवरात्रि का दान करना चाहते हैं उनके लिए 17 जनवरी यानी कि उदया तिथि श्रेष्ठ रहेगी। दान का मुहूर्त सुबह 07:15 बजे से लेकर सुबह 10:30 बजे तक रहेगा।
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मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन से सभी प्रकार के भय और बाधाएं दूर हो जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर शिव और शक्ति का मिलन हुआ था। साल की पहली मासिक शिवरात्रि पर महादेव की पूजा करने से पूरे वर्ष घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है।
यह व्रत कुंवारी कन्याओं के लिए मनचाहा वर पाने और विवाहित महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। आध्यात्मिक रूप से यह दिन काम, क्रोध और लोभ जैसे विकारों को नष्ट कर मन को शिवमय बनाने का अवसर प्रदान करता है।

महादेव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं। सबसे पहले, शिवलिंग पर पंचामृत और गन्ने का रस अर्पित करें, इससे आर्थिक तंगी दूर होती है। अगर जीवन में बहुत संघर्ष है तो शिवरात्रि की रात शिवलिंग के पास घी का दीपक जलाएं और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें।
वैवाहिक जीवन की समस्याओं के लिए माता पार्वती और भगवान शिव को लाल चुनरी और कलावा अर्पित करें। इसके अतिरिक्त, बेलपत्र पर सफेद चंदन से 'राम' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने से महादेव अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होकर सभी बिगड़े काम बना देते हैं।
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