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Maa katyayni Puja vidhi and mantra

Maa Katyayani Puja Vidhi & Mantra 2026: चैत्र नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी का पूजन, जानें संपूर्ण पूजा विधि और मंत्र

चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी का पूजन किया जाता है। इन्हें शक्ति और भय को नाश करने वाली देवी कहते हैं। आप भी इनके पूजन में किसी तरह की कोई कमी न छोड़ें पूजा सामग्री की लिस्ट पहले ही तैयार कर लें, ताकि पूजा अच्छे से पूरी हो सके और मंत्रों का सही तरीके से उच्चारण कर पाएं।
Editorial
Updated:- 2026-03-24, 05:04 IST

चैत्र नवरात्रि के हर दिन किसी न किसी माता को समर्पित होता है। छठे नवरात्रि के दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। यह देवी का स्वर्ण के समान अत्यंत ओजस्वी रूप कहा जाता है। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण इनका नाम कात्यायनी रखा गया। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा से माता की आराधना करता है उसे भय नहीं लगता है। आइए बताते हैं इनकी संपूर्ण पूजा विधि और मंत्र जो पूजन के समय अहम होते हैं। पंडित जन्मेश द्विवेदी ने इसकी लिस्ट और जानकारी विस्तार से शेयर की है।

मां कात्यायनी पूजा विधि (Maa Katyayani Puja Vidhi 2026)

नवरात्रि के छठे दिन की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके विवाह में बाधा आ रही हो, लेकिन अगर आप नवरात्रि के व्रत रख रही हैं, तो आप भी विधि-विधान के साथ इनकी पूजा कर सकती हैं, ताकि आपके जीवन की समस्याएं कम हो सके।

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  • इसके लिए सुबह उठकर स्नान करें।
  • फिर साफ-सुथरे कपड़ों को पहनें, ताकि आप पूजा में स्वच्छ रहें।
  • इसके बाद आप मां कात्यायनी को चढ़ाने के लिए पीले रंग का कपड़ा लेकर आएं।
  • इस कपड़े को मां की तस्वीर के सामने रखें।
  • अब हाथ में फूल लेकर मां कात्यायनी का ध्यान करें और व्रत धारण करें।
  • इसके बाद तस्वीर को कुमकुम का टीका लगाएं। अक्षत और पीले फूल अर्पित करें।
  • फिर आपको व्रत कथा पढ़नी है और माता रानी की आरती करनी है।
  • इसके बाद मां कात्यायनी को शहद या उससे बनी चीजों का भोग लगाना है।
  • इसके बाद पूरे घर में धूप दिखानी है। इससे आपकी पूजा पूरी मानी जाएगी।

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मां कात्यायनी के सिद्ध मंत्र और अर्थ (Maa Katyayani Puja Mantra 2026)

  • स्तुति मंत्र या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ इसका अर्थ है, जो देवी सभी प्राणियों में मां कात्यायनी के रूप में स्थित हैं, उन्हें मेरा बार-बार प्रणाम है।
  • शक्तिशाली बीज मंत्र ॐ ह्रीं कात्यायन्यै स्वाहा ॥ इसका अर्थ है। 'ह्रीं' माया बीज है जो शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। इस मंत्र के माध्यम से हम मां कात्यायनी की दिव्य ऊर्जा को अपने भीतर आत्मसात करने की प्रार्थना करते हैं।
  • विवाह बाधा दूर करने का मंत्र कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥ इसका अर्थ है, हे देवी कात्यायनी! हे महामाया! हे महायोगिनी! आप समस्त संसार की स्वामिनी हैं, मैं आपको प्रणाम करती हूं।

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आप भी सही पूजा विधि और मंत्रों का उच्चारण करके मां कात्यायनी की पूजा को पूरी कर सकती हैं। इससे आपके जीवन में सफलता और सकारात्मकता के नए रास्ते खुल जाएंगे।

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Image credit-Freepik/ Shutterstock

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