
आज रविवार, 25 जनवरी 2026 का दिन सनातन धर्म में आरोग्य और मोक्ष का महापर्व है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जिसे रथ सप्तमी अचला सप्तमी या सूर्य जयंती के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, आज ही के दिन भगवान सूर्य ने अपने सात घोड़ों वाले रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड को प्रकाशित करना शुरू किया था। आज रविवार भी है, इसलिए यह भानु सप्तमी का दुर्लभ और अत्यंत पुण्यदायी संयोग बना रहा है। मध्य प्रदेश के लिए आज का दिन और भी खास है क्योंकि आज नर्मदा जयंती भी मनाई जा रही है। आज रेवती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। आज चंद्रमा के मीन राशि से मेष राशि में जाने के साथ ही पिछले पांच दिनों से चले आ रहे पंचक की समाप्ति हो जाएगी। यह दिन सूर्य उपासना और पवित्र नदियों में स्नान के लिए सर्वश्रेष्ठ है। आइए जानते हैं पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग, रथ सप्तमी का महत्व और सूर्य को प्रसन्न करने के उपाय।
आज के दिन को दिन सूर्य देव का जन्मदिन माना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन अरुणोदय काल सूर्योदय से ठीक पहले में स्नान करने और सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति को 7 जन्मों के पापों और चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है। आज के दिन सूर्य अपनी रश्मियों किरणों के साथ पृथ्वी पर सबसे अधिक ऊर्जा बरसाते हैं। रविवार और सप्तमी का संयोग होने से आज किया गया दान और पूजा 100 सूर्य ग्रहणों के बराबर फल देती है। यह दिन आंखों की रोशनी बढ़ाने और पिता के सुख के लिए उत्तम है। आज नम्र जी का प्राकट्य भी उत्सव भी है माँ नर्मदा को शिव की पुत्री माना जाता है। आज के दिन नदी में दीपदान करने से कालसर्प दोष और पितृ दोष शांत होते हैं। आज रेवती अंतिम नक्षत्र है और मीन अंतिम राशि। आज एक चक्र पूरा हो रहा है। यह दिन पुराने विवादों को खत्म करने के लिए शुभ है।
रविवार को राहुकाल शाम 4:30 बजे से सूर्यास्त तक रहता है। इस समय कोई भी शुभ कार्य न करें।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| सप्तमी (रात्रि 11:12 बजे तक) | रेवती | रविवार | साध्य | गर |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 56 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 05 बजकर 59 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | रात्रि 12 बजकर 35 मिनट पर होगा। |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 21 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 05 बजकर 59 मिनट से 06 बजकर 27 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहुकाल | शाम 04 बजकर 36 मिनट से 05 बजकर 59 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से 01 बजकर 50 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से 04 बजकर 36 मिनट तक |
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