
आज शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 का दिन देवी लक्ष्मी की आराधना और नए कार्यों की सिद्धि के लिए समर्पित है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज विशेष रूप से साध्य योग बन रहा है। साध्य योग में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं और सफलता प्राप्त होती है। आज आकाश मंडल में उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी शनि हैं और देवता अहिर्बुध्न्य हैं। उत्तराभाद्रपद स्थिरता और ज्ञान का नक्षत्र है। शुक्रवार और साध्य योग का यह संयोग धन, कला और विद्या का अद्भुत मिश्रण है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और शुक्रवार के अचूक उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| तृतीया (दोपहर 02:40 बजे तक) | उत्तराभाद्रपद | शुक्रवार | साध्य | वणिज |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 39 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 08 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | सुबह 08 बजकर 16 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | शाम 08 बजकर 56 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 01 मिनट से 05 बजकर 49 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 01 बजकर 47 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 48 मिनट से 03 बजकर 35 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 22 मिनट से 06 बजकर 47 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से 04 बजकर 54 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 08 बजकर 05 मिनट से 09 बजकर 33 मिनट तक |
शुक्रवार को राहु काल सुबह 11:00 बजे से 12:30 बजे के बीच होता है। इस समय माता लक्ष्मी की पूजा की जा सकती है, लेकिन नए निवेश या खरीदारी न करें। आज मीन राशि में चंद्रमा होने से पंचक भी जारी रहेगा।
आज फाल्गुन शुक्ल तृतीया तिथि है, जिसे गौरी तृतीया भी माना जाता है। आज के दिन साध्य योग का निर्माण हो रहा है। साध्य का अर्थ है लक्ष्य या जिसे साधा जा सके । मान्यता है कि साध्य योग में शुरू किया गया व्यापार या विद्या सीखने का काम कभी असफल नहीं होता। साथ ही आज उत्तराभाद्रपद नक्षत्र है जो कि शनि का नक्षत्र है। इसका प्रतीक पलंग के पीछे के पाये या जुड़वां चेहरे है, जो ध्यान और स्थिरता का सूचक है। यह नक्षत्र विवाह, गृह निर्माण और दीर्घकालिक निवेश के लिए अत्यंत शुभ है। इसके देवता 'अहिर्बुध्न्य' हैं जो गहरे ज्ञान और सुरक्षा का आशीर्वाद देते हैं। आज शुक्रवार भी है जो शुक्र ग्रह और माता लक्ष्मी का दिन है, यह दिन कला, सौंदर्य और धन वृद्धि के लिए वरदान समान है।
ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार शुक्र का दिन माना जाता है और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि हैं। आज इन दोनों का मिलन और साथ में साध्य योग का प्रभाव भौतिक सुख और स्थायी सफलता का योग बनाता है। आज का दिन किसी बड़े निवेश, आभूषण खरीदने या नए व्यापार की बात पक्की करने के लिए उत्तम है। शनि और शुक्र की मित्रता आपको व्यापारिक सफलता दिलाती है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रिश्तों में गहराई और गंभीरता लाने वाला है। आज आप अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लेंगे। आज किया गया गुप्त दान आपके भाग्य के दरवाजे खोल देता है।

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