
आज सोमवार, 20 अप्रैल 2026 का दिन पूरे साल का सबसे शुभ और अबूझ मुहूर्त वाला दिन है। आज पवित्र वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया का पावन पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि आज सुबह 07:30 बजे तक रहेगी और उसके ठीक बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। अक्षय तृतीया एक ऐसा दिन है जब किया गया कोई भी शुभ काम, दान या निवेश कभी खत्म नहीं होता, उसका फल हमेशा बना रहता है। आज आकाश मंडल में रात 02:09 बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा। साथ ही आज पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का प्रभाव रहेगा, जो हर रुकावट को दूर करके पक्की सफलता दिलाने की ताकत रखता है। आज शाम 04:10 बजे तक सौभाग्य योग भी रहेगा। सोमवार का दिन महादेव को समर्पित है, और आज अक्षय तृतीया पर रोहिणी नक्षत्र, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का मिलना एक बहुत ही शुभ महासंयोग है। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज के इस खास पंचांग की पूरी जानकारी, शुभ-अशुभ समय, आज का फल और जीवन की हर बाधा को दूर करने के बेहद आसान और घरेलू उपाय विस्तार से जानते हैं।
| तिथि नक्षत्र दिन | वार योग करण |
| त्रयोदशी (शाम 07:11 बजे तक) | पुष्य रविवार शोभन कौलव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 32 मिनट पर होगा। |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 13 मिनट पर होगा। |
| चंद्रोदय | दोपहर 04 बजकर 15 मिनट पर होगा। |
| चंद्रास्त | सुबह 05 बजकर 40 मिनट पर होगा |
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| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त (सूर्य पूजन का शुभ समय) | सुबह 04 बजकर 53 मिनट से 05 बजकर 41 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त (सूर्य पूजन का शुभ समय) | सुबह 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 53 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 53 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | शाम 04 बजकर 58 मिनट से 06 बजकर 28 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से 04 बजकर 58 मिनट तक |
सोमवार को राहु काल सुबह के समय होता है। अक्षय तृतीया होने के बावजूद, राहु काल के समय में बड़े पैसों के लेन-देन से बचना चाहिए। इस दौरान केवल भगवान का ध्यान करें।
अक्षय तृतीया का मतलब है वह दिन जिसका कभी क्षय न हो। वैशाख के महीने में जल और मिट्टी के घड़े का दान सबसे बड़ा माना गया है। आज सोमवार होने से महादेव और माता लक्ष्मी की संयुक्त कृपा बरसेगी। रोहिणी नक्षत्र, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का होना यह बताता है कि आज किया गया कोई भी नया काम या शुरुआत आपको भविष्य में बहुत बड़ी तरक्की दिलवाएगी। आज के दिन सोना-चांदी या कोई भी शुभ चीज खरीदना बहुत अच्छा होता है, लेकिन अगर आप कुछ खरीद नहीं सकते तो केवल एक मिट्टी का बर्तन दान करना भी उतना ही पुण्य देता है।
सोमवार को अक्षय तृतीया के दिन रवियोग और सर्वार्थ सिद्धि योग का एक साथ बनना सामान्य संयोजन नहीं है, यह मजबूत आध्यात्मिक और सांसारिक ऊर्जा का मेल है, लेकिन इसे चमत्कार समझ लेना भूल होगी। अक्षय तृतीया स्वयं में ऐसा पर्व माना जाता है जिसमें किया गया शुभ कर्म, दान, जप, निवेश या आरंभ दीर्घकाल तक फल देने की क्षमता रखता है। सोमवार चंद्र का दिन है, जो मन, भावनाओं, परिवार और आंतरिक स्थिरता से जुड़ा है। ऐसे में इस दिन की गई शुरुआत केवल बाहरी लाभ ही नहीं बल्कि मानसिक संतोष से भी जुड़ती है। आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन शिव पूजन, विष्णु-लक्ष्मी उपासना, जप, दान, अन्नदान या जरूरतमंद की सहायता के लिए अत्यंत प्रभावी हो सकता है। मानसिक शुद्धता और संकल्प की पवित्रता इस दिन सबसे बड़ा कारक है। सीधी बात यह है कि यह संयोजन दीर्घकालिक स्थिर प्रगति का मौका देता है।
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