
आज बुधवार, 18 फरवरी 2026 का दिन नई शुरुआत और बौद्धिक क्षमता के विकास का दिन है। आज से फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष का आरंभ हो रहा है और आज प्रतिपदा तिथि है। शुक्ल पक्ष का चंद्रमा अब धीरे-धीरे अपनी कलाएं बढ़ाएगा, जो मन में सकारात्मकता और नई ऊर्जा का संचार करेगा। आज आकाश मंडल में शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। शतभिषा का अर्थ है सौ चिकित्सक । इस नक्षत्र के स्वामी राहु हैं और देवता जल के स्वामी वरुण देव हैं। बुधवार और शतभिषा का यह संयोग ज्योतिष में अति-तीक्ष्ण बुद्धि और टेक्नोलॉजी का संगम माना जाता है। बुध और राहु मित्र हैं, इसलिए आज का दिन रिसर्च, मेडिकल फील्ड और रहस्यमयी विद्याओं को सीखने के लिए बहुत श्रेष्ठ है। हालांकि, कुंभ राशि में चंद्रमा होने के कारण अग्नि पंचक का प्रभाव आज भी जारी रहेगा। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और बुधवार के अचूक उपाय

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| प्रतिपदा (शाम 05:00बजे तक) | शतभिषा | बुधवार | शिव | बव |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 41 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 07 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | सुबह 07 बजकर 08 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | शाम 07 बजकर 00 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 05 मिनट से 05 बजकर 51 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) बुधवार को अभिजीत मुहूर्त वर्जित माना जाता है |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 47 मिनट से 03 बजकर 33 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 20 मिनट से 06 बजकर 45 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से 01 बजकर 56 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 08 बजकर 06 मिनट से 09 बजकर 34 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक |
बुधवार को राहु काल दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे के बीच होता है। इस समय पैसों का लेन-देन, नया निवेश या महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट साइन न करें।
आज से फाल्गुन महीने का उजला पखवाड़ा शुक्ल पक्ष शुरू हो गया है। अमावस्या की नकारात्मकता समाप्त हो चुकी है। यह समय जीवन में नए संकल्प लेने, रुकी हुई योजनाओं को फिर से शुरू करने और होली के पर्व की तैयारियों के लिए शुभ है। आज शतभिषा नक्षत्र है जो चिकित्सा का नक्षत्र है शतभिषा का प्रतीक खाली वृत्त या फूल है। इस नक्षत्र का सीधा संबंध हीलिंग और गुप्त रहस्यों से है। यदि आप किसी पुरानी बीमारी से परेशान हैं, तो आज के दिन नई चिकित्सा या योग-प्राणायाम शुरू करने से चमत्कारी लाभ मिलता है। इसके देवता वरुण हैं, इसलिए जल संरक्षण के कार्य आज विशेष पुण्य देते हैं।आज अग्नि पंचक जारी है। दक्षिण दिशा की यात्रा न करें, घर में लकड़ी या ईंधन का बड़ा स्टॉक न खरीदें और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें।
ज्योतिष शास्त्र में बुधवार बुद्धि/व्यापार और शतभिषा नक्षत्र राहु/तकनीक का मिलन जीवन में कुछ नया सोचने की क्षमता बढ़ाता है। आज करियर और आईटी वालो के लिए शुभ है यह दिन कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, एआई , एस्ट्रोलॉजी और मेडिकल फील्ड से जुड़े लोगों के लिए वरदान है। आज कोई अटका हुआ तकनीकी काम चुटकियों में सुलझ जाएगा। राहु रहस्य का कारक है। आज आपकी बातों में एक 'रहस्य' होगा। आज अपनी कोई भी महत्वपूर्ण योजना किसी के साथ साझा न करें, काम पूरा होने तक उसे गुप्त रखें। आज वाणी पर नियंत्रण रखे बुध वाणी है और राहु भ्रम है। आज मजाक-मजाक में भी किसी पर कोई झूठा आरोप न लगाएं, वरना बात बिगड़ सकती है।

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