Wed Feb 18, 2026 | Updated 10:02 AM IST
aaj ka choghadiya 18 february 2026

Aaj Ka Choghadiya 18 February 2026: बुधवार के दिन बन रहा है फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा और शतभिषा नक्षत्र कल्याणकारी संयोग, जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

18 फरवरी 2026 को बुधवार, फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा और शतभिषा नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। यह दिन नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है। 
Editorial
Updated:- 2026-02-18, 07:29 IST

18 फरवरी 2026 आज बुधवार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से फाल्गुन महीने का शुक्ल पक्ष प्रारंभ हो रहा है, जो नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है। आज शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। शतभिषा का अर्थ है सौ चिकित्सक या सौ फूल । इसके स्वामी राहु हैं और देवता जल के देवता 'वरुण' हैं। यह नक्षत्र चिकित्सा, हीलिंग, रहस्यमयी विद्याओं और तकनीकी ज्ञान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही आज साध्य योग बन रहा है। साध्य का अर्थ है जिसे साधा जा सके या सफलता । बुधवार और शतभिषा का संयोग आज तकनीकी कार्यों , मेडिकल रिसर्च और नई विद्या सीखने के लिए बहुत ही शक्तिशाली है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की शुरुआत के साथ ही आज मन में नए विचार और उमंग रहेगी। शतभिषा नक्षत्र सौ चिकित्सक होने के कारण आज के दिन किसी भी पुरानी बीमारी के इलाज की शुरुआत करना या नई औषधि लेना बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता है। राहु के नक्षत्र और बुधवार के संयोग में भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाना और ॐ गं गणपतये नमः का जाप करना बुद्धि को कुशाग्र बनाता है। आज के दिन अस्पताल में दवाइयों का दान करना या किसी बीमार व्यक्ति की मदद करना राहु के सभी दोषों को समाप्त कर देता है।

दिन का चौघड़िया – 18 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज बुधवार है, इसलिए दिन की शुरुआत लाभ चौघड़िया से हो रही है।
  • बुधवार की शुरुआत लाभ चौघड़िया से हो रही है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष के पहले दिन की यह शुरुआत शिक्षा, नए संकल्प और आर्थिक योजनाओं के लिए बहुत शुभ है। गणेश जी का स्मरण कर दिन आरंभ करें।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है। शतभिषा नक्षत्र में यदि आपको किसी डॉक्टर से सलाह लेनी है, मेडिकल टेस्ट कराने हैं या किसी शुभ कार्य का श्रीगणेश करना है, तो यह समय "स्वर्ण काल" है। साध्य योग आपको इस समय पूर्ण सफलता देगा।
  • काल चौघड़िया इस समय थोड़ा सतर्क रहें। राहु के नक्षत्र में काल चौघड़िया अज्ञात भय या कन्फ्यूजन पैदा कर सकता है। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और महत्वपूर्ण निर्णय टाल दें।
  • शुभ चौघड़िया के समय बुधवार को दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक राहुकाल रहता है। इसलिए 12:00 बजे तक ही इस शुभ चौघड़िया का लाभ लें। 12:00 बजे के बाद राहुकाल के प्रभाव में शुभ कार्य रोक दें।
  • रोग चौघड़िया यह समय पूरी तरह से राहुकाल और रोग चौघड़िया के प्रभाव में है। स्वास्थ्य नरम रह सकता है और निर्णय गलत हो सकते हैं। विश्राम करें और वाद-विवाद से बचें।
  • उद्वेग चौघड़िया में मन में थोड़ी चिंता या भटकाव हो सकता है। कार्यस्थल पर किसी सहकर्मी से न उलझें। ठंडे दिमाग से काम लें।
  • चल चौघड़िया में स्थिति सामान्य होगी। तकनीकी कार्यों आईटी /सॉफ्टवेयर , यात्रा और मार्केटिंग के लिए यह समय बहुत ही उत्तम है। रुके हुए काम गति पकड़ेंगे।
  • लाभ चौघड़िया में दिन का समापन लाभ चौघड़िया से होगा। शाम को व्यापारिक हिसाब-किताब और अगले दिन की तैयारी के लिए यह समय शुभ है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
लाभ                                               06:43 बजे से 08:08 बजे तक
अमृत 08:08 बजे से 09:34 बजे तक
काल 09:34 बजे से 10:59 बजे तक
शुभ 10:59 बजे से 12:25 बजे तक                                                
रोग 12:25 बजे से 01:50 बजे तक
उद्वेग 01:50 बजे से 03:16 बजे तक
चल 03:16 बजे से 04:41 बजे तक
लाभ 04:41 बजे से 06:07 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • शतभिषा नक्षत्र की रात रहस्यमयी विद्याओं और हीलिंग के लिए जानी जाती है।
  • उद्वेग चौघड़िया में सूर्यास्त के समय मन थोड़ा विचलित हो सकता है। गणेश जी की आरती करें और घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए कपूर जलाएं।
  • शुभ चौघड़िया में यह समय बहुत अच्छा है। परिवार के साथ भोजन और सुखद वार्तालाप के लिए उत्तम है। शतभिषा नक्षत्र में बड़ों का सम्मान करने से घर में शांति आती है।
  • अमृत चौघड़िया के समय अध्ययन और ध्यान विद्यार्थियों, रिसर्चर्स और रहस्यमयी विद्याओं जैसे ज्योतिष या दर्शन शास्त्र को सीखने वालों के लिए यह समय अच्छा है। एकाग्रता चरम पर होगी।
  • चल चौघड़िया यह सामान्य समय है। अगले दिन के कार्यों की योजना बनाएं और सोने की तैयारी करें।
  • रोग चौघड़िया में स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शतभिषा के प्रभाव में नींद में खलल पड़ सकता है या अजीब सपने आ सकते हैं।
  • काल चौघड़िया में मध्य रात्रि का यह समय नकारात्मक ऊर्जा का हो सकता है। व्यर्थ की चिंताओं को मन पर हावी न होने दें।
  • लाभ चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त में यह समय बहुत सकारात्मक है। उठकर ध्यान करने या योग करने के लिए श्रेष्ठ है। शतभिषा नक्षत्र की ऊर्जा इस समय शरीर और मन को हीलिंग देती है।
  • उद्वेग चौघड़िया सुबह होने से पहले मन में थोड़ी हड़बड़ी हो सकती है। शांत रहें और नए दिन की तयारी करें।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
उद्वेग                                                06:05 बजे से 07:41 बजे तक                                              
शुभ 07:41 बजे से 09:16 बजे तक
अमृत 09:16 बजे से 10:50 बजे तक
चल 10:50 बजे से 12:25 बजे तक
रोग 12:25 बजे से 01:59 बजे तक
काल 1:59 बजे से 03:34 बजे तक
लाभ 03:34 बजे से 05:08 बजे तक
उद्वेग 05:08 बजे से 06:43 बजे तक

 

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसे ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: Shutterstock.com   

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, [email protected] पर हमसे संपर्क करें।

;