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आज मंगलवार, 17 फरवरी 2026 का दिन ज्योतिष और तंत्र-मंत्र की दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। जब भी अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ती है, तो उसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है। यह दिन कर्ज मुक्ति, मंगल दोष निवारण और पितरों को प्रसन्न करने के लिए साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। आज आकाश मंडल में धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं और इसके देवता अष्ट वसु हैं। धनिष्ठा का अर्थ है सबसे धनवान। मंगलवार , भौमवती अमावस्या और धनिष्ठा नक्षत्र का यह त्रिपल मंगल महासंयोग जीवन से दरिद्रता और शत्रुओं का नाश करने के लिए अचूक है। हालांकि, आज दोपहर से अग्नि पंचक भी शुरू हो रहे हैं, इसलिए अग्नि और मशीनरी से सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और मंगल दोष निवारण के अचूक उपाय।
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| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| अमावस्या (शाम 05:33बजे तक) | धनिष्ठा | मंगलवार | परिघ | नाग |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 41 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 07 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | अमावस्या के कारण चंद्र दर्शन नहीं होंगे |
| चंद्रास्त | शाम 06 बजकर 03 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 05 मिनट से 05 बजकर 52 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 01 बजकर 47 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 46 मिनट से 03 बजकर 32 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 19 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 03 बजकर 25 मिनट से 04 बजकर 52 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 09 बजकर 35 मिनट से 11 बजकर 02 मिनट तक |
| गुलिक काल | दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से 01 बजकर 57 मिनट तक |
मंगलवार को राहु काल दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे के बीच होता है। अमावस्या के दिन राहु काल में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित माना जाता है।
आज भौमवती अमावस्या है मंगलवार की अमावस्या कर्ज और मुकदमों से छुटकारा पाने के लिए ब्रह्मास्त्र है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल नीच का है या मंगली दोष के कारण विवाह में अड़चन आ रही है, उन्हें आज के दिन मंगल देव और हनुमान जी की विशेष पूजा करनी चाहिए। आज पितरों के निमित्त तर्पण करने से घर में अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। आज का धनिष्ठा है जिसका प्रतीक मृदंग या डमरू है। यह नक्षत्र अपार धन-संपत्ति और संगीत का कारक है। मंगल का नक्षत्र होने के कारण आज प्रॉपर्टी से जुड़े रुके हुए काम सुलझ सकते हैं। आज दोपहर 11:45 बजे जब चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेगा, तब से अग्नि पंचक लग जाएंगे। इन 5 दिनों में लकड़ी का सामान खरीदना, घर की छत ढलवाना, और दक्षिण दिशा की यात्रा करना शास्त्रों में वर्जित बताया गया है। आग और बिजली के उपकरणों से भी बचकर रहना चाहिए।
आज का दिन ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार का दिन , भौमवती तिथि और धनिष्ठा नक्षत्र का मिलन मंगल की सर्वोच्च ऊर्जा का निर्माण करता है। आज आपके अंदर किसी भी चुनौती से लड़ने का अदम्य साहस होगा। जो काम लंबे समय से रुके पड़े थे, उन्हें आज आप अपनी जिद और ऊर्जा से पूरा कर लेंगे।: मंगल की इतनी अधिक प्रधानता होने के कारण स्वभाव में अत्यधिक गुस्सा और चिड़चिड़ापन आ सकता है। आज वाहन बहुत संभलकर चलाएं विशेषकर अग्नि पंचक के कारण और किसी से भी बिना बात के न उलझें।आज प्रॉपर्टी का विवाद सुलझाने या किसी पुराने कर्ज का एक हिस्सा चुकाने के लिए आज से बेहतरीन दिन पूरे साल में नहीं मिलेगा।

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