
आज गुरुवार, 12 मार्च 2026 का दिन बहुत ही पवित्र और खास है। आज के दिन श्री हरि भगवान विष्णु जी और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज पवित्र चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पूरी रात रहेगी। आज रात 12:44 बजे तक मूल नक्षत्र रहेगा और उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा। इसके साथ ही, आज सुबह 09:57 बजे तक सिद्धि योग रहेगा, जिसके बाद व्यतीपात योग शुरू हो जाएगा। सिद्धि योग हर काम में सफलता देने वाला योग माना जाता है। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज के इस खास पंचांग की पूरी जानकारी, शुभ-अशुभ समय और जीवन की हर परेशानी को दूर करने के बेहद आसान और घरेलू उपाय विस्तार से जानते हैं।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| नवमी (पूरी रात) | मूल | गुरुवार | सिद्धि | तैतिल |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 22 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 18 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | रात 02 बजकर 17 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | दोपहर 12 बजकर 01 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 04 बजकर 42 मिनट से 05 बजकर 30 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 15 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 34 मिनट से 06 बजकर 58 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से 03 बजकर 29 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 06 बजकर 22 मिनट से 07 बजकर 53 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 09 बजकर 24 मिनट से 10 बजकर 55 मिनट तक |
गुरुवार को राहु काल दोपहर के समय होता है। इस दौरान किसी भी तरह की नई खरीदारी, जरूरी यात्रा की शुरुआत, या बड़े पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचना चाहिए।
चैत्र कृष्ण नवमी और गुरुवार का संयोग आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। गुरुवार का दिन मुख्य रूप से भगवान श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की सच्चे मन से आराधना करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहनना और पीली वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। नवमी तिथि को एक पूर्ण तिथि माना जाता है, इसलिए आज के दिन शुरू किए गए शुभ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है। परिवार के साथ मिलकर भगवान की पूजा-अर्चना करने और बड़ों का आशीर्वाद लेने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
गुरुवार के दिन मूल नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत ही लाभकारी माना जाता है। गुरुवार ज्ञान, धर्म और कृपा का प्रतीक है। जब इस दिन सिद्धि योग का प्रभाव होता है, तो व्यक्ति के सोचे हुए कार्य बिना किसी बड़ी बाधा के पूरे होने लगते हैं। सिद्धि योग अपने नाम के अनुरूप ही कार्यों में सफलता और सिद्धि प्रदान करता है। वहीं, मूल नक्षत्र को जड़ या नींव से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस नक्षत्र में किसी भी विषय की गहराई तक जाने, आत्म-मंथन करने और अपने भविष्य की मजबूत नींव रखने के लिए समय बहुत अनुकूल होता है। इस शुभ संयोग में किए गए धार्मिक कार्य और नई योजनाएं लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देती हैं।

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