
आज गुरुवार, 12 फरवरी 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। पंचांग गणना के अनुसार, आज दोपहर 12:25 बजे तक दशमी तिथि रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। नक्षत्रों की स्थिति आज विशेष ध्यान देने योग्य है। दोपहर 01:43 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा और इसके तुरंत बाद मूल नक्षत्र शुरू हो जाएगा। जब ज्येष्ठा समाप्त होता है और मूल शुरू होता है, तो इसे ज्योतिष में गंडात योग कहते हैं। यह समय संधिकाल होता है जो नए कार्यों के लिए वर्जित, लेकिन पूजा-पाठ के लिए बहुत शक्तिशाली होता है। आज चंद्रमा दोपहर 01:43 बजे वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। गुरुवार और इस संधिकाल का संयोग विष्णु उपासना के लिए श्रेष्ठ है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग और उपाय।

| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| दशमी (सुबह 12:25 बजे तक) | ज्येष्ठा | गुरुवार | सिद्धि | वणिज |
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06 बजकर 44 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 04 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | रात 03 बजकर 37 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | सुबह 01 बजकर 18 मिनट पर होगा |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 09 मिनट से 05 बजकर 58 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) दोपहर 12 बजकर 02 मिनट से 01 बजकर 47 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 42 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 40 मिनट तक |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 01 बजकर 56 मिनट से 03 बजकर 22 मिनट तक |
| यमगंड | सुबह 06 बजकर 45 मिनट से 08 बजकर 11 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 09 बजकर 38 मिनट से 11 बजकर 04 मिनट तक |
गुरुवार को राहु काल दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे के बीच होता है। आज राहु काल और गंडात का समय एक साथ पड़ रहा है, इसलिए इस समय घर से बाहर निकलने या जोखिम लेने से बचें।
आज गंडात योग है जब भी ज्येष्ठा से मूल का होता है तब ये योग बनता है आज चंद्रमा वृश्चिक से निकलकर धनु में जाएंगे। यह समय मानसिक अस्थिरता और भावनात्मक तूफान का होता है। इस समय किया गया निर्णय अक्सर गलत साबित होता है। लेकिन, मंत्र सिद्धि और ध्यान के लिए यह समय अमृत समान है।आज दशमी और एकादशी का भी संयोग है दोपहर 12:25 के बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। जो लोग विजया एकादशी का व्रत कल रखेंगे, उन्हें आज दशमी के नियमों का पालन करना चाहिए आज गुरुवार और विष्णु कृपा प्राप्ति का दिन है गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और गुरु ग्रह को समर्पित है। आज गंडमूल दोष को शांत करने के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ सबसे बड़ा कवच है।
ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार और गंडात ज्येष्ठा-मूल का मिलन जीवन में ट्रांसफॉर्मेशन लाता है।आज इसके प्रभाव से दोपहर के समय वाहन बहुत सावधानी से चलाएं। क्युकी इस समय पर लोहे या बिजली के उपकरणों से चोट लगने का भय रहता है।आज का यह दिन पुरानी आदतों को छोड़ने और नई भक्ति शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। मूल नक्षत्र जड़ तक जाता है, इसलिए आज किसी समस्या की जड़ को पकड़ने में सफलता मिलेगी।

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