Thu Feb 12, 2026 | Updated 08:48 AM IST
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Aaj Ka Choghadiya 12 February 2026: गुरुवार के दिन रहेगा ज्येष्ठा-मूल नक्षत्र और गंडान्त योग का प्रभाव, जानें आज का चौघड़िया मुहूर्त

12 फरवरी 2026 को ज्येष्ठा-मूल नक्षत्र परिवर्तन और गंडान्त योग के कारण दिन संवेदनशील है। दोपहर 01:43 बजे ज्येष्ठा समाप्त होकर मूल नक्षत्र शुरू होगा, जो नई शुरुआत के लिए अशुभ है। 12:25 बजे एकादशी लगने से भगवान विष्णु की पूजा का महत्व बढ़ेगा। राहुकाल दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक रहेगा। बड़े भौतिक कार्यों से बचें और पूजा-पाठ पर ध्यान दें।
Editorial
Updated:- 2026-02-12, 07:11 IST

आज का दिन बहुत संवेदनशील है। दोपहर 01:43 बजे जब ज्येष्ठा समाप्त होगा और मूल शुरू होगा, तो इसे गंडान्त कहा जाता है। यह समय नई शुरुआत के लिए शुभ नहीं माना जाता। साथ ही, दोनों नक्षत्र ज्येष्ठा और मूल गंडमूल श्रेणी में आते हैं। इसलिए आज का दिन पूजा-पाठ और मानसिक शांति के लिए तो उत्तम है, लेकिन बड़े भौतिक कार्यों जैसे गृह प्रवेश, शादी की बात पक्की करना के लिए सतर्कता बरतने वाला है।

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व-

आज गुरुवार और दशमी-एकादशी का संगम है। दोपहर 12:25 के बाद एकादशी लगने से भगवान विष्णु की आराधना का महत्व बढ़ जाता है। ज्येष्ठा नक्षत्र में इंद्र और बुध की पूजा बुद्धि देती है। दोपहर 01:43 के बाद जब मूल नक्षत्र लगे, तो किसी भी प्रकार की जड़ी-बूटी या औषधि का सेवन शुरू करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। गंडान्त दोष के शमन के लिए आज विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करें।

दिन का चौघड़िया – 12 फरवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

  • आज गुरुवार है, इसलिए दिन की शुरुआत शुभ चौघड़िया से हो रही है।
  • सूर्योदय के समय शुभ चौघड़िया और ज्येष्ठा नक्षत्र का होना ज्ञान प्राप्ति और गुरु पूजा के लिए श्रेष्ठ है। 12:25 तक दशमी तिथि होने के कारण यह समय धर्म-कर्म के लिए बहुत अच्छा है।
  • रोग चौघड़िया इस समय ज्येष्ठा नक्षत्र की 'कठोरता' और रोग चौघड़िया का मिलन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। आलस्य त्यागें और विवादों से दूर रहें।
  • उद्वेग चौघड़िया मन में चिंता हो सकती है। ज्येष्ठा नक्षत्र में मानसिक तनाव बढ़ सकता है। सरकारी कार्यों में सावधानी बरतें।
  • चल चौघड़िया इसी चौघड़िया के अंत में दशमी समाप्त होकर एकादशी लग जाएगी। यात्रा और सामान्य कार्यों के लिए यह समय ठीक है। एकादशी लगते ही सात्विकता अपनाएं।
  • लाभ चौघड़िया ये अत्यंत संवेदनशील समय है यह समय लाभ चौघड़िया का है, लेकिन दोपहर 01:43 बजे ज्येष्ठा से मूल नक्षत्र का परिवर्तन हो रहा है। साथ ही गुरुवार को दोपहर 01:30 बजे से राहुकाल शुरू हो जाता है।12:26 से 01:30 बजे तक का समय वित्तीय कार्यों के लिए ठीक है, लेकिन 01:30 बजे के बाद राहुकाल और गंडान्त दोष के कारण कोई भी शुभ कार्य न करें।
  • अमृत चौघड़िया यद्यपि यह अमृत चौघड़िया है, लेकिन गुरुवार को 03:00 बजे तक राहुकाल रहता है। इसलिए 03:00 बजे तक किसी भी शुभ कार्य से बचें। 03:00 बजे के बाद मूल नक्षत्र की ऊर्जा में पूजा-पाठ किया जा सकता है।
  • काल चौघड़िया में मूल नक्ष और काल चौघड़िया का मिलन शुभ नहीं है। इस समय वाहन सावधानी से चलाएं और दक्षिण दिशा की यात्रा न करें।
  • शुभ चौघड़िया में दिन का समापन शुभ चौघड़िया से होगा। एकादशी की शाम तुलसी पूजन और विष्णु आरती के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है।

 

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
शुभ                                            06:46 बजे से 08:11 बजे तक
रोग  08:11 बजे से 09:36 बजे तक
उद्वेग  09:36 बजे से 11:01 बजे तक
चल  11:01 बजे से 12:26 बजे तक
लाभ  12:26 बजे से 01:51 बजे तक
अमृत 01:51 बजे से 03:16 बजे तक
काल  03:16 बजे से 04:41 बजे तक
शुभ  04:41 बजे से 06:06 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • एकादशी की रात और मूल नक्षत्र का प्रभाव आध्यात्मिक उत्थान के लिए बहुत शक्तिशाली है।
  • अमृत चौघड़िया यह सूर्यास्त के बाद अमृत योग का होना एकादशी व्रत के नियमों के पालन और भजन-कीर्तन के लिए अद्भुत है। मूल नक्षत्र की जड़ता को यह समय सकारात्मकता में बदल देगा।
  • चल चौघड़िया यह सामान्य समय है रात्रि भोजन और परिवार के साथ समय बिताने के लिए ठीक है।
  • रोग चौघड़िया इस समय स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मूल नक्षत्र में पेट या पैरों में दर्द हो सकता है।
  • काल चौघड़िया में नकारात्मक ऊर्जा से बचें। व्यर्थ की बातों में समय न गंवाएं।
  • लाभ चौघड़िया यह समय मंत्र सिद्धि और गूढ़ विद्याओं के अध्ययन के लिए बहुत अच्छा है। मूल नक्षत्र जड़ तक जाने में मदद करता है।
  • उद्वेग चौघड़िया इस समय मन में अशांति हो सकती है। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें।
  • शुभ चौघड़िया यह समय ध्यान और योग के लिए उत्तम है। विजया एकादशी के व्रत का मानसिक संकल्प दोहराने के लिए यह समय चुनें।
  • अमृत चौघड़िया ये समय अगले दिन की भोर अमृत चौघड़िया से होगी, जो द्वादशी और विजया एकादशी के व्रत के लिए अत्यंत मंगलकारी है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम                    समय
अमृत                                             06:06 बजे से 07:41 बजे तक                                                 
चल 07:41 बजे से 09:16 बजे तक
रोग 09:16 बजे से 10:51 बजे तक
काल  10:51 बजे से 12:26 बजे तक
लाभ  12:26 बजे से 02:01 बजे तक
उद्वेग 02:01 बजे से 03:36 बजे तक
शुभ  03:36 बजे से 05:11 बजे तक
अमृत  05:11 बजे से 06:46 बजे तक

 

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Images: Shutterstock.com   

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