
आज का दिन बहुत संवेदनशील है। दोपहर 01:43 बजे जब ज्येष्ठा समाप्त होगा और मूल शुरू होगा, तो इसे गंडान्त कहा जाता है। यह समय नई शुरुआत के लिए शुभ नहीं माना जाता। साथ ही, दोनों नक्षत्र ज्येष्ठा और मूल गंडमूल श्रेणी में आते हैं। इसलिए आज का दिन पूजा-पाठ और मानसिक शांति के लिए तो उत्तम है, लेकिन बड़े भौतिक कार्यों जैसे गृह प्रवेश, शादी की बात पक्की करना के लिए सतर्कता बरतने वाला है।
आज गुरुवार और दशमी-एकादशी का संगम है। दोपहर 12:25 के बाद एकादशी लगने से भगवान विष्णु की आराधना का महत्व बढ़ जाता है। ज्येष्ठा नक्षत्र में इंद्र और बुध की पूजा बुद्धि देती है। दोपहर 01:43 के बाद जब मूल नक्षत्र लगे, तो किसी भी प्रकार की जड़ी-बूटी या औषधि का सेवन शुरू करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। गंडान्त दोष के शमन के लिए आज विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करें।
| मुहूर्त का नाम | समय |
| शुभ | 06:46 बजे से 08:11 बजे तक |
| रोग | 08:11 बजे से 09:36 बजे तक |
| उद्वेग | 09:36 बजे से 11:01 बजे तक |
| चल | 11:01 बजे से 12:26 बजे तक |
| लाभ | 12:26 बजे से 01:51 बजे तक |
| अमृत | 01:51 बजे से 03:16 बजे तक |
| काल | 03:16 बजे से 04:41 बजे तक |
| शुभ | 04:41 बजे से 06:06 बजे तक |
| मुहूर्त का नाम | समय |
| अमृत | 06:06 बजे से 07:41 बजे तक |
| चल | 07:41 बजे से 09:16 बजे तक |
| रोग | 09:16 बजे से 10:51 बजे तक |
| काल | 10:51 बजे से 12:26 बजे तक |
| लाभ | 12:26 बजे से 02:01 बजे तक |
| उद्वेग | 02:01 बजे से 03:36 बजे तक |
| शुभ | 03:36 बजे से 05:11 बजे तक |
| अमृत | 05:11 बजे से 06:46 बजे तक |
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