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Aaj Ka Choghadiya 24 January: मन्दार षष्ठी, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और शिव योग में करें विशेष पूजा, यहां जानें चौघड़िया मुहूर्त

शिव योग में विशेष पूजा का काफी महत्व होता है। इसे करवाने से आपके सभी रास्ते खुल जाते हैं। ऐसे में आप चौघड़िया मुहूर्त को देखकर इसे करा सकती हैं।
Editorial
Updated:- 2026-01-24, 07:30 IST

24 जनवरी 2026 आज शनिवार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस तिथि को मन्दार षष्ठी या शीतला षष्ठी के रूप में भी जाना जाता है। आज गुप्त नवरात्रि का छठा दिन है, जो शक्ति साधना के लिए विशेष महत्वपूर्ण है। शनिवार का दिन कर्मफल दाता शनिदेव का है। आज उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का गहरा प्रभाव रहेगा। यह नक्षत्र शनिदेव द्वारा ही शासित है, और आज शनिवार भी है। यह संयोग शनि में शनि का प्रभाव बना रहा है, जो अनुशासन, न्याय और गहरी सोच को दर्शाता है। उत्तर भाद्रपद का अर्थ है सुंदर बायां पैर या बाद के शुभ पैर, जो स्थिरता और मोक्ष का प्रतीक है। साथ ही आज शिव योग बन रहा है, जो बहुत ही कल्याणकारी है। शनि के प्रभाव को शिव योग शांत और संतुलित करेगा, जिससे आज किए गए कार्यों में स्थिरता और शुभता दोनों मिलेगी।

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आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

आज का दिन शनिदेव और भगवान शिव की संयुक्त उपासना के लिए दुर्लभ है। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र अहिर्बुध्न्य देवता से जुड़ा है, जो कुंडलिनी शक्ति का प्रतीक है। इसलिए गुप्त नवरात्रि में आज की गई ध्यान साधना सीधे मूलाधार चक्र को प्रभावित करती है। आज के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और सुंदरकांड का पाठ करना शनि की साढ़ेसाती और ढैया के कष्टों को दूर करने के लिए अच्छा उपाय है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम  समय
काल 06:53 बजे से 08:14 बजे तक
शुभ 08:14 बजे से 09:35 बजे तक
रोग 09:35 बजे से 10:56 बजे तक
उद्वेग 10:56 बजे से 12:17 बजे तक
चल  12:17 बजे से 01:38 बजे तक
लाभ 01:38 बजे से 02:59 बजे तक
अमृत 02:59 बजे से 04:20 बजे तक
काल 04:20 बजे से 05:41 बजे तक

दिन का चौघड़िया -24 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

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  • आज शनिवार है, इसलिए दिन की शुरुआत काल चौघड़िया से हो रही है।
  • शनिवार की सुबह काल चौघड़िया से शुरू होना कार्यों में विलंब का संकेत है। इस समय कोई भी नया काम, यात्रा या शुभ कार्य शुरू न करें। इस समय केवल नियमित दिनचर्या और योग-प्राणायाम करें। इसके बाद शुभ चौघड़िया आएगा।
  • शुभ चौघड़िया सुबह का यह समय पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए उत्तम है। शिव योग के प्रभाव से इस समय की गई प्रार्थना मन को शांति देगी।
  • मध्य सुबह में रोग और उद्वेग चौघड़िया रहेंगे। यह समय थोड़ा कठिन हो सकता है।
  • रोग चौघड़िया शरीर में आलस्य या पुरानी बीमारी का दर्द उभर सकता है।
  • उद्वेग चौघड़िया शनि के नक्षत्र और उद्वेग का मिलना मन में बैचेनी पैदा कर सकता है। सरकारी कार्यों में अड़चनें आ सकती हैं। धैर्य बनाए रखें।
  • दोपहर में चल चौघड़िया आएगा।
  • चल चौघड़िया यह समय स्थिति को सामान्य करेगा। रुके हुए कार्यों को फिर से गति देने के लिए यह समय ठीक है।
  • दोपहर बाद लाभ और अमृत चौघड़िया का समय आएगा। यह शनिवार का सबसे श्रेष्ठ समय है।
  • लाभ चौघड़िया में व्यापारिक लाभ, लोहे या मशीनरी से जुड़े कार्य और इन्वेस्ट के लिए यह समय बहुत शुभ है। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र इस समय लॉन्ग टर्म प्लानिंग के लिए बुद्धि प्रदान करेगा।
  • अमृत चौघड़िया यह दिन का सबसे पवित्र समय। गुप्त नवरात्रि की साधना, शनि शांति पूजा या किसी बड़े निर्णय के लिए यह समय चुनें।
  • दिन के अंत में काल चौघड़िया से समापन होगा।
  • काल चौघड़िया शाम ढलने से पहले सतर्क हो जाएं। इस समय वाहन सावधानी से चलाएं और विवादों से दूर रहें।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम  समय
लाभ 05:41 बजे से 07:20 बजे तक
उद्वेग 07:20 बजे से 08:59 बजे तक
शुभ 08:59 बजे से 10:38 बजे तक
अमृत 10:38 बजे से 12:17 बजे तक
चल 12:17 बजे से 01:56 बजे तक
रोग 01:56 बजे से 03:35 बजे तक
काल 03:35 बजे से 05:14 बजे तक
लाभ 05:14 बजे से 06:53 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

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  • आज शनिवार की रात गुप्त नवरात्रि की तांत्रिक पूजा और शनि साधना के लिए विशेष है।
  • शाम की शुरुआत लाभ चौघड़िया से होगी।
  • लाभ चौघड़िया सूर्यास्त के बाद का यह समय बहुत शुभ है। शनि मंदिर में दीपक जलाने, हनुमान चालीसा पढ़ने और व्यापारिक लेखा-जोखा देखने के लिए यह समय उत्तम है। इसके बाद उद्वेग चौघड़िया आएगा।
  • उद्वेग चौघड़िया इस समय मन में डर चिंता हो सकती है। इस समय परिवार के साथ रहें। रात्रि के मध्य में शुभ और अमृत चौघड़िया का दिव्य संयोग बनेगा।
  • शुभ चौघड़िया यह समय शांतिपूर्ण कार्यों और अध्ययन के लिए बहुत अच्छा है।
  • अमृत चौघड़िया गुप्त नवरात्रि की निशिता पूजा और मंत्र सिद्धि के लिए यह रात का सबसे शक्तिशाली समय है। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र की गहराई इस समय समाधि और ध्यान में बहुत मदद करती है। देर रात चल चौघड़िया रहेगा।
  • चल चौघड़िया यह एक रात्रि का सामान्य समय है। इसके बाद रोग और काल चौघड़िया आएंगे।
  • रोग चौघड़िया इस समय पर विश्राम करें। साथ ही साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
  • काल चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त से पहले का यह समय तंत्र क्रियाओं के लिए होता है, सामान्य जन के लिए यह समय वर्जित है।
  • सुबह लाभ चौघड़िया के साथ नए दिन का शुरुवात होगा।
  • लाभ चौघड़िया सूर्योदय से पहले यह समय सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगा। इस समय पर भानु सप्तमी की तैयारी के लिए यह समय श्रेष्ठ है।

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Image Credit-Freepik

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