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Aaj Ka Choghadiya 22 January: विनायक चतुर्थी के दिन करवाना है घर में हवन, तो जानें सही चौघड़िया मुहूर्त

विनायक चतुर्थी के दिन करवाना है घर में हवन करवाने के बारे में सोच रही हैं, तो इसके लिए पंडित जी के बताए गए चौघड़िया मुहूर्त का ध्यान रखें, ताकि आपके सही काम किसी भी विघ्न के पूरे हो सके।
Editorial
Updated:- 2026-01-22, 07:30 IST

22 जनवरी 2026 आज गुरुवार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे विनायक चतुर्थी कहा जाता है। आज गुप्त नवरात्रि का चौथा दिन है, जो दस महाविद्याओं में से मां भुवनेश्वरी की साधना को समर्पित है। गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और श्री हरि विष्णु का है। आज शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। शतभिषा का अर्थ है सौ चिकित्सक या सौ तारे। यह नक्षत्र राहु द्वारा शासित है और इसे हीलिंग और सीक्रेट मिस्ट्रीज का नक्षत्र माना जाता है। आज वरीयान योग भी बन रहा है, जो सुख, समृद्धि और कार्यों में सफलता प्रदान करता है। विनायक चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा और शतभिषा नक्षत्र का संयोग आज पुरानी बीमारियों और कठिन समस्याओं के निवारण के लिए अत्यंत शुभ है।

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आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

आज विनायक चतुर्थी है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा अनिवार्य है। गुप्त नवरात्रि में मां भुवनेश्वरी की साधना व्यक्ति को सम्मोहन शक्ति और राजयोग प्रदान करती है। शतभिषा नक्षत्र होने के कारण आज नई मेडिसिन शुरू करना या किसी रोग का इलाज करवाना अमृत समान फल देता है। गुरुवार को केले के वृक्ष की पूजा और पीली वस्तुओं का दान गुरु ग्रह को प्रबल करता है।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम  समय
शुभ 06:53 बजे से 08:14 बजे तक
रोग 08:14 बजे से 09:35 बजे तक
उद्वेग  09:35 बजे से 10:56 बजे तक
चल 10:56 बजे से 12:17 बजे तक
लाभ 12:17 बजे से 01:38 बजे तक
अमृत 01:38 बजे से 02:59 बजे तक
काल 02:59 बजे से 04:20 बजे तक
शुभ 04:20 बजे से 05:41 बजे तक

दिन का चौघड़िया-22 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

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  • आज गुरुवार है, इसलिए दिन की शुरुआत शुभ चौघड़िया से हो रही है। यह विनायक चतुर्थी की पूजा के लिए बहुत सुंदर मुहूर्त है।
  • सूर्योदय के समय शुभ चौघड़िया का होना दिन भर के लिए पॉजिटिव एनर्जी देता है। गणेश पूजन, मंदिर दर्शन और दान के लिए यह समय उत्तम है। इसके बाद रोग और उद्वेग चौघड़िया आएंगे।
  • रोग चौघड़िया इस समय आलस्य महसूस हो सकता है। स्वास्थ्य के मामलों में लापरवाही बिलकुल न बरतें।
  • उद्वेग चौघड़िया राहु के नक्षत्र शतभिषा और उद्वेग का संयोग मन में भ्रम पैदा कर सकता है। इस समय सरकारी कार्यों में अड़चनें आ सकती हैं। इस समय शांत रहें। मध्य सुबह में चल चौघड़िया स्थिति को सामान्य करेगा।
  • चल चौघड़िया यह समय यात्रा और रोजमर्रा के कामों के लिए सबसे ठीक है। दोपहर का समय लाभ और अमृत चौघड़िया के रूप में आज का गोल्डन टाइम है।
  • लाभ चौघड़िया यह समय व्यापारिक लेन-देन, खाता-बही लिखने और इन्वेस्टमेंट के लिए श्रेष्ठ है। वरीयान योग का लाभ इसी समय मिलेगा।
  • गुरुवार को अमृत चौघड़िया अत्यंत बलवान होता है। विनायक चतुर्थी की विशेष पूजा, गुप्त नवरात्रि की साधना या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है। दोपहर बाद काल चौघड़िया आएगा।
  • काल चौघड़िया में गुरुवार को दोपहर बाद राहुकाल का साया रहता है और यहां काल चौघड़िया भी है। अतः इस समय पूरी तरह सतर्क रहें। कोई भी रिस्क न लें।
  • दिन के अंत में शुभ चौघड़िया समापन करेगा।
  • शुभ चौघड़िया शाम का समय परिवार के साथ समय बिताने और मांगलिक चर्चा के लिए अच्छा है।

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
अमृत 05:41 बजे से 07:20 बजे तक
चल 07:20 बजे से 08:59 बजे तक
रोग 08:59 बजे से 10:38 बजे तक
काल 10:38 बजे से 12:17 बजे तक
लाभ 12:17 बजे से 01:56 बजे तक
उद्वेग 01:56 बजे से 03:35 बजे तक
शुभ 03:35 बजे से 05:14 बजे तक
अमृत 05:14 बजे से 06:53 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

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  • शाम की शुरुआत अमृत चौघड़िया से होगी।
  • अमृत चौघड़िया विनायक चतुर्थी की शाम को संध्या आरती के लिए यह समय अद्भुत है। गुप्त नवरात्रि की देवी पूजा इसी समय करें। इसके बाद चल चौघड़िया आएगा।
  • चल चौघड़िया यह एक सामान्य समय है जिसमे दैनिक गतिविधियां, भोजन और विश्राम अति शुभ है। रात्रि के मध्य में रोग और काल चौघड़िया रहेंगे।
  • रोग चौघड़िया में शतभिषा नक्षत्र में इस समय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
  • काल चौघड़िया यह समय नेगेटिव एनर्जी का हो सकता है। इस समय एकांत में न जाएं। देर रात लाभ चौघड़िया आएगा।
  • लाभ चौघड़िया यह समय निशिता पूजा और रिसर्च के कार्यों के लिए उत्तम है। शतभिषा नक्षत्र रहस्यों को खोजने में मदद करता है। ब्रह्म मुहूर्त की ओर बढ़ते हुए उद्वेग चौघड़िया रहेगा।
  • उद्वेग चौघड़िया यह भ्रम पैदा करने वाला है इस समय नींद में खलल या बुरे सपने आ सकते हैं।
  • सुबह सूर्योदय से पहले शुभ और अमृत चौघड़िया का दिव्य संयोग बनेगा।
  • शुभ चौघड़िया ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान और मंत्र जाप के लिए उत्तम।
  • अमृत चौघड़िया अगले दिन की पॉजिटिव शुरुआत के लिए यह समय श्रेष्ठ है।

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Image Credit- Freepik

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