aaj ka choghadiya

Aaj Ka Choghadiya 12 January 2026: सोमवार के दिन इस शुभ योग में करें शिव पूजन, देखें आज का चौघड़ियां मुहूर्त

सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव को समर्पित होता है। चंद्रमा हमारे मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक है। आज नवमी तिथि है, जिसे शास्त्रों में रिक्ता तिथि कहा जाता है।
Editorial
Updated:- 2026-01-12, 11:08 IST

12 जनवरी 2026 आज सोमवार, कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, स्वाति नक्षत्र और धृति योग का संयोग बन रहा है। यह दिन ज्योतिषीय और व्यावहारिक दोनों ही नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव को समर्पित होता है। चंद्रमा हमारे मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक है। आज नवमी तिथि है, जिसे शास्त्रों में रिक्ता तिथि कहा जाता है। इसका अर्थ है कि आज के दिन नए बड़े कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए, लेकिन यह तिथि पुराने विवादों को निपटाने, सफाई अभियान, या किसी बुरी आदत को छोड़ने के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। आज स्वाति नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु है और इसके देवता वायु हैं। स्वाति नक्षत्र स्वतंत्रता, लचीलापन और संतुलन का प्रतीक है। जैसे हवा का झोंका कहीं भी जा सकता है, वैसे ही आज का दिन गतिशीलता से भरा रहेगा। धृति योग जैसा कि नाम से पता चलता है, यह धैर्य और स्थिरता प्रदान करता है। आज चंद्रमा और स्वाति नक्षत्र की चंचलता को यह योग संतुलित करेगा। 

आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

सोमवार होने के कारण आज शिवालय में जाकर जलाभिषेक करना और ॐ नमः शिवाय का जाप करना मन की घबराहट को दूर करेगा। नवमी तिथि देवी दुर्गा की शक्ति का प्रतीक भी है, इसलिए आज शक्ति उपासना भी फलदायी है। स्वाति नक्षत्र ज्ञान और कला का भी कारक है, इसलिए आज के दिन विद्यार्थियों को माँ सरस्वती की वंदना अवश्य करनी चाहिए।

दिन के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम       समय
चल 06:53  बजे से 08:14 बजे तक
लाभ 08:14 बजे से 09:35 बजे त
अमृत 09:35  बजे से 10:56 बजे तक
काल  10:56 बजे से 12:17 बजे तक
शुभ  12:17  बजे से  01:38 बजे तक
रोग 01:38  बजे से 02:59 बजे तक
उद्वेग   02:59 बजे से 04:20  बजे तक
चल   04:20  बजे से 05:41  बजे तक

दिन का चौघड़िया- 12 जनवरी 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)

आज सोमवार है, इसलिए दिन का शुभारम्भ अमृत चौघड़िया से हो रहा है। यह एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग है कि सप्ताह की शुरुआत ही अमृत वेला से हो रही है। सुबह का यह समय किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, नए संकल्प, योग-प्राणायाम और विद्या आरंभ करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इस समय की गई प्रार्थना सीधे ईश्वर तक पहुँचती है।

इसके तुरंत बाद काल चौघड़िया का समय आएगा। शास्त्रों के अनुसार, काल चौघड़िया में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। इस समय मन में अज्ञात भय या काम में अड़चनें आ सकती हैं। इसलिए केवल नियमित कार्य ही करें, कोई नया रिस्क न लें।

मध्य सुबह में शुभ चौघड़िया रहेगा। यह समय बिगड़ी बात बनाने के लिए उत्तम है। अगर आप किसी से सलाह लेना चाहते हैं, विवाह की बात चलाना चाहते हैं या कोई रचनात्मक कार्य करना चाहते हैं, तो यह समय बहुत अनुकूल है। स्वाति नक्षत्र का प्रभाव इस समय आपके संचार कौशल को बेहतर बनाएगा।

दोपहर का समय रोग और उद्वेग चौघड़िया के साये में रहेगा। यह दिन का सबसे संवेदनशील समय है।

रोग चौघड़िया शारीरिक कष्ट या आलस्य दे सकता है, जबकि उद्वेग जो सूर्य का प्रभाव है मानसिक चिंता और सरकारी

रात के चौघड़िया समय

मुहूर्त का नाम समय
रोग  05:41  बजे से 07:20 बजे तक
काल 07:20  बजे से 08:59 बजे तक
लाभ 08:59  बजे से 10:38  बजे तक
उद्वेग  10:38  बजे से 12:17  बजे तक
शुभ 12:17  बजे से 01:56  बजे तक
अमृत  01:56  बजे से 03:35  बजे तक
चल 03:35  बजे से 05:14 बजे तक
रोग 05:14 बजे से 06:53 बजे तक

रात का चौघड़िया – (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)

  • शाम सूर्यास्त के बाद की शुरुआत चल चौघड़िया से होगी। सोमवार की शाम का यह समय सामान्य रूप से ठीक है। यदि आप कहीं यात्रा कर रहे हैं या किसी से मिलने जा रहे हैं, तो यह समय बाधा रहित रहेगा।

  • इसके बाद रात्रि के प्रथम प्रहर में रोग और काल चौघड़िया का समय आएगा। यह समय सतर्कता की मांग करता है। इस समय वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। पारिवारिक कलह से बचने के लिए मौन रहना ही बेहतर है। इस समय भोजन हल्का करें ताकि स्वास्थ्य प्रभावित न हो।

  • मध्य रात्रि के आसपास लाभ चौघड़िया आएगा। जो लोग रात्रि में काम करते हैं विद्यार्थी हैं या शोध कार्य में लगे हैं, उनके लिए यह समय बहुत उपयोगी रहेगा। इस समय दिमाग शांत और एकाग्र रहता है।

  • देर रात उद्वेग चौघड़िया मन में बेचैनी पैदा कर सकता है। इस समय सोने का प्रयास करें और मोबाइल या टीवी से दूर रहें, अन्यथा नींद आने में समस्या हो सकती है।

  • ब्रह्म मुहूर्त और सुबह होने से पहले शुभ और अमृत चौघड़िया का अद्भुत संयोग बनेगा। सुबह तक का समय तांत्रिक साधना, ध्यान, मंत्र जप और पढ़ाई के लिए अलौकिक है। माना जाता है कि इस समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा अपने चरम पर होती है और स्वाति नक्षत्र की वायु शक्ति इस समय प्राण-वायु को पुष्ट करती है।
    अगले दिन की सुबह चल चौघड़िया के साथ होगी, जो दिनचर्या को गति प्रदान करेगी।

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Image Credit-Freepik

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